पंजाब के मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि श्री हरगोबिंदपुर से एक और सनसनीखेज घटना सामने आई है. श्री हरगोबिंदपुर के गांव माड़ी पन्नवां में ड्रग बेचने का विरोध करने पर कुछ लोगों ने धारदार हथियारों से तीन लोगों पर हमला कर दिया.
इस हमले में 40 वर्षीय बिक्रमजीत सिंह की मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है.
बता दें, कुछ दिन पहले मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर हुए विवाद के दौरान एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा को गोली मार दी गई थी. परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता थे. वह मेडिकल स्टोरों पर कथित तौर पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे. सोशल मीडिया के जरिए भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया और स्थानीय स्तर पर पहचान बनाई. वे पंजाब के मानसा जिले के रहने वाले थे.
गोली लगने के बाद झोटा को अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के समय वह कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर दुकानदार से सवाल कर रहे थे. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. हत्या के बाद पंजाब में नशे के कारोबार और उसके खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है.