झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (Jharkhand Staff Selection Commission, JSSC) राज्य में विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित करने वाली प्रमुख संस्था है. इसका मुख्य काम योग्य उम्मीदवारों का चयन करना और अलग-अलग विभागों में रिक्त पदों को भरने की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है.
JSSC का गठन झारखंड में सरकारी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के उद्देश्य से किया गया. आयोग राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की ओर से भेजे गए रिक्त पदों के आधार पर भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं का आयोजन करता है.
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग समय-समय पर अलग-अलग सरकारी पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी करता है. इनमें विभिन्न विभागों के तकनीकी और गैर-तकनीकी पद शामिल हो सकते हैं. भर्ती के अनुसार लिखित परीक्षा, कौशल परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा या अन्य चयन प्रक्रिया निर्धारित की जा सकती है.
आयोग की ओर से जारी भर्ती में उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण, आवेदन शुल्क और परीक्षा से जुड़ी अन्य शर्तों की जानकारी दी जाती है. उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ना जरूरी होता है.
झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए JSSC की भर्तियां काफी महत्वपूर्ण होती हैं. आयोग अलग-अलग पदों के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है, जिनमें बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होते हैं. परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी सामान्य ज्ञान, सामान्य अध्ययन, गणित, भाषा और संबंधित पद के विषयों के अनुसार तैयारी करते हैं.
JSSC की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित नियमों का पालन महत्वपूर्ण होता है. परीक्षा से जुड़े एडमिट कार्ड, उत्तर कुंजी, परीक्षा परिणाम, कटऑफ और चयन सूची जैसी सूचनाएं आयोग की ओर से जारी की जाती हैं.
JSSC की किसी भी भर्ती के लिए आवेदन करते समय उम्मीदवारों को केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए. आवेदन की अंतिम तारीख, पात्रता, परीक्षा पैटर्न और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी नोटिफिकेशन से जांचना जरूरी है. भर्ती प्रक्रिया में बदलाव या नई सूचना आने पर भी उम्मीदवारों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहना चाहिए.
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा में अनियमितता के आरोप में CID की SIT ने चार सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है. जांच टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है और परीक्षा प्रक्रिया में शामिल अन्य संभावित लोगों की पहचान कर रही है.
झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने वाले आदेश पर स्टे दिया है. आंदोलन के प्रमुख देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वो अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी मूल मांगें आज भी कायम हैं. वहीं JPSC और JSSC रिफॉर्म मंच के छात्रों ने शुक्रवार को 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का ऐलान किया है.
JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में धांधली के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की गई है. वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में SIT ने JSSC-CGL मामले में 37 संदिग्धों से पूछताछ की है.
झारखंड हाईकोर्ट से राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को झटका लगा है. हाईकोर्ट ने JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा से जुड़े मामलों में बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने दोनों परीक्षाओं को लेकर राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.
बरसों की कड़ी मेहनत, रातों की नींद और माता-पिता के त्याग के बाद जब नौकरी का नियुक्ति पत्र मिलता है, तब लगता है कि मंजिल मिल गई. लेकिन सिस्टम की एक गलती से सब कुछ शून्य पर पहुंच जाए, तो युवाओं के दर्द का अंदाजा लगाना मुश्किल है. आज नौकरी जाने के बाद हजारों युवा फिर से सड़क पर आ गए हैं, देखना होगा कि सरकार इन अभ्यर्थियों को न्याय कैसे दिला पाती है!
झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. सरकार के मुताबिक इन परीक्षाओं में गड़बड़ियों और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं. रद्द परीक्षाओं में जेपीएससी और टीडीपीएल से जुड़ी भर्तियां शामिल हैं. सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट, सतर्कता प्रकोष्ठ और भर्ती सुधारों की दिशा में कदम उठाने की भी घोषणा की है. सीजीएल परीक्षा पहले ही रद्द की जा चुकी है.
CID ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के मामले में TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार कर लिया है. जांच में कई चौंकाने वाले सच सामने आए हैं और एजेंसी पूरे नेटवर्क की तहकीकात कर रही है.
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नौकरियों में भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए इस नाटक को रचा है. मरांडी ने कहा कि छात्र सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसे टाल रही है.
झारखंड सरकार की ओर से टीडीपीएल के जरिये हुई भर्ती परीक्षाएं रद्द किए जाने का ऐलान होने के बाद छात्र अब सीबीआई जांच की मांग पर अड़ गए हैं.
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस पर उनका प्रदर्शन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा. इसी के तहत 15 अगस्त की सुबह तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी है.
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन जारी है. अस्पताल में भर्ती देवेंद्र नाथ महतो ने 11वें दिन भी भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिय. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार के लिए है.