Surya Grahan 2026: 12 अगस्त को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगेगा. यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जो कर्क राशि में स्थान लेगा. ज्योतिष में इस सूर्य ग्रहण को खास माना जाता है. इस दौरान कुछ समय के लिए चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक देगा. इससे दिन का उजाला अंधेरे की चादर ओढ़ लेगा. दिन में रात जैसे महसूस होने लगेगा. यह नजारा दुनिया के कुछ हिस्सों में ही दिखाई देगा. फरवरी 2026 में आंशिक सूर्य ग्रहण लगा था. लेकिन 12 अगस्त का पूर्ण ग्रहण लगने वाला है. आकाशीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर होगा. ज्योतिष गणना के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण चतुर्ग्रही योग के संयोग में लगने जा रहा है.
सूर्य ग्रहण का समय क्या है?
12 अगस्त का सूर्य ग्रहण रात 9:04 बजे से लेकर देर रात 1:27 बजे तक लगने वाला है. इस दौरान रात 10:28 बजे लेकर रात 12:04 बजे सूर्य ग्रहण अपने पीक पर होगा. इस बीच पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा रात करीब 11 बजकर 16 मिनट पर दिखाई देगा.
क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले शुरू माना जाता है. हालांकि 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है. इसलिए इसका सूतक काल भी यहां मान्य नहीं होगा.
चतुर्ग्रही योग में लग रहा सूर्य ग्रहण
साल का आखिरी सूर्य ग्रहण चतुर्ग्रही योग में लगने जा रहा है. यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि में लगेगा. संयोगवश कर्क राशि में एकसाथ चार ग्रह भी बैठे हुए हैं. 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण के दिन सूर्य, चंद्रमा, बुध और गुरु चारों ग्रह कर्क राशि में विराजमान रहने वाले हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि ऐसा दुर्लभ संयोग सालों बाद बना है.
कहां दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?
दुनिया के कुछ हिस्सों में इस सूर्य ग्रहण का नजारा दिखाई दे सकता है. इनमें ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस, यूरोप के अधिकांश देश, उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्से, उत्तरी अमेरिका के कुछ क्षेत्र, अटलांटिक महासागर के आस-पास का इलाका और आर्कटिक महासागर से यह पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा.
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें?
योग या ध्यान करें.
गायत्री मंत्र का जाप कर सकते हैं.
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान जरूर करें
जरूरतमंद लोगों की मदद या दान करें.
मोक्ष काल में सूर्य से जुड़ी चीजों का दान करें
सूर्य ग्रहण के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
बिना सुरक्षित सोलर फिल्टर के सूर्य को सीधे न देखें.
बेवजह की नकारात्मक बातें करने से बचें.
अगर संभव हो तो बहुत बड़े फैसले ग्रहण के समय न लें.
ज्यादा चिंता या तनाव से दूर रहें.
गर्भवती महिलाएं चाकू, धारदार या नुकीली चीजों का प्रयोग करने से बचें.