उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने बड़ा एक्शन लिया है. मायावती ने गुरुवार को सतीश चंद्र मिश्रा के बेहद करीबी माने जाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ 'अंटू मिश्रा' को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अनंत कुमार मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया और एक्स पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. बसपा की सरकार में अंटू मिश्रा स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं और सतीश चंद्र मिश्रा के करीबी माने जाते हैं. अंटू मिश्रा कानपुर के महाराजपुर विधानसभा सीट से 2027 का चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे हैं.
बसपा प्रमुख ने कहा कि वैसे भी अब उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल काफी गरमाया हुआ है. पार्टी के सभी स्तर के लोगों को विरोधियों के सभी प्रकार के साम, दाम, दंड,भेद आदि हथकंडों से सावधान रहते हुए अपनी पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ बसपा के अंबेडकरवादी मिशन को आगामी विधानसभा आमचुनाव में सफल बनाने में पूरे जी-जान से लगे रहना है, यही संदेश व अपील भी है.
बसपा का बयान
बसपा के केंद्रीय कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि अंटू मिश्रा लंबे वक्त से पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे. पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की.
बसपा में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के अंटू मिश्रा करीबी माने जाते हैं. सतीश मिश्रा ही उन्हें बसपा में लेकर आए थे. अंटू को पार्टी ने फर्रुखाबाद की सदर से 2007 में विधानसभा का चुनाव लड़वाया और जीतने पर कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया था. अंटू मिश्रा के साथ ही नकुल दुबे भी सतीश चंद्र मिश्रा के करीबी थे और लखनऊ के बक्शी का तालाब विधानसभा क्षेत्र से विधायक होने के बाद कैबिनेट मंत्री बने. अब नकुल दुबे कांग्रेस में हैं और अंटू मिश्रा को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
अंटू मिश्रा पर कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं. बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को चुनाव के दौरान विरोधी दलों से सतर्क रहने की अपील की है.
बसपा ने अपने कार्यकर्ताओं से पार्टी के आंबेडकरवादी मिशन के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने का आह्वान किया है. साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत करने और बेहतर प्रदर्शन के लिए संगठन को पूरी ताकत से जुटने का संदेश दिया गया है.