
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की राज्य सरकार के साथ पहले दौर की मीटिंग शुक्रवार को हुई थी. हेमंत सोरेन सरकार ने 4 मंत्रियों का एक पैनल बनाया था जिसने 10 छात्रों के डेलिगेशन से बात की. वहीं, शनिवार को सुबह 10:30 बजे रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में 'JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच' का 8 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल सरकार के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करेगा.
छात्र 2 जुलाई को JPSC द्वारा 14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को उजागर करते हुए लगातार संघर्ष कर रहे हैं. छात्रों के समर्थन में छात्र नेता देवेंद्न नाथ महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं.
प्रदर्शनकारी छात्र कुश महतो ने कहा है कि बातचीत देवेंद्र महतो की अगुवाई में होगी. अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो हम भूख हड़ताल जारी रखेंगे.
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बता दें, शुक्रवार को छात्रों से बातचीत करने और उनकी मांगों को सुनने के लिए पैनल में चमरा लिंडा (झामुमो), सुदिव्य कुमार सोनू (झामुमो), दीपिका पांडेय सिंह (कांग्रेस) और संजय प्रसाद यादव (राजद) शामिल थे.
स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल आंदोलन कर रहे मुख्य छात्र समूह का था, जो देवेंद्र महतो के गुट से अलग है. इस प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में शामिल होकर छात्रों का पक्ष रखा था.
वार्ता खत्म होने के बाद स्टूडेंट लीडर रवींद्र पासवान ने बताया था कि यह हमारी पहली मीटिंग थी, यह बहुत पॉजिटिव वार्ता थी. सबके साथ बैठकर परिवार जैसा लगा, ये सच में एक पॉजिटिव मीटिंग थी. हमें भरोसा है कि सरकार, CM और सभी मिनिस्टर हमारी मांगों पर गौर करेंगे.