केंद्र सरकार विवादित FCRA (Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026) को संसद में पेश करने से पहले संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के पास भेजने पर विचार कर रही है. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर रहे हैं. इससे पहले रिजिजू विपक्षी दलों के नेताओं से भी लगातार बातचीत कर रहे हैं, ताकि बिल पर संसद में गतिरोध खत्म किया जा सके. सरकार और विपक्ष के बीच FCRA को लेकर मतभेद बने हुए हैं.
हालांकि विपक्ष की मांग है कि बिल को सिर्फ JPC में भेजना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए. बिजनेस एडवाइजरी कमेटी यानी BAC की सोमवार को हुई बैठक में FCRA बिल और प्रस्तावित परिसीमन बिल दोनों का जिक्र नहीं हुआ. इससे मॉनसून सत्र के बचे दिनों में इन दोनों विधेयकों को पेश किए जाने को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने सोमवार की BAC बैठक के एजेंडे में दोनों बिलों को शामिल नहीं किया था. कांग्रेस और TMC चाहती हैं कि FCRA वापस लिया जाए. उन्होंने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में इस मुद्दे को उठाया था.
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सुप्रिया सुले ने भी JPC की मांग की
NCP-SP की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने FCRA बिल के मौजूदा स्वरूप का विरोध किया है. उन्होंने केंद्र से बिल वापस लेने या इसे JPC के पास भेजने की मांग की थी. उनका कहना है कि विदेशी फंडिंग को हमेशा संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए और इस तरह के महत्वपूर्ण कानून पर सभी पक्षों के साथ विस्तार से चर्चा होनी चाहिए.
DMK भी विरोध में, अमित शाह से की बिल वापस लेने की मांग
FCRA बिल को लेकर DMK ने भी कड़ा रुख अपनाया है. पार्टी की तरफ से सांसद पी. विल्सन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बिल वापस लेने और मौजूदा कानून की धारा 15 को हटाने की मांग की. पार्टी ने वैकल्पिक तौर पर FCRA की पूरी समीक्षा के साथ बिल को JPC भेजने की मांग रखी है.
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कांग्रेस और बाकी पार्टियां भी FCRA बिल के विरोध में
बिल को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वाम दलों समेत कई विपक्षी पार्टियां भी विरोध जता चुकी हैं. ऐसे में सरकार के सामने बिल पर सहमति बनाने की चुनौती है. अब नजर इस बात पर है कि क्या सरकार विपक्ष को साथ लेकर FCRA बिल को JPC के हवाले करती है या इसे मौजूदा स्वरूप में संसद में आगे बढ़ाने का फैसला लेती है.