संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है और शुरुआती तीन दिन हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं. लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ही सदनों में नीट पेपर लीक को लेकर गतिरोध बुधवार को भी जारी रहा. कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी. हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले 12, फिर दो बजे तक के लिए और अंत में दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. वहीं, राज्यसभा में भी हंगामे के कारण कार्यवाही पहले 12, फिर दो, फिर तीन बजे तक और बाद में दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी दलों से सदन चलने देने की अपील की. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सदन चलने देने की अपील करते हुए कहा कि सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने कहा कि जब चर्चा होती है, तो किसी नियम के तहत होती है और उसकी व्यवस्था बनानी पड़ती है. रिजिजू ने स्पीकर से यह आग्रह भी किया कि सभी दलों के फ्लोर लीडर्स से चर्चा कर नियम-समय सब तय करें.
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं, युवाओं के भविष्य के लिए सभी मिलकर इस पर सार्थक चर्चा करें. कांग्रेस की ओर से केसी वेणुगोपाल ने चर्चा की मांग दोहराई, वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि अगर यहां हमारी बात सुन ली जाती, तो हमें प्रधानमंत्री आवास नहीं जाना पड़ता. हम मजबूरी वहां गए थे. उन्होंने छात्रों के प्रोटेस्ट में हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए विस्तृत चर्चा की मांग की और कहा कि यह मुद्दा कांग्रेस या समाजवादी पार्टी का नहीं है. यह मुद्दा युवाओं और छात्रों के भविष्य का है.
अखिलेश ने सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों के हाथ तोड़े गए, सिर फोड़े गए और कपड़े फाड़े गए. क्या आप बेटियों के कपड़े फाड़ोगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बाहर बोल सकते हैं, तो सदन में आकर क्यों नहीं बोलते. प्रधानमंत्री युवाओं को लेकर बाहर बोल सकते हैं, तो सदन में क्यों नहीं बोल सकते. इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
कल्याण बनर्जी पूरे सत्र के लिए निलंबित
दोपहर दो बजे लोकसभा की कार्यवाही जब तीसरी बार शुरू हुई, चेयर पर डिप्टी स्पीकर पैनल के कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी आए. सदन में तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी की ओर से टीएमसी से बगावत करने वाली एक महिला सांसद पर अभद्र टिप्पणी का मुद्दा उठा. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही कल्याण बनर्जी को शेष सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे पारित कर दिया गया. कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि कल्याण बनर्जी सदन परिसर छोड़कर तुरंत चले जाएं.
राज्यसभा में खड़गे ने रखी इस्तीफे की शर्त
राज्यसभा की कार्यवाही जब दो बजे शुरू हुई, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने विपक्ष से सदन चलने देने की अपील की. नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा है.
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राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि हम चर्चा चाहते हैं, लेकिन पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिए बिना चर्चा नहीं होगी. चेयर से उपसभापति हरिवंश ने नियम 267 को लेकर चेयरमैन की रूलिंग पढ़कर सुनाई और कहा कि इसके तहत चर्चा रेयरेस्ट ऑफ रेयर सिचुएशन में ही हो सकती है. तिरुचि शिवा ने उपसभापति की रूलिंग को ही आधार बनाकर सवालिया लहजे में कहा कि रेयरेस्ट ऑफ द रेयर क्या है. इस पर तिरुचि शिवा को रोकते हुए उपसभापति ने सदन की कार्यवाही 3 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी.
खड़गे ने चेयर की रूलिंग को ही बना लिया आधार
शाम तीन बजे जब राज्यसभा की कार्यवाही चौथी बार शुरू हुई, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी चेयर की रूलिंग को ही आधार बनाकर सवाल उठा दिया. खड़गे ने भी तिरुचि शिवा की ही तरह कहा कि रेयरेस्ट ऑफ द रेयर केस में 267 लिया जाता है. इससे रेयरेस्ट केस क्या हो सकता है. इतने पर ही उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही 23 जुलाई, गुरुवार को 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
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काले कपड़ों में पहुंचे विपक्षी सांसद
विपक्षी दलों के सांसद बुधवार को काले कपड़ों में संसद पहुंचे. विपक्षी सदस्यों ने संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले भी संसद भवन परिसर में प्रोटेस्ट किया. कार्यवाही की शुरुआत से पहले ही विपक्षी दलों ने अपना रुख साफ कर दिया था कि वे दोनों सदनों में चर्चा से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं.