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यूपी में आज भी रेन अलर्ट! 13 जिलों के 173 गांव पहले से पानी में... 84 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. 13 जिलों के 173 गांव प्रभावित हैं और 84 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं. इसी बीच 19 से 23 अगस्त तक कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी होने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि प्रयागराज के कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है. राहत और बचाव के लिए टीमें लगातार तैनात हैं.

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प्रयागराज में लगातार भारी बारिश के बाद गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई निचले इलाकों में पानी भरा. (Photo: PTI)
प्रयागराज में लगातार भारी बारिश के बाद गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई निचले इलाकों में पानी भरा. (Photo: PTI)

उत्तर प्रदेश में बाढ़ का असर बढ़कर 13 जिलों के 173 गांवों तक पहुंच गया है. हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल राज्य में बाढ़ की स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है. प्रभावित इलाकों में जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, चिकित्सा सुविधा और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने का काम जारी है. इस बीच मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में 19 से 23 अगस्त तक अधिकतर जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.

बारिश के कारण बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्य प्रभावित हो सकता है और निचले इलाकों में जलस्तर के और बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है. स्टेट रिलीफ कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद के कार्यालय के अनुसार, बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गोंडा, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर और उन्नाव के कुछ इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं. इन जिलों में करीब 13,058 हेक्टेयर क्षेत्र और 84,362 लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं. गंगा, यमुना, सरयू और राप्ती जैसी प्रमुख नदियां पहले से ही उफान पर हैं.

मौसम विभाग ने 19 अगस्त को पूर्वी और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर और महोबा के आसपास बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है.वहीं फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, हमीरपुर और ललितपुर में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, झांसी और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज बारिश हालात बिगाड़ सकती है. यह सिलसिला 23 अगस्त तक जारी रहने का पूर्वानुमान है.

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वाराणसी में घाट जलमग्न, छतों पर शवदाह

वाराणसी में गंगा का जलस्तर महज 10 घंटे में करीब 42 सेंटीमीटर बढ़कर मंगलवार शाम छह बजे 67.14 मीटर पहुंच गया. खतरे का निशान 70.212 मीटर है. गंगा का पानी वाराणसी के घाटों और तटवर्ती क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा है. गंगा के सभी घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है. काशी विश्वनाथ मंदिर का गंगा नदी की ओर वाला गेट बंद कर दिया गया है. नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण नौकाओं के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है. विश्व प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पानी में डूब चुका है और यहां होने वाली शवदाह प्रक्रिया घाट किनारे स्थित भवनों के छतों पर पूरी की जा रही है. हरिश्चंद्र घाट का भी यही हाल है. दशाश्वमेध और शीतला घाट पर होने वाली गंगा आरती का स्थान बदलना पड़ा है. अब घाट किनारे स्थित भवनों की छत पर गंगा आरती हो रही है.

Due to the rising water level of the Ganges in Varanasi, the Ganga Aarti is being performed on the roof of Sheetala Ghat
वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण शीतला घाट की छत पर गंगा आरती हो रही. (Photo: PTI)

घुटने भर पानी में प्रयागराज के कई इलाके

वहीं प्रयागराज के निचले इलाकों में भी गंगा और यमुना का पानी घुस गया है. सीएमपी डिग्री कॉलेज से जॉर्जटाउन, संगम टंकी, वन विभाग कार्यालय के चारों तरफ पानी घुटने तक भरा है. अल्लापुर, न्यू सोहबतियाबाग, करेली गड्डा कॉलोनी, दरियाबाद, साउथ मलाका आजाद स्क्वायर, राजरूपपुर, कालिंदीपुरम, राजापुर, छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, शिवकुटी, दारागंज, तेलियरगंज और नैनी इलाकों में भी घुटने तक पानी भरा है. प्रयागराज के अलग-अलग इलाकों में 6 हजार से ज्यादा घर घुटनों तक पानी में हैं. जिलाधिकारी के निर्देश पर बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और संबंधित विभागों की टीमें संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रही हैं. गंगा और यमुना के जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी

रिलीफ कमिश्नर कार्यालय का कंट्रोल रूम सभी प्रभावित जिलों के प्रशासन के संपर्क में है और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है. 1070 हेल्पलाइन पर मिलने वाली शिकायतों और सूचनाओं पर भी तत्काल कार्रवाई की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 4,845 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है.

Aerial view of waterlogged residential areas and roads in Prayagraj following heavy rainfall.
प्रयागराज में भारी बारिश के बाद पानी से भरे रिहायशी इलाकों और सड़कों का एरियल व्यू. (Photo: PTI)

रिलीफ कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद ने मंगलवार को बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने जिलाधिकारियों को जरूरत के अनुसार प्रभावित लोगों को राहत शिविरों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए. साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, चिकित्सा सुविधा और जरूरी राहत सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा.

1,589 बाढ़ चौकियां और 1,263 शेल्टर कैंप तैयार

प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों के लिए राज्यभर में 1,589 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं. इसके अलावा 1,263 बाढ़ शेल्टर कैंप तैयार किए गए हैं. इनमें से 41 कैंप फिलहाल इस्तेमाल में हैं, जहां 1,045 लोग रह रहे हैं. प्रशासन को नदियों के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही नाव, मोटरबोट, बचाव दल और अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके.

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Railway tracks submerged at Rambagh railway station following heavy rain, in Prayagraj
प्रयागराज में भारी बारिश के बाद रामबाग रेलवे स्टेशन पर पानी में डूबे रेलवे ट्रैक. (Photo: PTI)

428 नाव-मोटरबोट और 1,101 गोताखोरों की तैनात

राहत और बचाव अभियान में 428 नाव और मोटरबोट के साथ 1,101 स्थानीय गोताखोर लगाए गए हैं. प्रभावित लोगों के बीच अब तक 15,238 राहत खाद्यान्न पैकेट और 30,316 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य में 16 एनडीआरएफ टीमें तैनात हैं. इसके अलावा अलग-अलग जिलों में एसडीआरएफ की टीमें भी राहत कार्यों में जुटी हैं. 52 जिलों में पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया है.

करोड़ों एसएमएस के जरिए भेजी गई मौसम चेतावनी

रिलीफ कमिश्नर कार्यालय के मुताबिक, मौसम विभाग की चेतावनियों को लोगों तक तेजी से पहुंचाने के लिए 1 अगस्त से 18 अगस्त 2026 के बीच 140.52 करोड़ एसएमएस अलर्ट भेजे गए. इसके अलावा बाढ़ और अन्य आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए भी लगातार साझा की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि प्रभावित जिलों में राहत, बचाव और निगरानी का काम लगातार जारी है. फिलहाल 13 जिलों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है.

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