scorecardresearch
 

'जंतर-मंतर पर पेलेट गन और लाठियां...': पेपर लीक पर विधानसभा में बोले CM मान- विश्वगुरु कैसे बनेगा देश?

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले किए, पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक 93 पेपर लीक हो चुके हैं और यह देश के युवाओं के भविष्य के लिए खतरा है. साथ ही, उन्होंने पायलट गन के इस्तेमाल और विदेश नीति पर भी सवाल उठाए.

Advertisement
X
मुख्यमंत्री भगवंत मान (फाइल फोटो: ITG)
मुख्यमंत्री भगवंत मान (फाइल फोटो: ITG)

देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की गूंज अब पंजाब विधानसभा में सुनाई दी है. सोमवार को पंजाब विधानसभा में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित राज्यों में पेपर लीक के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव (Condemnation Motion) पेश किया गया.

यह प्रस्ताव पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में पेश किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले किए.

2014 से अब तक 93 पेपर लीक, विश्वगुरु कैसे बनेंगे? 

विधानसभा में चर्चा के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जंतर-मंतर पर जुटे 'Gen-Z' छात्रों के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अव्यवस्था और अवसाद के चलते अब तक 22 अभ्यर्थियों ने अपनी जान गंवा दी है.

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 से 2024 के बीच देश में 65 पेपर लीक हुए और 2014 से लेकर अब तक कुल 93 पेपर लीक हो चुके हैं. जिन-जिन राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहां बीजेपी की सरकारें हैं. एक तरफ हम विश्वगुरु बनने की बात करते हैं और दूसरी तरफ हम अपने देश में एक पारदर्शी परीक्षा तक नहीं करा पा रहे हैं. हालत यह है कि आज विदेशों में हमारी डिग्रियों का मूल्य कम हो रहा है.

Advertisement

सीएम मान ने आरोप लगाया कि पेलेट गन का इस्तेमाल पहले कश्मीर में किया गया था और अब दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कुचलने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है

मुख्यमंत्री ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री 'प्रधान सेवक' से 'धर्मेंद्र प्रधान के सेवक' बनकर रह गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पीएम ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात तो कही, लेकिन पेपर लीक हमेशा के लिए बंद होगा, इसका कोई ठोस भरोसा देश के युवाओं को नहीं दिया. साथ ही, उन्होंने गृह मंत्री की संसद में अनुपस्थिति और उनके 'लापता' पोस्टरों का मुद्दा भी उठाया. पेपर लीक के खिलाफ पंजाब विधानसभा में पेश किया गया यह निंदा प्रस्ताव यह स्पष्ट करता है कि अब देश भर में युवाओं का आक्रोश केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement