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Exclusive: JPSC-JSSC धांधली विवाद पर बोले देवेंद्र महतो- अभी तो आधी मांगें भी पूरी नहीं हुई, जारी रहेगा संघर्ष

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन जारी है. अस्पताल में भर्ती देवेंद्र नाथ महतो ने 11वें दिन भी भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिय. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार के लिए है.

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दैवेंद्र महतो ने कहा, 'जिंदा रहूं या न रहूं, युवाओं का भविष्य बचना चाहिए' (Photo-ITG)
दैवेंद्र महतो ने कहा, 'जिंदा रहूं या न रहूं, युवाओं का भविष्य बचना चाहिए' (Photo-ITG)

झारखंड में JPSC और JSSC समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है. रांची में चल रहे अनिश्चितकालीन सत्याग्रह के बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को तबीयत बिगड़ने के बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों की लगातार निगरानी के बावजूद महतो का अनशन 11वें दिन भी जारी है.

अस्पताल के बेड से 'इंडिया टुडे' से एक्सक्लूसिव बातचीत में देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी मांगों, शारीरिक स्थिति और आंदोलन की भावी रणनीति पर विस्तार से बातचीत की.

यह पूछे जाने पर कि क्या वे 11 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए तैयार हैं, महतो ने स्पष्ट किया, "आज मेरी भूख हड़ताल का 11वां दिन है और यह सदर अस्पताल में भी जारी है. विधानसभा घेरने पहुंचे लाखों युवाओं का विश्वास और उम्मीद मेरी जिम्मेदारी है. सरकार दावा कर रही है कि 90% मांगें मान ली गई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर 50% मांगें भी पूरी नहीं हुई हैं. सिर्फ खोखले बयानों और आश्वासनों से बात नहीं बनेगी, सरकार को आधिकारिक पत्र जारी करना होगा."

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 अस्पताल में रखे जाने पर नाराजगी जताते हुए महतो ने कहा कि अगर उनके अंग (लिवर, किडनी, हार्ट) खराब नहीं हैं, तो उन्हें तुरंत छुट्टी देकर वापस आंदोलन स्थल जाने की अनुमति दी जाए. सीबीआई जांच और कथित रूप से विवादित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के सवाल पर महतो ने कहा कि सरकार केवल बयान दे रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार लिखित और स्पष्ट आदेश जारी नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

'सुधार नहीं हुआ तो सरकार का विरोध करेंगे'
हेमंत सोरेन सरकार के रुख पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि पूरे सड़े-गले सिस्टम के खिलाफ है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार इस सिस्टम को सुधारने में नाकाम साबित होती है, तो छात्र सीधे तौर पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे. उन्होंने कहा, "वह सरकार किस काम की जो युवाओं को संतुष्ट न कर पाए."

आंदोलन को बीजेपी द्वारा हाईजैक किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए देवेंद्र महतो ने कहा कि वे 2 जुलाई से इस लड़ाई के सूत्रधार रहे हैं और इसमें कोई राजनीतिक दल शामिल नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा भी छात्रों के समर्थन में आए तो उसका भी स्वागत है.

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राहुल को झारखंड आना चाहिए-महतो

राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "राहुल गांधी के लिए यदि देश के सभी छात्र एक समान हैं, तो झारखंड में उनके गठबंधन की सरकार है. राहुल गांधी को खुद झारखंड आना चाहिए और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात करके इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए, क्योंकि मेरी स्थिति अब बहुत खराब हो रही है."

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए महतो ने कहा कि देशभर से उन्हें समर्थन मिल रहा है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी व्यक्ति के समर्थन पर निर्भर नहीं है.

अपनी शारीरिक पीड़ा और जज्बे पर बात करते हुए महतो ने अंत में कहा कि उनकी आत्मा और संघर्ष का संकल्प अभी भी आंदोलन स्थल पर है. उन्होंने कहा, "इस वक्त मेरा जिंदा रहना या न रहना महत्वपूर्ण नहीं है, सबसे महत्वपूर्ण इन लाखों युवाओं का भविष्य बचाना है."
 

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