उदयनिधि स्टालिन (Udhayanidhi Stalin) एक राजनीतिज्ञ है. उन्हें दिसंबर 2022 में उनके पिता तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन (M K Stalin, CM Tamil Nadu) के नेतृत्व वाले मंत्रालय में तमिलनाडु के युवा कल्याण और खेल विकास, विशेष अधिनियम कार्यान्वयन विभाग के मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था. वह चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं.
उदयनिधि ने सितंबर 2023 को सनातन धर्म की तुलना 'डेंगू' और 'मलेरिया' से करने के बाद विवाद खड़ा कर दिया और कहा कि इसका सिर्फ विरोध नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि "उन्मूलन" किया जाना चाहिए. 'सनातन उन्मूलन सम्मेलन' में बोलते हुए, उदयनिधि ने कहा कि सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है. उनके इस बयान से काफी बवाल मचा था (Udhayanidhi Stalin Controversial Statement).
27 नवंबर 1977 को जन्में (Udhayanidhi Stalin Born) उधयनिधि स्टालिन ने अपने करियर की शुरुआत बतौर फिल्म निर्माता और अभिनेता किया था. उन्होंने हिट फिल्मों में अभिनय किया और अवॉर्डस भी जीते हैं.
उन्होंने 21 जून 2021 को तमिलनाडु में पहली बार अपने निर्वाचन क्षेत्र चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी में एक रोबोटिक सीवर क्लीनर की शुरुआत की. उदयनिधि स्टालिन को तीन साल की अवधि के लिए अन्ना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट के सदस्य के रूप में नामित किया गया था.
Tamil Nadu Vidhan Sabha Chunav Results: तमिलनाडु में थलपति विजय की पार्टी TVK 107 सीटें जीतकर सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है. वहीं, पुडुचेरी के भी फाइनल नतीजे आ चुके हैं, जहां एनडीए ने 18 सीटें जीतकर अपनी सत्ता बरकरार रखी है.
डीएमके का हिंदी और हिंदू विरोधी रुख उसकी वैचारिक नींव 'द्रविड़ आंदोलन' से गहराई से जुड़ा है. डीएमके खुद को हिंदी, हिन्दू और उत्तर भारतीय सांस्कृतिक वर्चस्व के विरोध में स्थापित करता है. पार्टी ने इन मुद्दों को अपनी राजनीतिक पहचान और वोट बैंक को एकजुट रखने के लिए किया है. लेकिन इस बार ये दांव औंधे मुंह गिरता दिख रहा है.
Udayanidhi Stalin Vidhan Sabha Chunav Result: तमिलनाडु की चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी सीट पर मुकाबला दिलचस्प रहा, जहां DMK के उदयनिधि स्टालिन की प्रतिष्ठा दांव पर थी. यहां से स्टालिन ने 7140 वोटों से जीत दर्ज की. स्टालिन को 62992 वोट मिले.
तमिलनाडु चुनाव रुझानों में विजय की TVK ने मजबूत शुरुआत की है. बदलते सियासी समीकरणों के बीच DMK पर दबाव बढ़ा है और राज्य में नई राजनीतिक दिशा की चर्चा तेज हुई है.
तमिलनाडु में चेपौकम सीट पर उदयनिधि स्टालिन भी पिछड़ते नजर आ रहे हैं. यह वही उदयनिधि स्टालिन हैं, जिनके सनातन धर्म पर दिए गए बयान को लेकर पहले काफी विवाद हुआ था. अब चुनावी मैदान में उन्हें कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है और टीवीके उम्मीदवार यहां बढ़त बनाए हुए हैं.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर हिंदी थोपे जाने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने हिंदी को अन्य राज्यों की स्थानीय भाषाओं को खत्म करने वाली भाषा बताया और फिल्म 'पराशक्ति' के एक संवाद पर सेंसर बोर्ड की आपत्ति को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की.
तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए गए बयान को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि इस्तेमाल किए गए शब्द जनसंहार और सांस्कृतिक विनाश का संकेत देते हैं. हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बयान पर सवाल उठाना हेट स्पीच नहीं है.
मदुरै जिले में एक पहाड़ी पर प्राचीन मंदिर और दरगाह एक साथ मौजूद हैं. पर तमिलनाडु की स्टालिन सरकार को लगता है कि मंदिर में एक दिन दीपक जलाने से दरगाह वालों को बुरा लग जाएगा और कानून व्यवस्था की स्थिति खऱाब हो जाएगी. मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की एक दलील नहीं मानी, और बल्कि उल्टे खरी-खरी सुना दी.
उदयनिधि स्टालिन ने डिंडीगुल कार्यक्रम में कांग्रेस को लेकर बयान दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के चुनाव चिह्न हाथ का ज़िक्र किया. इस टिप्पणी से राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस-टीवीके गठबंधन की अटकलें तेज़ हो गई. उदयनिधि ने बाद में स्पष्ट किया कि उनका आशय भरोसे और समर्थन से था, न कि किसी पार्टी संकेत से.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में शामिल होंगे. स्टालिन की पेरियार ब्रांड पॉलिटिक्स बिहार चुनाव में महागठबंधन के लिए कितनी कारगर साबित होगी?
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की निति आयोग की बैठक में भागीदारी को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को कड़ी निंदा की. उन्होंने बताया कि सीएम राज्य के लिए आर्थिक मदद के उद्देश्य से मीटिंग में गए, और किसी दबाव या डर की वजह से नहीं गए.
Tamil Nadu Rupee symbol: उदयकुमार धर्मलिंगम ने रुपये के प्रतीक ₹ का डिजाइन देवनागरी के 'र' और रोमन अक्षर 'R' को मिलाकर बनाया, जो भारतीय तिरंगे से प्रेरित है और इसे अन्य मुद्राओं से अलग दिखाने के लिए डिज़ाइन किया गया था. उनके पिता DMK के विधायक रह चुके हैं.
सिल्वर स्क्रीन से राजनीति के मैदान में डेब्यू करने वाले विजय थलपति ने अपनी रैली में बीजेपी को "वैचारिक प्रतिद्वंद्वी" कहा है, लेकिन वो सनातन विरोध जैसे विवादों से दूरी बनाकर डीएमके से अलग रुख अपना रहे हैं. भाषा विवाद पर विजय DMK-BJP दोनों को दोषी मानते हैं. ऐसे में, स्टालिन के लिए नॉर्थ-साउथ नैरेटिव एक आजमाया हुआ हथियार है, जिसे वो विजय के उभार के जवाब में और प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकते हैं.
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने केंद्र सरकार से समग्र शिक्षा अभियान फंड में अपनी हिस्सेदारी की मांग की है. उन्होंने कहा कि हम आपके बाप का पैसा नहीं मांग रहे हैं. हम अपनी हिस्सेदारी मांग रहे हैं. डिप्टी सीएम ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार राज्य पर हिंदी थोपने का प्रयास कर रही है.
Tamil Nadu Women kabaddi players attacked in Punjab: पंजाब के बठिंडा में इंटर-यूनिवर्सिटी इवेंट के दौरान तमिलनाडु की महिला कबड्डी खिलाड़ियों पर हमला हो गया. इस दौरान जमकर बवाल हुआ, खूब लात घूसे मारे गए. पूर मामले में अब तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की भी प्रतिक्रिया आई है.
तमिलनाडु की राजनीति में एक्टर विजय की धमाकेदार एंट्री कुछ कुछ वैसे ही हुई है, जैसे बिहार में प्रशांत किशोर और दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की. विजय ने जो पॉलिटिकल लाइन पकड़ी है, उसमें सनातन के विरोध की ध्वनि नहीं सुनाई देती - और ये बात तमिल पॉलिटिक्स में उनको बिलकुल अलग पेश करती है.
तमिलनाडु की डीएमके सरकार में उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने 'सनातन धर्म' पर टिप्पणियों के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया है. उदयनिधि ने तर्क दिया कि उनके बयानों का उद्देश्य महिलाओं के प्रति कथित दमनकारी प्रथाओं को एड्रेस करना था.
याचिका में सत्य कुमार ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन को आधिकारिक कार्यक्रमों में टी-शर्ट, जींस और अनौपचारिक जूते जैसे कैजुअल परिधान पहनकर ड्रेस कोड का उल्लंघन करते देखा गया है. इसके अलावा उन्होंने तर्क दिया कि उदयनिधि स्टालिन सरकारी कार्यक्रमों के दौरान अपनी टी-शर्ट पर डीएमके पार्टी के चिह्न को गलत तरीके से प्रदर्शित करते हैं. जो याचिकाकर्ता के अनुसार संवैधानिक प्रावधानों और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 का उल्लंघन है.
2024 का साल उदयनिधि और पवन कल्याण दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण साल रहा है. उदयनिधि स्टालिन की डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन ने तमिलनाडु में लोकसभा चुनावों में सभी सीटों पर जीत हासिल की, वहीं पवन कल्याण की जनसेना ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में 100 फीसदी के स्ट्राइक रेट के साथ जीत हासिल की.
संसद में जब सेंगोल को स्थापित किया गया था तो सपा, डीएमके समेत कई राजनीतिक दलों ने इसे राजशाही का प्रतीक बताते हुए इसका विरोध किया था. डीएमके ने भी इसका विरोध करते हुए कहा था कि लोकतंत्र में संविधान की बात होनी चाहिए.