गुजरात के भावनगर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां समरस हॉस्टल में छात्राओं ने खराब खाना, गंदे बर्तन, दूषित पानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध किया. छात्राओं का आरोप है कि पिछले 4-5 महीनों से खाने में कीड़े, सिगरेट और प्लास्टिक जैसी चीजें मिल रही हैं. एक छात्रा के टाइफाइड से पीड़ित होने की बात भी सामने आई. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच और समाधान का भरोसा दिया.
भावनगर शहर के समरस हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने सोमवार देर रात हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. छात्राओं ने खाने की खराब गुणवत्ता, गंदे बर्तन, पानी की कमी, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए. छात्राओं का कहना है कि कई महीनों से शिकायतों के बावजूद उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.
छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में मिलने वाले खाने में कई बार कीड़े, सिगरेट और प्लास्टिक जैसी चीजें मिली हैं. ढोकले में सिगरेट और दाल-चावल में कीड़े मिलने का आरोप लगाया गया. छात्राओं का यह भी कहना है कि नाश्ते और रात के खाने में इस्तेमाल होने वाली प्लेट और गिलास ठीक से साफ नहीं किए जाते हैं. कई बार उन्हें गंदी प्लेटों में खाना दिया जाता है.
छात्राओं ने रात में किया हंगामा
ABVP की छात्र जिला अध्यक्ष दीपिका कछोट और हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि पिछले 4-5 महीनों से खाने को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं. उनका आरोप है कि खाने में कभी कीड़े तो कभी सिगरेट और प्लास्टिक जैसी चीजें मिलती हैं. छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य वार्डन पायल और छात्राओं के लिए अलग-अलग खाना परोसे जाने की बात सामने आई है.
हॉस्टल के पानी को लेकर भी छात्राओं ने गंभीर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि पानी का रंग कई बार हरा दिखाई देता है. छात्राओं का कहना है कि इस पानी को पीने से कई छात्राओं की तबीयत खराब हुई है. एक छात्रा ने बताया कि उसकी सहेली की तबीयत खराब होने के बाद उसे अस्पताल ले जाना पड़ा. जांच के दौरान उसके टाइफाइड से पीड़ित होने की बात सामने आई. छात्रा का दावा है कि डॉक्टर ने बीमारी की वजह हॉस्टल के गंदे पानी को बताया.
छात्राओं का यह भी आरोप है कि जब हॉस्टल में निरीक्षण के लिए अधिकारी आते हैं, तो अचानक व्यवस्था साफ-सुथरी दिखाई देने लगती है. उनके मुताबिक, नियमित दिनों में सफाई और खाने की गुणवत्ता को लेकर स्थिति अलग रहती है. हॉस्टल की छात्रा चिंटल बागड़ा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए. उसने बताया कि हॉस्टल के बाहर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं.
छात्राओं का आरोप है कि असामाजिक तत्व उन्हें परेशान करते हैं. छात्राओं ने मेडिकल इमरजेंसी और परिवार में किसी की बीमारी जैसी स्थिति में छुट्टी दिए जाने की व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई. उनका कहना है कि कई बार जरूरत होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त छुट्टी नहीं दी जाती.
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि जो छात्राएं हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर आवाज उठाती हैं, उन्हें एडमिशन रद्द करने और उनके अभिभावकों को बुलाने की धमकी दी जाती है. छात्राओं ने इस मामले में ABVP नेताओं के साथ मिलकर डिप्टी डायरेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा.
छात्रा ध्रुविशा वाला ने बताया कि हॉस्टल में खाना अच्छा नहीं दिया जाता. साथी ही खाने को लेकर सही रिव्यू देने की अनुमति भी नहीं दी जाती. इसके अलावा उन्होंने बताया कि पहले तीन बार खाने को लेकर नकारात्मक रिव्यू दिया था, जिसके बाद उसे दोबारा रिव्यू लिखने नहीं दिया गया. उसके मुताबिक, हॉस्टेस की तरफ से अच्छा रिव्यू लिखने के लिए कहा जाता है.
ध्रुविशा ने हॉस्टल की लिफ्ट और पानी की व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की. उनका कहना है कि लिफ्ट बंद रहने से छात्राओं को परेशानी होती है. पानी की समस्या को लेकर शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया. साथ ही उसने आरोप लगाया कि खाने में ढोकले के अंदर सिगरेट, दाल-चावल में कीड़े और गंदे प्लेट-गिलास अक्सर मिलते हैं.
छात्रा किंजल शियाल ने रोते हुए बताया कि सुबह नाश्ते के समय छात्राओं को अच्छी प्लेट तक नहीं मिलती. उनके मुताबिक, जो प्लेट मिलती है, वह भी कई बार ठीक से धुली हुई नहीं होती. उसने कहा कि प्लेट और गिलास की स्थिति खराब रहती है और खाना भी अच्छा नहीं होता.
किंजल ने शनिवार रात की एक घटना भी जिक्र करते हुए बताया कि रात के खाने में उसे ढोकला पसंद नहीं आया, इसलिए वह उसे फेंकने जा रही थी. लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे ढोकला फेंकने से रोक दिया और कहा कि खाना अच्छा है और उसे खा लेना चाहिए.
छात्राओं के विरोध की जानकारी मिलने के बाद SDM, मामलतदार और अन्य अधिकारी देर रात समरस हॉस्टल पहुंचे. अधिकारियों ने हॉस्टल की रसोई की जांच की और छात्राओं से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली. SDM अक्षर व्यास ने कहा कि कलेक्टर के निर्देश पर वह अपनी टीम और मामलतदार के साथ छात्राओं की बातें सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने पहुंचे थे.
उन्होंने कहा कि छात्राओं की सभी बातें सुनी गई हैं और प्रशासन के स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान संभव है, उन्हें दूर किया जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नीतिगत मुद्दों और अन्य सवालों के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक की जाएगी. इस बैठक में उचित निर्देश देने और छात्राओं की समस्याओं का जल्द समाधान करने की कोशिश की जाएगी.
प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा
अनुसूचित जाति स्थानीय प्रबंधन समिति के चेयरमैन और डिप्टी डायरेक्टर एमएन गमित भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने छात्राओं की शिकायतें सुनीं. उन्होंने कहा कि खाने और हॉस्टल की दूसरी व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों की अगले दिन तक ठीक से जांच की जाएगी और समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा. छात्राओं के आरोपों के बाद अब प्रशासन की जांच पर सबकी नजर है. छात्राओं ने उम्मीद जताई है कि खाने, पानी, सफाई, सुरक्षा और छुट्टी से जुड़ी समस्याओं पर जल्द कार्रवाई होगी और हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.