कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद आयोजकों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में ऐसे पर्याप्त सबूत मिले हैं, जो पूजा आयोजकों की भारी कुप्रबंधन की ओर इशारा करते हैं. अधिकारी के मुताबिक, भीड़ को संभालने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई थी.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के तहत CCTV फुटेज जुटाए गए हैं और स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं. उनके मुताबिक, पंडाल में सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी पर्याप्त नहीं थी. इस हादसे की कुछ संभावित वजहें भी सामने आई हैं:
1. एंट्री एग्जिट गेट काफी छोटा था
अधिकारी ने कहा कि जब भगदड़ जैसे हालात बने, तो लोग एंट्री गेट से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे. लेकिन एंट्री गेट और वहां तक पहुंचने वाले रास्ता संकरा होने के कारण लोगों की आवाजाही बाधित हो गई. पुलिस के मुताबाकि, एंट्री, एग्जिट और भीड़ की आवाजाही को लेकर की अनाउंसमेंट की गई, जिससे श्रद्धालुओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई.
2. भूलभुलैया जैसा डिजाइन था
पश्चिम बंगाल के अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने बताया कि पंडाल गिरने की अफवाह और बाहर हो रही बारिश के कारण लोग घबरा गए, जिससे भगदड़ जैसे हालात हो गए.
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3. पंडाल के अंदर था अंधेरा
मंत्री के मुताबिक, पंडाल का डिजाइन किसी भूलभुलैया जैसा था. अंदर अंधेरा भी था और लाइट शो चल रहा था जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग एक ही जगह पर रुक गए थे. ऐसे में भीड़ का दबाव बढ़ा और भगदड़ मच गई.
4. पंडाल खाली करने का ऐलान
जांच में सामने आया है कि भगदड़ से पहले पंडाल खाली कराने का ऐलान किया गया था. पुलिस फिलहाल इसके वीडियो फुटेज की जांच कर रही है. इस वीडियो में लोगों से कहा जा रहा है कि पंडाल का ढांचा गिरने वाला है और वे तुरंत बाहर निकल जाएं.
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह अनाउंसमेंट किसने की. अधिकारी ने बताया कि कोलकाता पुलिस पीड़ितों से भी पूछताछ करने वाली है. साथ ही, पुलिस चश्मदीदों के बयानों को भी दर्ज कर रही है.
धारा 163 लागू
वहीं, रविवार सुबह कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने उत्तरी कोलकाता में चोरबागन सरबोजिनिन दुर्गा पूजा पंडाल के आसपास के इलाके में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है.
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इस आदेश के तहत कार्यक्रम स्थल के आसपास की सड़कों पर लोगों के एकत्रित होने पर रोक है. 20 अक्टूबर तक इलाके में धारा 163 लगाई गई है.