राजस्थान की राजधानी जयपुर में 27 वर्षीय महेश मीणा की मौत का मामला अब हत्या के आरोपों तक पहुंच गया है. महेश की मौत के करीब 12 दिन बाद उसके परिवार ने पत्नी कविता समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है. परिवार का आरोप है कि महेश की मौत सामान्य नहीं थी और उसकी पत्नी ने घटना को अलग तरीके से पेश किया. इस बीच सामने आए CCTV फुटेज और दो वीडियो ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.
परिजनों के मुताबिक, एक वीडियो में कविता यह कहते हुए सुनाई देती है, 'मैं तो फंस गई, अब घर वाले मुझे मार देंगे' दूसरे वीडियो में वह एक युवक के दोस्त से फोन पर बात करती नजर आती है. परिवार का दावा है कि इस बातचीत में कविता यह कहते हुए सुनाई देती है कि 'कितना छुपेगा, पकड़ा तो वो भी जाएगा.' दोनों वीडियो पुलिस को सौंपे जाने की बात कही गई है.
5 अगस्त को दवाई लेने निकले थे पति-पत्नी
परिवार के अनुसार, 5 अगस्त की सुबह महेश अपनी पत्नी कविता के साथ बाइक से दवाई लेने निकला था. दोनों जयपुर के बगरू क्षेत्र के बोराज इलाके की तरफ गए थे. परिवार को बताया गया कि दवाई लेने के बाद दोनों वापस लौट रहे थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं पहुंचे. करीब शाम 5 बजे महेश के छोटे भाई मनीष ने कविता के मोबाइल पर फोन किया. फोन कविता ने उठाया और जल्द घर पहुंचने की बात कही. कुछ समय बाद उसने मनीष को बताया कि महेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और वह विश्वकर्मा इलाके में 14 नंबर पुलिया के पास आकर उसे ले जाए. मनीष अपनी बहन संतोष के साथ मौके पर पहुंचा. वहां महेश सड़क किनारे बेसुध हालत में मिला. परिवार उसे अस्पताल लेकर गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
पत्नी ने बताई थी ये कहानी
परिवार के मुताबिक, कविता ने बताया कि श्याम नगर के 200 फीट चौराहे के पास महेश की तबीयत अचानक खराब हुई थी. वह बेहोश हो गया था. कविता का दावा था कि उसने बाइक खुद चलाकर महेश को संभालते हुए आगे ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई. इसके बाद उसने महेश को 14 नंबर पुलिया के पास सड़क किनारे लिटा दिया. शुरुआत में परिवार ने इस घटना को संदिग्ध मानते हुए सवाल जरूर उठाए, लेकिन बाद में मामला और गंभीर हो गया.
पिता ने खुद खंगाले CCTV कैमरे
महेश के पिता बाबूलाल मीणा को बेटे की मौत की परिस्थितियां संतोषजनक नहीं लगीं. उन्होंने परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. परिवार का दावा है कि CCTV फुटेज में घटनाक्रम वैसा नहीं दिखा जैसा कविता ने बताया था. इसी फुटेज ने मामले में एक नया सवाल खड़ा कर दिया. परिजनों के मुताबिक, महेश को कविता अकेले बाइक पर नहीं ला रही थी. CCTV में कथित तौर पर दो बाइकों पर तीन युवक दिखाई दिए. परिवार का दावा है कि एक बाइक पर कविता किसी युवक के साथ पीछे बैठी नजर आई, जबकि दूसरी बाइक पर दो युवक महेश को बीच में बैठाकर ले जाते दिखाई दिए. यही फुटेज अब इस मामले की जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है.
तीन युवकों के नाम भी सामने आए
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, CCTV फुटेज के आधार पर गणेश, अजय मीणा और गोलू प्रजापत नाम सामने आए हैं. महेश के पिता ने आरोप लगाया है कि इन लोगों की भूमिका उनके बेटे की मौत में हो सकती है. इसी आधार पर 16 अगस्त को विश्वकर्मा थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया. FIR में महेश की पत्नी कविता के अलावा गणेश, अजय मीणा और गोलू प्रजापत के नाम शामिल किए गए हैं. परिवार ने आरोप लगाया है कि कविता और गणेश के बीच लंबे समय से संबंध थे. उनका दावा है कि शादी के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
मैं तो फंस गई वाले Video ने बढ़ाया शक
इस केस में सबसे ज्यादा चर्चा दो वीडियो की हो रही है. परिवार का दावा है कि एक वीडियो में कविता महेश की मौत को लेकर बातचीत के दौरान कहती सुनाई देती है, मैं तो फंस गई, अब घर वाले मुझे मार देंगे. परिजनों के मुताबिक, दूसरे वीडियो में कविता एक युवक के दोस्त से फोन पर बात करती दिखाई देती है. इसमें वह कहती है, कितना छुपेगा, पकड़ा तो वो भी जाएगा. परिवार ने दोनों वीडियो पुलिस को सौंपे हैं. अब जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना होगा कि वीडियो कब बनाए गए, किस परिस्थिति में बनाए गए और उसमें कही गई बातों का वास्तविक संदर्भ क्या है.
हरिद्वार में अस्थियां विसर्जित करने भी गई थी पत्नी
महेश की मौत के बाद परिवार की ओर से अंतिम संस्कार किया गया. इसके बाद उसकी अस्थियों को विसर्जित करने के लिए परिवार के सदस्य हरिद्वार गए. परिजनों के मुताबिक, कविता भी उनके साथ गई थी. परिवार का आरोप है कि कविता ने इस दौरान खुद को दुखी पत्नी के रूप में पेश किया. बाद में जब CCTV फुटेज और वीडियो सामने आए तो परिजनों का शक और गहरा गया. परिवार का कहना है कि महेश की मौत के बाद कविता के व्यवहार को लेकर उन्हें पहले से संदेह था.
पुलिस किन सबूतों की जांच कर रही है
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल महेश की मौत की वास्तविक वजह का है. पुलिस CCTV फुटेज के अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, विसरा रिपोर्ट, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सकती है. जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि 5 अगस्त को महेश और कविता की गतिविधियां क्या थीं, दोनों किस-किस स्थान पर गए और किन लोगों से संपर्क में थे. CCTV में दिखाई देने वाले तीन युवकों की पहचान और घटना के समय उनकी मौजूदगी भी जांच का अहम हिस्सा है. इसके अलावा कथित वीडियो की तकनीकी जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया. वीडियो में कही गई बातों का पूरा संदर्भ सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसका मामले से क्या संबंध है.
प्राकृतिक मौत से हत्या के आरोप तक पहुंचा मामला
पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में महेश की मौत को प्राकृतिक कारणों से जुड़ा मानते हुए मर्ग दर्ज की गई थी. बाद में परिस्थितियों और सामने आए CCTV फुटेज के आधार पर संदेह बढ़ा. इसके बाद परिवार ने पत्नी समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया. डीसीपी प्रशांत किरण के अनुसार, मामले में शिकायत दर्ज कर जांच की जा रही है. संदिग्ध आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है.
अब जांच में इन सवालों के जवाब अहम
- महेश की मौत की वास्तविक वजह क्या थी.
- CCTV में दिखाई देने वाले तीन युवक की भूमिका क्या थी.
- दोनों वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाए गए.
- कविता और अन्य आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड से क्या सामने आता है.
-पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट क्या बताती है.