पेस्टल, वॉटरकलर, ऑयल और विजुअल आर्ट के कलाकार प्रशांत कुमार सिंह जंतर-मंतर पर चल रहे जेन-Z प्रोटेस्ट की विजुअल कहानियां बना रहे थे. लेकिन 20 जुलाई को संसद की ओर निकाले गए मार्च के दौरान वे खुद घायल हो गए. उनका आरोप है कि रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की फायरिंग में उनके हाथ और सीने में धातु के छर्रे (पेलेट) लगे.
प्रशांत का कहना है कि मीडिया में अब तक पांच लोगों को पेलेट लगने की बात सामने आ रही है लेकिन उनके मुताबिक एक छठे व्यक्ति को भी पेलेट लगा है. उनके मुताबिक इस छह लोगों को पेलेट लगे हैं.
प्रशांत का कहना है कि 20 जुलाई को वे संसद से करीब 50 मीटर दूर आखिरी बैरिकेड के पास खड़े थे. उनके मुताबिक, उस समय माहौल शांत था और चंद्रशेखर आजाद का भाषण खत्म हुआ ही था कि तभी अचानक RAF और दिल्ली पुलिस ने भीड़ को पीछे धकेलना शुरू किया. पहले आंसू गैस के गोले छोड़े गए और फिर शॉटगन से फायरिंग की गई.
यह भी पढ़ें: 'जंतर-मंतर पर पेलेट गन और लाठियां...': पेपर लीक पर विधानसभा में बोले CM मान- विश्वगुरु कैसे बनेगा देश?
प्रशांत का दावा है कि पेलेट फायरिंग की कोई साफ चेतावनी नहीं दी गई थी. उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ बैरिकेड पार न करने की चेतावनी दी गई थी. उनके मुताबिक प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार करने की कोशिश भी नहीं कर रहे थे.
इंडिया टुडे को मिले लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट (MLC) में पेलेट से चोट लगने का जिक्र हैं. वहीं 29 जुलाई को होली फैमिली अस्पताल में हुए एक्स-रे में उनके हाथ और सीने में कम से कम 10 पेलेट फंसे होने की पुष्टि हुई.
प्रशांत का कहना है कि मीडिया में अब तक पांच लोगों के पेलेट लगने की बात सामने आई है, लेकिन उनके अनुसार एक छठा व्यक्ति भी घायल हुआ था, जो उनके साथ अस्पताल पहुंचा था. उनका दावा है कि उस व्यक्ति का नाम और जानकारी अब तक सामने नहीं आई है.