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1857 की क्रांति से 2027 चुनाव की जंग तक: जानिए मेरठ जिले का हाल

मेरठ गंगा-यमुना दोआब की उपजाऊ क्रांतिधरा है, जो खेल सामग्री, कैंची उद्योग और गन्ने की खेती के लिए विश्वप्रसिद्ध है. मयराष्ट्र से हस्तिनापुर और 1857 के विद्रोह से लेकर चौधरी चरण सिंह-टिकैत के किसान आंदोलन तक, इसका समृद्ध इतिहास रहा है. राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस जिले की 7 विधानसभा सीटों में 2022 में सपा-रालोद गठबंधन को 4 और भाजपा को 3 सीटें मिलीं.

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मेरठ जिले का सियासी समीकरण (Photo-ITG)
मेरठ जिले का सियासी समीकरण (Photo-ITG)

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित मेरठ जिला ऐतिहासिक और राजनीतिक तौर पर बेहद अहम है. यह जिला गंगा और यमुना नदियों के दोआब क्षेत्र में स्थित है, जो इसे कृषि के लिए बेहद उपजाऊ बनाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, मेरठ का नाम 'मयराष्ट्र' से पड़ा है, जिसे रावण के ससुर और महान वास्तुकार 'मय दानव' की राजधानी माना जाता है.  महाभारत काल में भी इस क्षेत्र का जिक्र मिलता है, जब यह कौरवों-पांडवों के हस्तिनापुर साम्राज्य का हिस्सा था. 

1857 की क्रांति की धरती 

मेरठ का ऐतिहासिक महत्व 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से भी जुड़ा है. 10 मई 1857 को मेरठ छावनी से ही भारतीय सैनिकों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था. देखते ही देखते यह विद्रोह पूरे उत्तर भारत में फैल गया जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी. इस क्रांति की शुरुआत 'काली पलटन' मंदिर (औघड़नाथ मंदिर) से हुई थी, जो आज भी एक प्रमुख स्मारक है. 

कृषि, उद्योग और व्यापार... जानिए मेरठ की अर्थव्यवस्था:  

आपको बता दें कि मेरठ जिले का अधिकांश हिस्सा उपजाऊ दोआब क्षेत्र में होने के कारण कृषि प्रधान है. गन्ना मेरठ की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसल है, और जिले में कई चीनी मिलें हैं. इसके अलावा गेहूं, चावल, मक्का, दालें और सब्जियां भी बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं. इसके साथ यह जिला विशेष रूप से खेल के सामान के निर्माण के लिए दुनिया भर में फेमस है. दुनिया के बेस्ट क्रिकेट बैट और अन्य खेल सामग्री मेरठ में ही बनते हैं. इसके अलावा, मेरठ कैंची और वाद्य यंत्रों के निर्माण के लिए भी जाना जाता है. यहां कपड़ा मिलें, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि उपकरण और ऑटोमोबाइल पार्ट्स के निर्माण की इकाइयां भी हैं. 

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मेरठ जिला एक प्रमुख एजुकेशनल हब भी है, जहां चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी, और सुभारती यूनिवर्सिटी जैसे कई प्रमुख संस्थान हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग, मेडिकल और प्रबंधन कॉलेज हैं. 

जातिगत समीकरण

जिले की जनसंख्या में हिंदू और मुस्लिम आबादी प्रमुख है. हिंदू आबादी में जाट, गुर्जर, ब्राह्मण, वैश्य (बनिया), दलित और अन्य पिछड़े वर्ग (OBC) प्रमुख हैं. वहीं, मुस्लिम आबादी में भी विभिन्न उपजातियां और समूह हैं. शहर के पुराने इलाकों में मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है. 

बात सियासत की 

मेरठ जिला पश्चिमी यूपी की राजनीति का केंद्र बिंदु है. यहां की राजनीति पर किसानों और जातिगत समीकरणों का गहरा प्रभाव रहता है. यहां चौधरी चरण सिंह और बाद में उनके बेटे अजीत सिंह का काफी प्रभाव रहा. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के महेंद्र सिंह टिकैत और अब उनके बेटे नरेश टिकैत-राकेश टिकैत का भी यहां गहरा प्रभाव है. पिछले कुछ चुनावों में यहां हिंदू-मुस्लिम वोटों में जबरदस्त ध्रुवीकरण देखने को मिला है. 

विधानसभा चुनाव रिजल्ट: 2017 और 2022

मेरठ जिले में कुल 7 विधानसभा सीटें- सिवालखास, सरधना, हस्तिनापुर, किठौर, मेरठ कैंट, मेरठ, और मेरठ दक्षिण हैं. 

2017 के चुनावों में BJP ने जिले की 7 में से 6 सीटों पर एकतरफा जीत दर्ज की थी. वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा-रालोद (SP-RLD) गठबंधन ने वापसी करते हुए 4 सीटों पर कब्जा जमाया और बीजेपी को 3 सीटों पर समेट दिया. वहीं, मेरठ लोकसभा सीट पर 2014 और 2019 के चुनाव में भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल ने जीत दर्ज की थी. अभी भाजपा के अरुण गोविल सांसद हैं. 

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2017 चुनाव- सिवालखास (जितेन्द्र पाल सिंह बिल्लू, BJP), सरधना (संगीत सिंह सोम, BJP), हस्तिनापुर (दिनेश खटीक, BJP), किठौर (सत्यवीर त्यागी, BJP), मेरठ कैंट (सत्य प्रकाश अग्रवाल, BJP), मेरठ दक्षिण (डॉ. सोमेंद्र तोमर, BJP) और मेरठ शहर (रफीक अंसारी, सपा). 

2022 चुनाव- 

SP-RLD गठबंधन ने 4 सीटें जीती थीं. सिवालखास से गुलाम मोहम्मद (RLD), सरधना से अतुल प्रधान (सपा), किठौर से शाहिद मंजूर (सपा) और मेरठ शहर से रफीक अंसारी (सपा). 

जबकि, BJP ने 3 सीटें जीती थीं. मेरठ कैंट से अमित अग्रवाल, हस्तिनापुर से दिनेश खटीक और मेरठ दक्षिण से डॉ. सोमेंद्र तोमर. 

वर्तमान में मेरठ के प्रमुख बड़े राजनीतिक चेहरे- 

अरुण गोविल (भाजपा): रामायण धारावाहिक में 'भगवान राम' का किरदार निभाने वाले अभिनेता, जो मेरठ लोकसभा सीट से भाजपा के सांसद हैं. 
दिनेश खटीक (भाजपा): हस्तिनापुर से विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में जलशक्ति राज्य मंत्री. 
डॉ. सोमेंद्र तोमर (भाजपा): मेरठ दक्षिण से विधायक और राज्य सरकार में ऊर्जा राज्य मंत्री. 
शाहिद मंजूर (सपा): पूर्व कैबिनेट मंत्री और किठौर से वरिष्ठ विधायक.
अतुल प्रधान (सपा): सरधना से विधायक और छात्र राजनीति से उभरे फायरब्रांड नेता.  
संगीत सिंह सोम (भाजपा): सरधना के पूर्व विधायक और पश्चिमी यूपी में भाजपा के प्रमुख हिंदुत्व चेहरों में से एक.   
अमित अग्रवाल (भाजपा): मेरठ कैंट से विधायक, जिन्होंने 2022 में जिले की सबसे बड़ी जीत हासिल की.   

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