मॉनसून सेशन का 20 जुलाई को हंगामेदार आगाज हुआ था. सत्र के पहले हफ्ते में नीट पेपर लीक, छात्रों के प्रोटेस्ट और राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर आक्रामक विपक्ष के सामने सरकार बैकफुट पर नजर आई. दूसरे हफ्ते का पहला दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया. राहुल गांधी के एक्शन मोड और विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच संसद पटरी पर लौटी. लगा कामकाज होगा, लेकिन एंटी पेपर लीक बिल को छोड़ किसी बिल पर चर्चा नहीं हो सकी.
हालांकि, इन सबके बीच सरकार लोकसभा से तीन और राज्यसभा से दो बिल पारित करा ले गई. शुक्रवार को लोकसभा से जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) बिल पास हो गया है. गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में 12 बजे जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, गृह मंत्री अमित शाह की ओर से जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) बिल पेश किया. विपक्ष के हंगामे के बीच पेश किए गए इस बिल को चेयर ने बिना चर्चा सीधे विचार और पारित किए जाने के लिए ले लिया.
तब चेयर पर डिप्टी स्पीकर पैनल के दिलीप सैकिया थे. दिलीप सैकिया ने इस बिल को सीधे विचार और पारित किए जाने के लिए ले लिया. विपक्षी सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करते रहे और ध्वनिमत से यह बिल पारित हो गया. बिल पारित होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष को हिदायत दी कि बाहर जाकर यह नहीं कहना चाहिए कि बिना चर्चा के बिल क्यों पारित किया.
उन्होंने कहा कि हमने बार-बार आग्रह किया कि यह जन्म-मृत्यु के पंजीकरण से जुड़ा महत्वपूर्ण बिल है. इस पर चर्चा होनी चाहिए. रिजिजू ने कहा कि अफसोस की बात है कि लोकसभा से यह बिल पारित किया गया है, लेकिन इस पर चर्चा में विपक्ष ने भाग नहीं लिया. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं भविष्य में ऐसा फिर न हो. आप चर्चा में शामिल नहीं होते और बाहर जाकर कहते हैं कि सरकार चर्चा नहीं कराती.
धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत पर बरपा हंगामा
संसद के दूसरे हफ्ते की शुरुआत हंगामे के साथ हुई थी. सोमवार को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान का बीजेपी के सांसदों ने मिथिला का पाग पहनाकर जोरदार स्वागत किया. धर्मेंद्र प्रधान को बीजेपी सांसद अपने साथ संसद भवन में ले गए. इसे लेकर विपक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी से लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे तक, एंटी पेपर लीक बिल पर बोलते हुए विपक्ष के लगभग हर बड़े नेता ने अपने भाषण में इसका उल्लेख भी किया.
दूसरे हफ्ते पारित हुए तीन बिल
मॉनसून सत्र का पहला हफ्ता जहां हंगामे के कारण धुल गया था, वहीं दूसरे हफ्ते में हंगामे के बीच दोनों सदनों से एंटी पेपर लीक बिल पारित हुआ. इस बिल पर मैराथन चर्चा हुई. वहीं, दो बिल और पारित हुए. वंदे मातरम् बिल राज्यसभा से संक्षिप्त चर्चा के बाद पारित हुआ था, वहीं लोकसभा में इस बिल पर चर्चा नहीं हो सकी थी. जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) बिल लोकसभा से बिना चर्चा के पारित हुआ.
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हंगामा करेंगे, तो अच्छा नहीं होगा- रिजिजू
किरेन रिजिजू ने कहा कि बाहर जाकर यह नहीं कहना चाहिए कि बिना चर्चा के बिल क्यों पारित किया. हमने बार-बार आग्रह किया कि महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा होनी चाहिए. अफसोस की बात है कि लोकसभा से यह बिल पारित किया गया है, लेकिन विपक्ष के साथियों ने इस पर चर्चा में भाग नहीं लिया. हम चाहते हैं कि भविष्य में ऐसा न हो. आप चर्चा में शामिल नहीं होते और बाहर जाकर कहते हैं कि सरकार चर्चा नहीं कराती. अगला बिल लेकर् आएंगे और आप हंगामा करेंगे तो अच्छा नहीं होगा. चर्चा करें, हंगामा ना करें.
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3 अगस्त से तीसरा हफ्ता, हंगामे के आसार
मॉनसून सत्र के तीसरे हफ्ते की शुरुआत तीन अगस्त से होगी. लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही अब सोमवार, 3 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई है. विपक्ष नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रोटेस्ट में छात्रों पर लाठीचार्ज, पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है. ऐसे में आसार इस बात के हैं कि तीसरे हफ्ते भी दोनों सदनों में हंगामा देखने को मिल सकता है.