इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्कूलों में यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली याचिका पर सुनवाई की गई. अपने फैसले में कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है. जिसके बाद देश में सियासी और सामाजिक बहस तेज़ हो गई है. साथ ही राहुल गांधी को बीजेपी ने अपने निशाने पर ले लिया है. देखें पूरा घटनाचक्र, हमारे साथ.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूलों में यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया है, जिसके बाद देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज़ हो गई है. इसी कड़ी में राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान की चर्चा हो रही है. वहीं दूसरी ओर हिजाब के मुद्दे पर राहुल की चुप्पी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा स्कूल में हिजाब की अनुमति न देने के फैसले पर सपा नेता डॉ. एसटी हसन ने असहमति जताई है. उन्होंने कहा कि भारत की पहचान विविधता और भाईचारे में है. किसी पर जबरन हिजाब पहनाना या उतरवाना गलत है और धार्मिक पहचान के आधार पर समाज में विभाजन नहीं होना चाहिए.
हिजाब पर एक बार फिर से सियासत गरमाती नजर आ रही है. एक ओर हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने भी आपत्ति जताई है. ओवैसी ने हाईकोर्ट के आदेश को इस्लाम पर सीधा हमला करार दिया. तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने राहुल गांधी का पुराना हिजाब वाला वीडियो जारी करते हुए उन पर महिलाओं की आजादी को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की याचिका खारिज किए जाने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने हिजाब और यूनिफॉर्म के विवाद को कोर्ट-कचहरी में घसीटने के बजाय आपसी समझबूझ से सुलझाने और धर्म के नाम पर संकीर्ण राजनीति से बचने की सलाह दी है.
स्कूल की कक्षा शिक्षा, समानता और अनुशासन की जगह है, धार्मिक पहचान के प्रदर्शन का मंच नहीं. हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला इसी सिद्धांत को मजबूत करता है कि व्यक्तिगत आस्था से ऊपर संस्थान के समान और गैर-भेदभावपूर्ण नियम होने चाहिए.
देवीपाटन मंडल की कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल पर गोंडा की सिविल जज शबीना खान पर फोन करके दबाव बनाने और अनुचित टिप्पणी के गंभीर आरोप लगे हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने इसे प्रथम दृष्टया 'आपराधिक अवमानना' का मामला माना है.
हिजाब को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के बड़े फैसले की. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की छात्रा की याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा, ने कहा कि हिजाब इस्लाम धर्म का ज़रूरी हिस्सा नहीं है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उसने अपनी तय स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की इजाज़त मांगी थी.
प्रयागराज के टैगोर पब्लिक स्कूल की 11वीं की छात्रा ने स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम का अनिवार्य धार्मिक हिस्सा नहीं है और स्कूल को अपना यूनिफॉर्म कोड लागू करने का पूरा अधिकार है.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्कूल यूनिफॉर्म के साथ इसे पहनने की छात्रा की याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि हिजाब इस्लाम धर्म का जरूरी हिस्सा नहीं है; इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उसने अपनी तय स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की इजाजत मांगी थी. कोर्ट ने कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम की जरूरी धार्मिक प्रथा नहीं माना जा सकता.
अतीक अहमद के बड़े बेटे मोहम्मद उमर की जमानत याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज कर दी. यह पूरा मामला रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी दिए जाने के एक केस से जुड़ा है. पढ़ें पूरी कहानी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गोंडा के एक तीन दशक पुराने भूमि विवाद मामले में सिविल जज को कथित रूप से फोन कर प्रभावित करने की कोशिश पर देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल को फटकार लगाई है. अदालत ने इस कृत्य को न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला मानते हुए आपराधिक अवमानना पीठ के समक्ष भेजने का निर्देश दिया.
यूपी में एक हाफ एनकाउंटर के 15 महीने बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पुलिस को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. श्रावस्ती में हुए इस हाफ एनकाउंटर की सीबीआई जांच का आदेश देते हुए अदालत ने तत्कालीन पुलिस अधिकारी की निशानेबाजी की क्षमता तक जांचने को कहा. क्या है पूरा मामला, जानने के लिए देखें वीडियो.
यूपी पुलिस की हाफ एनकाउंटर थ्योरी पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. श्रावस्ती में हुए हॉफ एनकाउंटर पर सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं. कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई अपनी जांच के दौरान तत्कालीन एसएचओ अश्विनी कुमार दुबे की निशानेबाजी और शूटिंग क्षमता का भी जांच करे. रात के अंधेरे में 15 मीटर की दूरी से सिर्फ असलहा लोड करने की आवाज से कैसे गोली चलाते हैं.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. हाईकोर्ट ने सीबीआई और ईडी को आरोपों के सत्यापन का निर्देश दिया था. सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ इस याचिका पर सुनवाई करेगी.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक सरकारी कर्मचारी की चौथी बार मैटरनिटी लीव की मांग को खारिज किया है. याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया है कि महिला ने इससे पहले मैटरनिटी लीव नहीं थी, इसलिए उन्हें चौथे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव दी जाए.
पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच समिति की रिपोर्ट कल लोकसभा में पेश की जाएगी. उनके सरकारी आवास पर जले हुए नोट मिलने के बाद 200 से ज्यादा सांसदों ने उन्हें हटाने की मांग की थी. इस्तीफे के बाद भी संसद द्वारा हटाने की प्रक्रिया पर बहस जारी है.
अमरोहा में 21 मीट की दुकानों को 30 दिनों तक बंद रखने के पुलिस के नोटिस का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. हाईकोर्ट ने अमरोहा शहर कोतवाल, प्रमुख सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिकाकर्ता अधिवक्ता नासिर फारुख का कहना है कि दुकानों के बंद होने से छोटे व्यापारियों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने कांवड़ यात्रा मार्ग तक ही कार्रवाई सीमित रखने की मांग की है.
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली, बॉम्बे, इलाहाबाद और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है.
माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के बगल में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़े भाई अली और उमर को जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल दे दी है. प्रशासन ने कब्रिस्तान और आसपास के इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है.
प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अबान अहमद को अतीक अहमद की कब्र के बगल में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अली और उमर अहमद को जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल दी है. अंतिम संस्कार को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे क्षेत्र में निगरानी रखी जा रही है ताकि अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके.