भारत की संसद (Parliament of India), भारत गणराज्य का सर्वोच्च विधायी निकाय है. यह भारत के राष्ट्रपति और दो सदनों- राज्यसभा (Council of States) और लोकसभा (House of the People) से बना एक द्विसदनीय विधायिका है.
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा. इस सत्र में सरकार विदेशी अंशदान (FCRA) संशोधन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और MSME से जुड़े 5 नए विधेयक पेश कर सकती है.
राष्ट्रपति (President of India) को विधायिका के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका में संसद के किसी भी सदन को बुलाने और लोकसभा को भंग करने की पूरी शक्ति है. राष्ट्रपति इन शक्तियों का प्रयोग केवल प्रधानमंत्री और उनकी केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही कर सकता है.
संसद के किसी भी सदन में निर्वाचित या मनोनीत संसद सदस्य या सांसद (MP) कहलाते हैं. लोकसभा (Lok Sabha) की संसद के सदस्य एकल सदस्यीय जिलों में भारतीय जनता के मतदान द्वारा सीधे चुने जाते हैं और राज्यसभा (Rajya Sabha) के संसद सदस्यों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व द्वारा सभी राज्य विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा किया जाता है. संसद में लोकसभा में 543 (Seats of Lok Sabha) और राज्यसभा में 245 (Seats of Rajya Sabha) की स्वीकृत संख्या है, जिसमें साहित्य, कला, विज्ञान और समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों की विशेषज्ञता से 12 नामांकित व्यक्ति शामिल हैं. संसद नई दिल्ली में संसद भवन में मिलती है (Parliament in New Delhi).
जिस अवधि के दौरान सदन अपना कार्य करने के लिए बैठक करता है उसे सत्र (Session) कहा जाता है. संविधान राष्ट्रपति को प्रत्येक सदन को इस तरह के अंतराल पर बुलाने का अधिकार देता है कि दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए. इसलिए संसद को वर्ष में कम से कम दो बार अवश्य मिलना होता है. भारत में, संसद में हर साल तीन सत्र आयोजित किया जाता है, जिसमें मॉनसून सत्र जुलाई से अगस्त या सितंबर तक चलता है (Monsoon Session).
गुजरात विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन ही हंगामा हो गया है. कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के दौरान खड़े नहीं हुए और अपनी सीट पर ही बैठे रह गए. बीजेपी मंत्री प्रवीण माली ने इसे संसदीय परंपराओं और लोकतंत्र का अपमान बताया है.
लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर की शिकायत पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है. राहुल गांधी से 28 अगस्त 2026 तक जवाब मांगा गया है. शिकायत में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान असंसदीय और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल और गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाने का आरोप है.
पार्लियामेंट के मानसून सेशन में सबसे बड़ा मुद्दा स्टूडेंट्स और खासकर जेनजी का ही छाया रहा. दिल्ली के जंतर-मंतर के विवाद से लेकर झारखंड में स्टूडेंट प्रोटेस्ट तक, ऑपोजिशन ने सरकार से लगातार सवाल पूछे हैं. विपक्ष सरकार के खिलाफ संसद में विरोध कर रहे हैं और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहे हैं, तो अमित शाह ने अब इस पर अपना जवाब दिया और साफ किया कि हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं.
संसद का मानसून सत्र खत्म हो गया... लेकिन पीछे छोड़ गया हंगामा, स्थगन और करोड़ों के नुकसान का सवाल. 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चले सत्र में दोनों सदनों का तय समय के मुकाबले बेहद कम काम हो सका. PRS Legislative Research के आंकड़ों के आधार पर करीब 141 घंटे का निर्धारित समय काम में नहीं आ पाया.
मॉनसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को लोकसभा में पहली बार राष्ट्रगीत के सभी 6 स्टैंजा गाए गए. हालांकि, इस पूर्ण गायन को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. इस पर बने नए नियमों को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने तीखा हमला बोला.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सत्र के दौरान विपक्ष की एकजुटता का हवाला देते हुए पांच ऐसी बातों को गिनाया, जिनमें सरकार के कई अहम विधेयक आगे नहीं बढ़ सके या टल गए, और उन्होंने वन नेशन वन इलेक्शन से लेकर परिसीमन तक के मामलों का जिक्र किया.
संसद का मॉनसून सत्र इस बार भी बेहद हंगामेदार रहा. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार विपक्ष और सत्ता पक्ष के हंगामे की वजह से स्थगित करनी पड़ी. मॉनसून सत्र में सिर्फ 12 बिल ही पास हो सके हैं, जिसमें सिर्फ एक ही विधेयक पर चर्चा हो सकी है.
संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में खिलौना बंदर और टेडी लेकर प्रदर्शन किया. कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा की अगुवाई में सांसदों ने नारेबाजी करते हुए सरकार पर छात्रों के मुद्दे पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया. प्रदर्शन के दौरान '56 इंच का छोटा बंदर, जल्दी आओ सदन के अंदर' का नारा लगाया गया.
गुरुवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ. राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में अपनी रैली के मंच के 'शुद्धिकरण' की बात उठाई. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनकी रैली के मंच का बीजेपी के लोगों ने शुद्धिकरण किया. देखें वीडियो.
Parliament Monsoon Session Live Updates: गुरुवार को संसद के मॉनसून सत्र का अंतिम दिन था. हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. इसके बाद अब राज्यसभा भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है. गुरुवार को संसद परिसर में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर से जोरदार विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला.
संसद का मानसून सत्र नाटकीय घटनाक्रम और तीखी बहस के साथ समाप्त होने की ओर बढ़ रहा है. 20 जुलाई की घटना पर 24 घंटे की चर्चा के गृह मंत्री के प्रस्ताव को विपक्ष ने खारिज कर दिया. वहीं, एफसीआरए बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया गया है.
Parliament Monsoon Session Live Updates: संसद का मॉनसून सत्र अब तक हंगामों से भरा ही रहा है. आज सत्र का 18वां दिन है और आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में दो अहम बिल पेश करने वाले हैं. इससे पहले गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने FCRA बिल को JPC के पास भेजने का प्रस्ताव पेश किया.
जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़ी जांच समिति की रिपोर्ट बुधवार को संसद में पेश की गई. मार्च 2025 में उनके सरकारी आवास में आग लगने के बाद स्टोररूम से भारी नकदी मिलने का आरोप लगा था. जांच में उनका स्टोररूम पर नियंत्रण होना पाया गया. इसके बाद जुलाई 2025 में 200 से ज्यादा सांसदों ने उन्हें हटाने के प्रस्ताव पर दस्तखत किए थे. जस्टिस वर्मा ने बाद में इस्तीफा दे दिया था.
संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हो जाएगा, यह संत्र हंगामे और नारेबाजी के बीच गुजर गया. हालांकि, सरकार इस हंगामे में भी 19 बिल पास करा ले गई, लेकिन परिसीमन बिल और एफसीआरए के बिल पर सस्पेंस बना हुआ है.
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने छात्र आंदोलन, धार्मिक चढ़ावे की चोरी और एफसीआरए कानून जैसे संवेदनशील मुद्दे उठाए हैं, जिससे सरकार को जवाब देना पड़ रहा है. ये मुद्दे केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि आम जनता और लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं.
मॉनसून सत्र में अब मात्र केवल दो दिन बचे हैं. बीजेपी अब कह रही है कि विपक्ष सदन में अमित शाह को सुनने का साहस दिखाए, वहीं राहुल गांधी का कहना है कि PM नरेंद्र मोदी जबतक माफी नहीं मांगते हैं विपक्ष का विरोध जारी रहेगा.
FCRA संशोधन बिल 2026 को लेकर सरकार संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के विकल्प पर विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, संसद में बिल पेश करने से पहले इसे विस्तृत जांच के लिए JPC को भेजा जा सकता है. वहीं, सोमवार को हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में FCRA और परिसीमन बिल पर कोई चर्चा नहीं हुई.
संसद के अंतिम चार दिन शेष हैं और सोमवार को दोनों सदनों में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केरल नाम परिवर्तन और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक पेश करेंगे. विपक्ष नीट पेपर लीक मामले पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विरोध कर रहा है.
संसद का मॉनसून सत्र में विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की मांग कर रहा है. इस बीच सरकार ने राहुल गांधी से विदेशी अंशदान संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर समर्थन जुटाने के लिए संपर्क किया है. ऐसे में सवाल ये है कि क्या ये बदलाव युवा आंदोलनों और हालिया चुनाव परिणामों का नतीजा है?
भारत में विदेश से आने वाले फंड को रेगुलेट करने के लिए मोदी फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट में बदलाव कर नया संशोधन विधेयक लेकर आ रही है. FCRA के नए बिल को लेकर ईसाई समुदाय कई सवाल उठा रहे हैं. कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (CBCI) की एक महीने में दूसरी बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई है.
संसद में FCRA संशोधन बिल और परिसीमन विधेयक की सियासत एक-दूसरे से उलझती दिख रही है. कई विपक्षी दल परिसीमन पर सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन FCRA बिल के मौजूदा स्वरूप का विरोध कर रहे हैं. ऐसे में सरकार के लिए दोनों विधेयकों पर समर्थन जुटाना आसान नहीं होगा और राजनीतिक समीकरण नई चुनौती खड़ी कर सकते हैं.