
MP News: पन्ना जिले के सरकोहा गांव में सात गरीब मजदूरों की किस्मत रातो-रात बदल गई, जब उन्हें खेत की खदान से 16.96 कैरेट का अत्यंत दुर्लभ 'जेम क्वालिटी' का हीरा मिला। बारिश के दौरान खदान की चाल का जायजा लेने पहुंचे पट्टा धारक अखिलेश पाल की नजर जब मिट्टी के बीच चमचमाते इस रत्न पर पड़ी, तो मजदूरों के सालों के संघर्ष का अंत हो गया। इस हीरे की अनुमानित कीमत 50 लाख से अधिक आंकी जा रही है.
आर्थिक तंगी के चलते 30 से 45 वर्ष की उम्र तक अविवाहित रहे तीन साथियों संतोष कुशवाह, सरमन पाल और अरुण उर्फ मोनू का घर अब जल्द बसेगा. इन कुंवारे लोगों की शादी अभी तक आर्थिक तंगी के चलते नहीं हो पा रही थी. नियम के मुताबिक सरकारी नीलामी से मिलने वाली पूरी राशि सातों पार्टनर के बीच बराबर-बराबर बांटी जाएगी.
हीरा पाने वालों को उम्मीद है कि अब पैसे की तंगी दूर होगी और कोई एक अदद लड़की उनकी जिंदगी में आएगी. हीरे को शासकीय हीरा कार्यालय पन्ना में जमा करवा दिया गया है, जहां से नीलामी के बाद रॉयल्टी काटकर बाकी रकम सीधे मजदूरों के खातों में भेजी जाएगी.
हीरा धारक संतोष कुशवाह ने बताया कि हीरा मिलने से बहुत खुशी है. इस पैसे से हम अपने ब्याह करेंगे और शेष राशि से हीरा खोदने का काम करेंगे.

एक अन्य पार्टनर सरमन पाल ने बताया कि हीरा मिलने से बहुत-बहुत प्रसन्नता है. मन में लड्डू फूट रहे हैं. हम 45 साल के हो गए हैं. लेकिन गरीबी के कारण अभी तक हमारी शादी नहीं हुई थी. अब हमें विश्वास है कि हमारी शादी हो सकेगी.

खनिज और हीरा अधिकारी रवि पटेल के मुताबिक, खेत की खदान से 16.96 कैरेट का 'जेम क्वालिटी' का हीरा मिला है. हीरे को हीरा कार्यालय पन्ना में जमा करवा दिया गया है, जहां से नीलामी के बाद रॉयल्टी काटकर बाकी रकम सीधे मजदूरों के खातों में भेजी जाएगी.