तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन विवादों में घिर गए हैं. एक रैली के दौरान कथित तौर पर अभिनेत्री तृषा को लेकर किए गए एक अभद्र बयान पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है. इस मामले में उदयनिधि को डिटेन कर लिया गया है. उनके खिलाफ पुलिस ने छह धाराओं में मामला दर्ज किया है.
उदयनिधि ने आज तक को बताया कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है. क्या मैंने कुछ गलत कहा है? क्या मैंने किसी का नाम लिया? मैं इस पर और टिप्पणी नहीं करना चाहता. यह राजनीति से प्रेरित कदम है.
तमिलनाडु पुलिस जब उन्हें डिटेन कर ले जा रही थो तो उन्होंने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई बदले की कार्रवाई है. पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. तमिलनाडु पुलिस ने उदयनिधि के कथित बयान पर एफआईआर की है. बीएनएस की धारा 196, 192, 352, 79, 296 (बी), 61 और 351 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
स्टालिन ने अग्रिम जमानत के लिए मद्रास हाईकोर्ट का रुख भी किया है. इस मामले पर आज दोपहर में सुनवाई होगी.
उदयनिधि स्टालिन के बयान की अब जमकर आलोचना हो रही है. सत्तारूढ़ टीवीके पार्टी ने डीएमके नेता को आड़े हाथों लिया है और माफी की मांग की है. टीवीके नेता अधव अर्जुन ने उधयनिधि को अश्लील कहते हुए राजनीतिक का स्तर गिराने और महिला का अपमान करने का आरोप लगाया है.
उन्होंने उदयनिधि के भाषण को अश्लील और द्विअर्थी बताते हुए कहा कि डीएमके नेता अपनी अश्लील भाषा और डबल मीनिंग भाषणों से अन्नादुरई के आंदोलन को और उनकी प्रतिष्ठा को नष्ट कर रहे हैं. उदयनिधि के बयान महिलाओं के प्रति उनकी घटिया सोच को दर्शाते हैं. तमिलनाडु की कोई मां, बहन या माता-पिता सार्वजनिक जीवन में इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं करेंगे. महिला वोटर्स पहले भी डीएमके को खारिज कर चुकी हैं. इस तरह की बयानबाजी पर वे उदयनिधि का तमिलनाडु की राजनीति से सूपड़ा साफ कर देंगी.
टीवीके के प्रवक्ता फेलिक्स जेराल्ड ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा कि क्या विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन अपनी खुद की बेटी या बेटे को लेकर भी ऐसा कहेंगे?
हालांकि, डीएमके ने अपने नेता का बचाव किया है. पूर्व नेता टी मानो थंगाराज ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया है. उनका कहना है कि कावेरी जल विवाद और किसानों के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा किया जा रहा है.
बता दें कि उदयनिधि स्टालिन कावेरी जल विवाद को लेकर हो रहे प्रोटेस्ट के दौरान भीड़ को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधा और तमिलनाडु के लिए कावेरी के पानी के उचित प्रबंध को लेकर सरकार की जमकर आलोचना की.
इसी दौरान भीड़ ने तृषा, तृषा के नारे लगाने शुरू कर दिए. कहा जा रहा है कि इसी दौरान स्टालिन ने भीड़ से पूछा कि वह तृषा के नारे क्यों लगा रहे हैं और इस दौरान द्विअर्थी बयान दिया और अभद्र इशारा किया.