scorecardresearch
 

भारत में पहली बार डेंगू वैक्सीन से टीकाकरण शुरू, दो डोज से 80% सुरक्षा का दावा;

भारत में डेंगू से बचाव के लिए पहली बार वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की गई है, जो तमिलनाडु के तेनकासी जिले में शुरू की गई है. स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने बताया कि वैक्सीन की दो डोज तीन महीने के अंतराल पर दी जाएंगी, जो डेंगू से 80 प्रतिशत तक सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं.

Advertisement
X
डेंगू वैक्सीन ( Photo- ITG)
डेंगू वैक्सीन ( Photo- ITG)

भारत में डेंगू से बचाव के लिए पहली बार वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की गई है. तमिलनाडु के तेनकासी जिले के कडयनल्लूर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह अभियान शुरू हुआ है. इस अभियान की शुरुआत के बाद स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने बताया कि वैक्सीन की दो डोज तीन महीने के गैप पर दी जाएंगी. इस वैक्सीन से डेंगू के खिलाफ 80 प्रतिशत तक सुरक्षा मिल सकती है. ये डेंगू के गंभीर लक्षणों से बचाव करती है. 

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल यह अभियान पायलट प्रोजेक्ट ही है. इसको वैक्सीन के असर का पता लगाने और स्टडी के तौर पर शुरू किया गया है. फिलहाल बड़े लेवल पर अभी वैक्सीनेशन नहीं होगा. इस प्रोजेक्ट के आधार पर आगे का टीकाकरण कार्यक्रम तय किया जा सकत है. अब वैक्सीन से जुड़ी इस घोषणा को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि डेंगू कैसे फैलता है और वैक्सीन किस तरह काम करती है.

यह भी पढ़ें: Dengue : डेंगू में प्लेटलेट्स क्यों डाउन होते हैं? क्या इनको बढ़ाया जा सकता है, डॉक्टर से जानें

क्या है डेंगू और कैसे फैलता है?

डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है.डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द होता है.  कुछ मरीजों में डेंगू गंभीर रूप ले सकता है. इससे शरीर में प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं. डेंगू शॉक सिंड्रोम भी होता है. जो मौत का कारण बन सकता है. भारत में हर साल डेंगू के केस आते है. कुछ लोगों की मौतें भी होती हैं. अभी तक इससे बचाव के लिए कोई वैक्सीन नहीं थी, लेकिन कुछ महीनों पहले भारत में जापानी कंपनी टाकेडा की Qdenga वैक्सीन को मंजूरी दी गई थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: Delhi Dengue : दिल्ली में सितंबर में बढ़ा डेंगू और मलेरिया का खतरा, 12 दिनों में ही आए सबसे ज्यादा केस

क्या है Qdenga वैक्सीन 

Qdenga वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों स्ट्रेनम से बचाव के लिए विकसित की गई है. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने इसे 4 से 60 साल की उम्र के लोगों के लिए मंजूरी दी है. दावा किया जा रहा है कि ये वैक्सीन डेंगू से 80 फीसदी तक बचाव कर सकती है. वैक्सीन लगने के बाद डेंगू से होने वाले गंभीर लक्षणों से आसानी से बचाव किया जा सकता है. 

कैसे करती है काम

 वैक्सीन में डेंगू वायरस के बेहद कमजोर किए गए रूप होते हैं. ये वायरस स्वस्थ व्यक्ति को बीमार किए बिना संक्रमण जैसी स्थिति पैदा करते हैं. शरीर इन कमजोर वायरसों को पहचानता है और उनके खिलाफ एंटीबॉडीज बनाना शुरू करता है. जब एंटीबॉडी बन जाती है तो अगर कभी वायरस शरीर पर अटैक करता है तो ये उसको पहचानकर खत्म कर देती है. 
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement