साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) की तैयारी के लिए राजनीतिक दलों में होड़ लगी हुई है. बीजेपी की अगुवाई वाले 'NDA' का मुकाबला करने के लिए विपक्ष ने एक नए नाम से गठबंधन बना लिया है, जिसका नाम 'INDIA' रखा गया है. इसका फुल फॉर्म 'इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इन्क्ल्युएसिव अलायंस' है (INDIA, Opposition New Alliance).
बेंगलुरु में हुई 26 विपक्षी पार्टियों की बैठक में गठबंधन का नाम 'इंडिया' रखते हुए एकजुटता का प्रदर्शन किया. वहीं, दूसरी तरफ, दिल्ली में भी आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी (BJP) की अगुवाई में एनडीए की बैठक हुई. इस बैठक में लगभग 38 पार्टियां शामिल थें .
INDIA गठबंधन के साथ मिलकर कांग्रेस शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जन महाभियोग लाने जा रही है. मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर दोपहर साढ़े 3 बजे से जन महाभियोग की कार्रवाई की अध्यक्षता पूर्व स्पीकर मीरा कुमार करेंगी. यानी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की सांकेतिक कार्रवाई होगी. विपक्ष, रामलीला मैदान में 1 नवंबर की रैली से ठीक पहले, ज्ञानेश कुमार पर एक बड़ा दबाव बनाने जा रहा है. देखें 10 तक.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन जल्द ही एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन करने जा रहा है. इस कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे के दिल्ली स्थित 10 राजाजी मार्ग आवास पर किया जाएगा. पहले इस मॉक पार्लियामेंट को अशोका होटल या ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन प्रशासन की तरफ से इसकी अनुमति नहीं मिल सकी. अनुमति न मिलने के कारण अब इसे मल्लिकार्जुन खडगे के सरकारी आवास पर ही आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.
दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मुख्यालय में पार्टी महामंत्रियों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जो अब समाप्त हो चुकी है. यह बैठक करीब दो घंटे से भी अधिक समय तक चली और सुबह 10 बजे के आसपास शुरू हुई थी. इस बैठक में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा पार्टी की भावी रणनीतियों पर गहन मंथन किया गया. विपक्ष द्वारा रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रैली और उनके राजनीतिक अभियानों का जवाब देने के लिए बीजेपी लगातार नई रणनीतियों पर काम कर रही है.
देश के 4 राज्यों में 28 MLC सीटों पर चुनाव के नतीजे आ गए हैं. 28 सीटों में 16 एनडीए ने जीतीं, जिसमें से 13 अकेले बीजेपी ने जीतीं. 3 राज्यों में 12 सीट पर लड़कर कांग्रेस एक सीट ही जीत पाई. फिर भी विपक्ष का हौसला हाई है और ये हौसला यूपी से आया है. क्योंकि यूपी की 11 सीटों में से समाजवादी पार्टी ने जबरदस्त मुकाबला पेश करते हुए 5 सीटें फतह की हैं. विपक्ष ने अपने प्रदर्शन के बाद बैलट बनाम ईवीएम की चर्चा छेड़ दी है. देखें दंगल.
आज दस्तक में बात, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग की. जी हां 30 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर, विपक्ष जन महाभियोग आयोजित करने जा रहा है. INDIA गठबंधन के 100 से ज़्यादा विपक्षी सांसद ज्ञानेश कुमार के आरोपों की लिस्ट पढेंगे. इस जन-महाभियोग के बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली करके इस्तीफे की मांग भी की जाएगी. देखें...
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने कैंपेन में कांग्रेस EVM को भी मुद्दा बनाती रही है. लेकिन MLC चुनाव नतीजों में अपनी 12 में से 12 सीटें कांग्रेस हार गई. कर्नाटक की भी चार सीटों पर कांग्रेस हारी है. हालांकि उत्तर प्रदेश में अखिलेश ने बीजेपी को टक्कर दी है. अबतक घोषित 8 में से 5 बीजेपी और 3 समाजवादी पार्टी को गई है. बिहार में जनादेश बंटता हुआ नजर आ रहा है। और महाराष्ट्र में फैसला अभी आया नहीं है. देखें...
देश में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन चल रहा है. 30 अक्टूबर को कांगरेस अध्यक्ष के आंगन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जन-महाभियोग लगाया जाने वाला है. 100 से ज्यादा विपक्षी सांसद ज्ञानेश कुमार के आरोपों की लिस्ट पढेंगे. जन-महाभियोग के बाद 1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली करके इस्तीफे की मांग भी की जाएगी. वैसे, ये मामला सुप्रीम कोर्ट में भी है. लेकिन संसद और अदालत से आगे बढकर कांगरेस सडक पर जनताना अदालत में ये फैसला करना चाहती है. देखें...
आज दस्तक में पहले बात, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लड़ाई, अब रामलीला से चढ़ाई तक पहुंच गई है. जी हां 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन के 19 दल महारैली करने जा रहे हैं. लेकिन, चुनाव आयोग, सरकार और विपक्ष की इस जंग के बीच राहुल गांधी ने, आज भगवान शिव से जुड़े पवित्र चिह्न 'त्रिपुंड तिलक' की एक तस्वीर साझा की, जिसका सच प्रियंका गांधी ने बताया. देखें...
एक ओर दिवाली की दस्तक है, तो दूसरी ओर राहुल गांधी की रामलीला मैदान रैली का काउंटडाउन शुरू है. लेकिन इस रैली को लेकर सियासत के हंगामे के साथ-साथ कारोबारियों का भी विरोध शुरू है. व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी CTI ने आज राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर कहा कि 1 नवंबर की रैली से दिवाली के 20 बड़े बाजार प्रभावित होंगे. उधर, कांग्रेस कारोबारी संगठन के इस विरोध के बावजूद रैली करने जा रही है. आज राहुल गांधी ने कुछ संस्थाओं की ओर से आयोजित जनसुनवाई भी की जिसमें कथित तौर पर वो लोग शामिल हुए जिनका नाम SIR में वोटर लिस्ट से कटा है. देखें...
विपक्ष की रैली का मुकाबला करने के लिए बीजेपी ने देशभर में पदयात्रा अभियान शुरू किया है. अहमदाबाद में जेपी नड्डा इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके अलावा बीजेपी के प्रमुख नेता और मुख्यमंत्री विभिन्न राज्यों में इस यात्रा के जरिए जनता से सीधा संवाद करेंगे और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करेंगे.
सुल्तानपुर की विशेष अदालत ने साल 2018 के मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है. यह मामला भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह पर दी गई एक टिप्पणी से जुड़ा हुआ था. अदालत ने यह स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता खुद पीड़ित पक्ष नहीं था और राजनीतिक बयान का गलत संदर्भ पेश किया गया था. अदालत के इस निर्णय के बाद कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. दूसरी ओर, दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की एक विशाल महा रैली आयोजित होने जा रही है.
आज का दंगल राहुल गांधी की यूपी की अदालत में जीत और दिल्ली में इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर है. यूपी के सुल्तानपुर की विशेष अदालत ने 2018 के एक मानहानि केस में राहुल गांधी को बरी कर दिया. ये केस अमित शाह पर एक बयान देने के बाद हुआ था. अदालत ने कहा कि जिसने शिकायत की है उसकी कोई मानहानि नहीं हुई थी. राजनीतिक बयान का संदर्भ गलत पेश किया गया. कोर्ट के इस फैसले पर सुल्तानपुर में तो जश्न ही मन गया. राहुल सुल्तानपुर से वापस लौट आए...अब तैयारी 1 नवंबर की रामलीला रैली की चल रही है.
दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की महारैली को लेकर देश का सियासी पारा चढ़ गया है. कांग्रेस और विपक्षी दल जहां लोकतंत्र की रक्षा के लिए 'चलो दिल्ली' का नारा दे रहे हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस रैली की तारीख को लेकर बड़ा हमला बोला है. बीजेपी ने 1 नवंबर की तारीख को 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी से जोड़ते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस सिखों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है.
लोकतंत्र में जनादेश और जन आंदोलन की भूमिका पर छिड़ी बहस पर विस्तृत चर्चा. क्या चुनाव से मिली ताकत जन आंदोलन की आवाज से बड़ी है या विरोध प्रदर्शन सरकार को जवाबदेह बनाने का मुख्य तरीका है. इस विषय पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और विश्लेषकों के विचार जानिए.
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की तरफ से एक विशाल महारैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर देश की राजनीति में हलचल काफी तेज हो गई है. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने इसे 'चलो दिल्ली' का नाम दिया है और लोकतंत्र बचाने की बात कही है. इस महारैली से ठीक पहले 30 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्ष द्वारा एक मॉक संसद का आयोजन भी किया जा रहा है. इस मॉक संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी की गई है, जिससे विपक्षी दल चुनाव आयोग पर अपना दबाव बढ़ा सकें.
राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन इंडिया की ओर से एक विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है. इस रैली को लेकर देश की राजनीति में सियासी घमासान छिड़ गया है. कांग्रेस समेत गठबंधन के तमाम दल इस रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं. विपक्षी दल इस आयोजन के जरिए केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहते हैं. दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने रैली की तारीख को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है.
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली इंडिया ब्लॉक की मेगा रैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस और सहयोगी दल इस रैली के माध्यम से केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. विपक्ष का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग है. इस रैली की तैयारियों के तहत कांग्रेस नेताओं ने 'चलो दिल्ली' का नारा दिया है और 30 अक्टूबर को एक मॉक संसद आयोजित करने की योजना बनाई है.
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली का ऐलान किया है. इसे लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर और खास तौर पर राहुल गांधी को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. बीजेपी ने इसे 1984 के सिख विरोधी दंगों से जोड़ दिया है. सवाल है कि 1 नवंबर को क्या कांग्रेस की महारैली और बीजेपी के लगातार हमलों का 2027 के पंजाब चुनावों पर भी पड़ेगा? देखें दंगल.
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन द्वारा बुलाई गई मेगा रैली को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है. बीजेपी ने इस रैली की तारीख को 1984 के सिख विरोधी दंगों से जोड़ते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है. दूसरी ओर, राहुल गांधी के हालिया विदेश दौरे को लेकर भी बीजेपी ने हमला तेज कर दिया है और आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शनों के पीछे विदेशी फंडिंग का हाथ है. देखें बुलेटिन.
इंडिया गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली करने की घोषणा की है. इस रैली की तैयारियों की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने के लिए विपक्ष के नेताओं की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की जा रही है. अगर यह बैठक आयोजित होती है, तो इसकी अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे. इस वर्चुअल संवाद में गठबंधन के प्रमुख नेता शामिल होकर रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली के सफल आयोजन पर विचार-विमर्श करेंगे.
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाले विपक्षी गठबंधन के बड़े प्रदर्शन से पहले इंडिया गठबंधन अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है. विपक्षी गठबंधन की आज एक अहम वर्चुअल बैठक आयोजित की जा सकती है जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे. इस बैठक में 1 नवंबर की विशाल रैली की तैयारियों, कार्यकर्ताओं के आगमन और विपक्ष के अगले कदमों को लेकर विस्तृत चर्चा होने के आसार हैं.