परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता थे. वह मेडिकल स्टोरों पर कथित तौर पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे. सोशल मीडिया के जरिए भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया और स्थानीय स्तर पर पहचान बनाई. वे पंजाब के मानसा जिले के रहने वाले थे.
13 अक्टूबर 2026 को मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर हुए विवाद के दौरान परविंदर सिंह झोटा को गोली मार दी गई. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के समय वह कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर दुकानदार से सवाल कर रहे थे. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. उनकी हत्या के बाद पंजाब में नशे के कारोबार और उसके खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई.
परविंदर सिंह झोटा का नाम वर्ष 2023 में चर्चा में आया था. उस समय उन्होंने अपने साथियों के साथ एक मेडिकल स्टोर संचालक पर प्रतिबंधित दवाएं बेचने का आरोप लगाया था. इस मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की थी. झोटा को गिरफ्तार भी किया गया था और करीब दो महीने बाद वह रिहा हुए थे. इस घटना के बाद नशे के खिलाफ उनके अभियान और सोशल मीडिया पर साझा किए जाने वाले वीडियो को लेकर उनकी पहचान बढ़ी.
झोटा मानसा और पंजाब के मालवा क्षेत्र में नशे के खिलाफ सक्रिय थे. वह उन मेडिकल स्टोरों के संचालकों से सवाल करते थे, जिन पर नशीली दवाएं बेचने का संदेह होता था. वह इन घटनाओं के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करते थे और पुलिस से कार्रवाई की मांग करते थे. उनके अभियान का मुख्य मुद्दा युवाओं में नशे की समस्या और प्रतिबंधित दवाओं की कथित अवैध बिक्री था.
पंजाब में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की गोली मार कर हत्या कर दी गई. परविंदर झोटा के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या पंजाब सरकार और मानसा के एमएलए विजय सिंगला से समर्थन प्राप्त ड्रग पेडलर्स ने की है.
पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी गई. इससे पहले भी राम गोपाल, हरभगवान सिंह, जसवीर सिंह और मोहिंदर सिंह की हत्या के मामले सामने आए. जानिए इन मामलों की पूरी टाइमलाइन और जांच से जुड़ी अहम बातें.
पंजाब के मनसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने सरकार पर नशा नियंत्रण में विफलता का आरोप लगाया है.