उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की साधन सहकारी समिति रेतवागाड़ा में बरसात के बीच किसान यूरिया खाद के लिए लंबी लाइनों में खड़े नजर आए. बारिश शुरू होने के बाद धान, मक्का और गन्ने की फसलों में छिड़काव के लिए यूरिया की भारी मांग बढ़ गई है. महिलाएं और पुरुष किसान अपने खेतों में समय पर खाद डालने के लिए सिर पर छाता, पॉलिथीन ओढ़कर या खुले सिर खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे. जिला कृषि अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है और शाम तक रेतवागाड़ा समिति में एक हजार बोरी खाद बांटी गई.
बारिश के बीच खाद के लिए महिलाओं की जद्दोजहद
मंगलवार को रेतवागाड़ा समिति पर सुबह से ही किसानों की भारी भीड़ जमा थी. अचानक बारिश शुरू होने के बावजूद महिलाएं और पुरुष किसान अपनी जगह से नहीं हटे, ताकि उन्हें समय पर खाद मिल सके. वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिलाएं घर के काम छोड़कर बरसात में भी लाइन में डटी रहीं.
जिला कृषि अधिकारी ने खाद संकट का किया खंडन
जिला कृषि अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि जिले में 17 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया और 6 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा डीएपी उपलब्ध है. रेतवागाड़ा समिति में कल आई 2000 बोरी यूरिया में से 1000 बोरी का वितरण कर दिया गया है और वहां अब तक कुल 4000 बोरी यूरिया बांटी जा चुकी है.
अनियमितता पर पांच दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित
कृषि विभाग ने खाद वितरण में गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है. जिला कृषि अधिकारी के अनुसार अब तक पांच विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि छह अन्य दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि किसानों के खिलाफ अनियमितता बरतने वालों पर यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.