Surya Grahan 2026: साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने में अब महज कुछ ही घंटे बाकी रह गए हैं. खगोलीय और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से इस घटना को बेहद खास माना जा रहा है. आइए जानते हैं कि यह ग्रहण कब शुरू होगा, भारत में इसका असर रहेगा या नहीं और राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा.
सूर्य ग्रहण का समय और दृश्यता
भारतीय समय के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण आज रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा. ग्रहण का मध्य काल रात 11 बजकर 16 मिनट पर होगा और यह पूरी घटना रात 1 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगी. इस तरह, ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 24 मिनट की होगी.
क्या भारत में दिखेगा ग्रहण?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत में रहने वाले लोग इस खगोलीय घटना को देख पाएंगे? तो इसका जवाब है नहीं, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा.
कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?
यह मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, मॉरिशस, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों (जैसे अर्जेंटीना और चिली) में देखा जा सकेगा.
क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव केवल उन्हीं स्थानों पर होता है जहां वह दृश्यमान होता है. चूंकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा. आम जनजीवन सामान्य रहेगा, मंदिरों के कपाट बंद करने या किसी विशेष नियम के पालन की आवश्यकता नहीं है. गर्भवती महिलाओं को भी इसे लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है.
सभी 12 राशियों पर ज्योतिषीय प्रभाव
भले ही यह ग्रहण भारत में दिखाई न दिया हो, लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ा है.
1. शुभ और लाभदायक राशियां
कन्या राशि: आय और सामाजिक प्रतिष्ठा में सकारात्मक बदलाव, नए नौकरी के प्रस्ताव और व्यापार में लाभ के योग.
मकर राशि: करियर की अड़चनें दूर होंगी, कार्यक्षेत्र में तरक्की और उन्नति के नए रास्ते खुलेंगे.
कुंभ राशि: मानसिक और शारीरिक स्थिति में सुधार, करियर में सफलता और मान-सम्मान में वृद्धि.
2. सतर्क रहने वाली राशियां
मेष राशि: आर्थिक उतार-चढ़ाव और वाणी पर संयम रखने की विशेष जरूरत.
सिंह राशि: स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन में मामूली दिक्कतें आ सकती हैं.
कर्क राशि: मानसिक तनाव और निर्णय लेने की क्षमता पर असर पड़ सकता है.
वृश्चिक/अन्य राशियां: मिश्रित परिणाम देखने को मिलेंगे.
ग्रहण के दौरान और बाद के अचूक उपाय
ग्रहण के दौरान नकारात्मक प्रभावों से बचने और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करना सबसे उत्तम उपाय माना जाता है.
ग्रहण काल के दौरान क्या करें?
मंत्र जाप: अपने इष्टदेव, महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र या सूर्य देव से संबंधित बीजाक्षर मंत्रों का मानसिक जप करें.
तुलसी का प्रयोग: पके हुए भोजन या दूध-दही में पहले ही तुलसी की पत्ती डाल दें ताकि वह सुरक्षित रहे.
सकारात्मकता: घर में शांत रहकर ध्यान या प्रार्थना करें.
ग्रहण समाप्त होने के बाद के उपाय
शुद्धिकरण: ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें, पूरे घर की साफ-सफाई करें. गंगाजल का छिड़काव करें.
दान-पुण्य: अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, गुड़, आटा या जरूरतमंदों को दान दें.
ताजा भोजन: स्नान करने के बाद घर में नया और ताजा भोजन तैयार करें.