scorecardresearch
 
Advertisement

फर्रुखाबाद विधानसभा चुनाव 2027 (Farrukhabad Assembly Election 2027)

  • आगरा कैंट
  • आगरा उत्तर
  • आगरा ग्रामीण
  • आगरा दक्षिण
  • अजगरा
  • अकबरपुर
  • अकबरपुर-रनिया
  • आलापुर
  • अलीगंज
  • अलीगढ़
  • इलाहाबाद उत्तर
  • इलाहाबाद दक्षिण
  • इलाहाबाद पश्चिम
  • अमनपुर
  • अमेठी
  • अमृतपुर
  • अमरोहा
  • अनूपशहर
  • आंवला
  • आर्य नगर
  • असमोली
  • अतरौली
  • अतरौलिया
  • औराई
  • औरैया
  • अयाह शाह
  • अयोध्या
  • आजमगढ़
  • बाबागंज
  • बबेरू
  • बबीना
  • बछरावां
  • बदायूं
  • बदलापुर
  • बागपत
  • बाह
  • बहेड़ी
  • बहराइच
  • बैरिया
  • बख्शी का तालाब
  • बालामऊ
  • बलदेव
  • बलहा
  • बलिया नगर
  • बलरामपुर
  • बांदा
  • बांगरमऊ
  • बांसडीह
  • बांसगांव
  • बांसी
  • बारा
  • बाराबंकी
  • बरौली
  • बड़ौत
  • बरेली
  • बरेली कैंट
  • बरहज
  • बढ़ापुर
  • बरखेड़ा
  • बस्ती सदर
  • बेहट
  • बेल्थरा रोड
  • भदोही
  • भगवंतनगर
  • भरथना
  • भाटपार रानी
  • भिनगा
  • भोगनीपुर
  • भोजीपुरा
  • भोजपुर
  • भोगांव
  • बिधूना
  • बिजनौर
  • बीकापुर
  • बिलारी
  • बिलासपुर
  • बिलग्राम-मल्लावां
  • बिल्हौर
  • बिल्सी
  • बिंदकी
  • बीसलपुर
  • बिसौली
  • बिसवां
  • बिथरी चैनपुर
  • बिठूर
  • बुढ़ाना
  • बुलंदशहर
  • कैम्पियरगंज
  • चायल
  • चकिया
  • चमरौआ
  • चंदौसी
  • चांदपुर
  • चरखारी
  • चरथावल
  • चौरी-चौरा
  • छानबे
  • छपरौली
  • छर्रा
  • छाता
  • छिबरामऊ
  • चिल्लूपार
  • चित्रकूट
  • चुनार
  • करनैलगंज
  • ददरौल
  • दादरी
  • दरियाबाद
  • दातागंज
  • डिबाई
  • देवबंद
  • देवरिया
  • धामपुर
  • धनौरा
  • धनघटा
  • धौलाना
  • धौरहरा
  • दिबियापुर
  • दीदारगंज
  • डुमरियागंज
  • दुद्धी
  • एटा
  • इटावा
  • एत्मादपुर
  • फरीदपुर
  • फर्रुखाबाद
  • फतेहाबाद
  • फतेहपुर
  • फतेहपुर सीकरी
  • फाजिलनगर
  • फिरोजाबाद
  • गैंसड़ी
  • गंगोह
  • गरौठा
  • गढ़मुक्तेश्वर
  • गौरा
  • गौरीगंज
  • घाटमपुर
  • गाजियाबाद
  • गाजीपुर
  • घोरावल
  • घोसी
  • गोला गोकर्णनाथ
  • गोंडा
  • गोपालपुर
  • गोपामऊ
  • गोरखपुर ग्रामीण
  • गोरखपुर शहरी
  • गोसाईंगंज
  • गोवर्धन
  • गोविंदनगर
  • गुन्नौर
  • ज्ञानपुर
  • हैदरगढ़
  • हमीरपुर
  • हंडिया
  • हापुड़
  • हरचंदपुर
  • हरदोई
  • हरगांव
  • हर्रैया
  • हसनपुर
  • हस्तिनापुर
  • हाटा
  • हाथरस
  • हुसैनगंज
  • इगलास
  • इसौली
  • इटवा
  • जगदीशपुर
  • जहानाबाद
  • जखनियां
  • जलालाबाद
  • जलालपुर
  • जलेसर
  • जंगीपुर
  • जसराना
  • जसवंतनगर
  • जौनपुर
  • जेवर
  • झांसी नगर
  • कादीपुर
  • कायमगंज
  • कैराना
  • कैसरगंज
  • कालपी
  • कल्याणपुर
  • कन्नौज
  • कानपुर कैंट
  • कांठ
  • कपिलवस्तु
  • कप्तानगंज
  • करछना
  • करहल
  • कासगंज
  • कास्ता
  • कटेहरी
  • कटरा
  • कटरा बाजार
  • केराकत
  • खड्डा
  • खागा
  • खैर
  • खजनी
  • खलीलाबाद
  • खतौली
  • खेरागढ़
  • खुर्जा
  • किदवई नगर
  • किशनी
  • किठौर
  • कोइल
  • कोरांव
  • कुंडा
  • कुंदरकी
  • कुर्सी
  • कुशीनगर
  • लहरपुर
  • लखीमपुर
  • लालगंज
  • ललितपुर
  • लंभुआ
  • लोनी
  • लखनऊ कैंट
  • लखनऊ मध्य
  • लखनऊ पूर्व
  • लखनऊ उत्तर
  • लखनऊ पश्चिम
  • मछलीशहर
  • माधौगढ़
  • मधुबन
  • महादेवा
  • महराजगंज
  • महराजपुर
  • महसी
  • महमूदाबाद
  • महोबा
  • महोली
  • मैनपुरी
  • मझवां
  • मल्हनी
  • मलिहाबाद
  • मानिकपुर
  • मंझनपुर
  • मनकापुर
  • मांट
  • मारहरा
  • मड़िहान
  • मड़ियाहूं
  • मटेरा
  • मथुरा
  • मऊ
  • मऊरानीपुर
  • मीरापुर
  • मीरगंज
  • मेरठ
  • मेरठ कैंट
  • मेरठ दक्षिण
  • मेहनगर
  • मेहनौन
  • मेहरौनी
  • मेजा
  • मेंहदावल
  • मिलक
  • मिल्कीपुर
  • मिर्जापुर
  • मिश्रिख
  • मोदीनगर
  • मुहम्मदाबाद
  • मोहम्मदी
  • मोहन
  • मोहनलालगंज
  • मुरादाबाद नगर
  • मुरादाबाद ग्रामीण
  • मुबारकपुर
  • मुगलसराय
  • मुहम्मदाबाद-गोहना
  • मुंगरा बादशाहपुर
  • मुरादनगर
  • मुजफ्फरनगर
  • नगीना
  • नजीबाबाद
  • नकुड़
  • नानपारा
  • नरैनी
  • नौगावां सादात
  • नौतनवा
  • नवाबगंज
  • नेहटौर
  • निघासन
  • निजामाबाद
  • नोएडा
  • नूरपुर
  • ओबरा
  • उरई
  • पडरौना
  • पलिया
  • पनियरा
  • पथरदेवा
  • पटियाली
  • पट्टी
  • पयागपुर
  • फाफामऊ
  • फरेंदा
  • फेफना
  • फूलपुर-पवई
  • फूलपुर
  • पीलीभीत
  • पिंडरा
  • पिपराइच
  • पुवायां
  • प्रतापगढ़
  • प्रतापपुर
  • पूरनपुर
  • पुरकाजी
  • पुरवा
  • रायबरेली
  • रामनगर
  • रामकोला
  • रामपुर
  • रामपुर कारखाना
  • रामपुर खास
  • रामपुर मनिहारन
  • रानीगंज
  • रसड़ा
  • रसूलाबाद
  • राठ
  • रॉबर्ट्सगंज
  • रोहनिया
  • रुदौली
  • रुधौली
  • रुद्रपुर
  • सादाबाद
  • सदर
  • सफीपुर
  • सगड़ी
  • सहजनवा
  • सहारनपुर
  • सहारनपुर नगर
  • सहसवान
  • साहिबाबाद
  • सैदपुर
  • सैयदराजा
  • सकलडीहा
  • सलेमपुर
  • सलोन
  • संभल
  • सांडी
  • संडीला
  • सरधना
  • सरेनी
  • सरोजिनी नगर
  • सवायजपुर
  • सेवापुरी
  • सेवता
  • शाहाबाद
  • शाहगंज
  • शाहजहांपुर
  • शामली
  • शेखूपुर
  • शिकारपुर
  • शिकोहाबाद
  • शिवपुर
  • शोहरतगढ़
  • श्रावस्ती
  • सिधौली
  • सिकंदरपुर
  • सिकंदरा
  • सिकंदरा राऊ
  • सिकंदराबाद
  • सिराथू
  • सिरसागंज
  • सीसामऊ
  • सिसवा
  • सीतापुर
  • सिवालखास
  • सोरांव
  • श्रीनगर
  • स्वार
  • सुल्तानपुर
  • स्याना
  • तमकुही राज
  • टांडा
  • तरबगंज
  • ठाकुरद्वारा
  • थाना भवन
  • तिलहर
  • तिलोई
  • तिंदवारी
  • तिर्वा
  • तुलसीपुर
  • टूंडला
  • ऊंचाहार
  • उन्नाव
  • उतरौला
  • वाराणसी कैंट
  • वाराणसी उत्तर
  • वाराणसी दक्षिण
  • विश्वनाथगंज
  • जफराबाद
  • जहीराबाद
  • जैदपुर
  • जमानियां
फर्रुखाबाद विधानसभा चुनाव 2027 (Farrukhabad Assembly Election 2027)

फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गंगा के किनारे स्थित जुड़वां शहर हैं. फर्रुखाबाद तहसील मुख्यालय है, जबकि फतेहगढ़ जिला मुख्यालय और प्रशासनिक केंद्र है. ये दोनों जुड़वां शहर क्षेत्र के वाणिज्यिक केंद्र हैं और इनकी ऐतिहासिक जड़ें काफी गहरी हैं.

1957 के विधानसभा चुनावों से पहले स्थापित फर्रुखाबाद एक सामान्य, अनारक्षित विधानसभा क्षेत्र है और फर्रुखाबाद लोकसभा सीट के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. 2008 के परिसीमन के बाद इसमें फर्रुखाबाद-कम-फतेहगढ़ नगरपालिका क्षेत्र, फतेहगढ़ छावनी बोर्ड और पहाड़ा कानूनगो सर्किल के अंतर्गत आने वाले गांव शामिल हैं, जिससे इसका स्वरूप मुख्य रूप से शहरी है.

1952 के विधानसभा चुनावों में फर्रुखाबाद में दो विधानसभा क्षेत्र थे. यह उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता के बाद आयोजित पहला विधानसभा चुनाव था. ये क्षेत्र फर्रुखाबाद पश्चिम-कम-छिबरामऊ और फर्रुखाबाद मध्य-कम-कायमगंज पूर्व विधानसभा क्षेत्र थे, जिन्हें 1957 के चुनावों से प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया गया.

फर्रुखाबाद में अब तक 19 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिनमें दो उपचुनाव भी शामिल हैं. दोनों उपचुनाव जेल में बंद पूर्व विधायक विजय सिंह से जुड़े रहे. 1997 का उपचुनाव तत्कालीन भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की फरवरी 1997 में हत्या के बाद हुआ था. इसके बाद हुए उपचुनाव में द्विवेदी की पत्नी प्रभा द्विवेदी ने जीत दर्ज की. इसके बाद विजय सिंह ने 2002 का चुनाव निर्दलीय और 2007 का चुनाव समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीता. उन्होंने बहुजन समाज पार्टी में शामिल होने के बाद विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था. उस समय राज्य में बसपा की सरकार बनी थी. बाद में द्विवेदी हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने के बाद बसपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया. इसके बाद विजय सिंह ने अगस्त 2007 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में उपचुनाव लड़ा, लेकिन बसपा उम्मीदवार अनंत मिश्रा से हार गए. 2003 में निचली अदालत द्वारा उन्हें दी गई उम्रकैद की सजा पर शुरू में रोक लगा दी गई थी, लेकिन मई 2017 में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने उनकी सजा को बरकरार रखा.

विजय सिंह ने 2012 का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा और जीत हासिल की. उन्होंने ब्रह्मदत्त द्विवेदी के बेटे मेजर सुनील दत्त द्विवेदी को केवल 147 वोटों के अंतर से हराया. इस परिणाम में भाजपा के वोटों के विभाजन की बड़ी भूमिका रही, क्योंकि भाजपा के बागी नेता कल्याण सिंह द्वारा बनाई गई जन क्रांति पार्टी को 9,405 वोट मिले, जो भाजपा की जीत को प्रभावित करने के लिए पर्याप्त थे. बाद में चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी गई, लेकिन विजय सिंह का निर्वाचन बरकरार रखा गया.

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के जन क्रांति पार्टी का भाजपा में विलय करने के बाद भाजपा में वापस आने से 2017 में भाजपा को फर्रुखाबाद सीट जीतने में कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई. सुनील दत्त द्विवेदी ने बसपा के मोहम्मद उमर खान को 45,427 वोटों से हराया. भाजपा ने 2022 में भी यह सीट बरकरार रखी. सुनील दत्त द्विवेदी को 1,12,314 वोट मिले, जबकि उनके समाजवादी पार्टी के प्रतिद्वंद्वी सुमन शाक्य को 72,998 वोट मिले. इस तरह भाजपा ने 39,316 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.

फर्रुखाबाद में अब तक हुए 19 विधानसभा चुनावों में भाजपा ने आठ बार यह सीट जीती है. इसमें 1962 में उसके पूर्ववर्ती भारतीय जनसंघ की जीत भी शामिल है. कांग्रेस ने छह बार यह सीट जीती है. विजय सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में दो बार यह सीट जीती, जबकि जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने एक-एक बार यह सीट अपने नाम की.

लोकसभा चुनावों के दौरान भी फर्रुखाबाद में भाजपा का प्रभाव मतदान के रुझानों में दिखाई देता है. पिछले चार संसदीय चुनावों में से तीन में भाजपा इस विधानसभा क्षेत्र में आगे रही है. 2009 में कांग्रेस ने भाजपा पर 16,007 वोटों की बढ़त बनाई थी. यह एकमात्र मौका था जब भाजपा दूसरे स्थान पर रही. इसके बाद हुए तीन लोकसभा चुनावों में भाजपा शीर्ष पर रही. 2014 में उसने कांग्रेस पर 64,465 वोटों की बढ़त बनाई और 2019 में बसपा के खिलाफ 51,729 वोटों की बढ़त हासिल की. उस समय समाजवादी पार्टी ने अपने तत्कालीन सहयोगी बसपा के लिए फर्रुखाबाद लोकसभा सीट छोड़ दी थी.

समाजवादी पार्टी 2024 में फर्रुखाबाद लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में वापस आई और भाजपा की बढ़त को काफी कम करने में सफल रही. इसके बावजूद भाजपा शीर्ष पर रही. उसके फर्रुखाबाद लोकसभा उम्मीदवार मुकेश राजपूत को 1,00,225 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार नवल किशोर शाक्य को 88,715 वोट मिले. इस तरह विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की बढ़त घटकर 11,510 वोट रह गई.

फर्रुखाबाद में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या वर्षों से लगातार बढ़ती रही, लेकिन 2024 में इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई. इसके बाद 2026 के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद इसमें और अधिक कमी आई. 2012 में मतदाताओं की संख्या 3,16,062 थी, जो 2017 में बढ़कर 3,55,345 हो गई. 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान यह संख्या 3,65,204 थी. 2022 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 3,73,374 हो गया और 2024 में मामूली गिरावट के साथ 3,70,567 रह गया. विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 2,78,776 मतदाता थे. यह 2024 के आंकड़े से 91,791 कम था और इसमें 24.77 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई.

पिछले वर्षों में मतदाता मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा है. 2012 में यह 55.16 प्रतिशत और 2017 में 58.55 प्रतिशत था. 2019 के लोकसभा चुनाव में यह घटकर 55.17 प्रतिशत और 2022 के विधानसभा चुनाव में 56.04 प्रतिशत रह गया. 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत 53.87 रहा, जो अब तक का सबसे कम स्तर था. अपेक्षाकृत कम मतदान इस विधानसभा क्षेत्र के शहरी स्वरूप के अनुरूप है.

फर्रुखाबाद हिंदू बहुल विधानसभा क्षेत्र है, जहां मुस्लिम आबादी भी काफी महत्वपूर्ण है. 2011 की जनगणना के अनुसार मुस्लिम आबादी 19.20 प्रतिशत है, जबकि अनुसूचित जाति की आबादी 15.91 प्रतिशत है. अन्य प्रमुख सामाजिक समूहों में यादव, शाक्य, लोध, ब्राह्मण और ठाकुर शामिल हैं. ग्रामीण इलाकों में जाटव और अन्य अनुसूचित जाति समुदायों की भी मौजूदगी है. विधानसभा क्षेत्र की आबादी मुख्य रूप से शहरी है. इसमें 64.18 प्रतिशत लोग फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ में रहते हैं, जबकि शेष 35.82 प्रतिशत आबादी पहाड़ा कानूनगो सर्किल के गांवों में रहती है.

फर्रुखाबाद की स्थापना 1714 में नवाब मोहम्मद खान बंगश ने की थी. वह पठान सैन्य नेता थे, जिन्हें 52 गांवों की जागीर मिली थी. उन्होंने मुगल सम्राट फर्रुखसियर के नाम पर नई बस्ती का नाम फर्रुखाबाद रखा. जिला प्रशासन के अनुसार फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ के बीच लगभग 5 किलोमीटर की दूरी है. फतेहगढ़ का नाम एक पुराने किले के नाम पर पड़ा है और यह काफी महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र बन गया था. 1802 में यह सीडेड प्रोविंसेज के गवर्नर-जनरल के एजेंट का मुख्यालय बना. इसके बाद 1818 में यहां गन कैरिज फैक्ट्री स्थापित की गई.

जुड़वां शहरों की भौगोलिक स्थिति ने फर्रुखाबाद को स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका दी है. विधानसभा क्षेत्र में आने वाले गांवों में कृषि आज भी महत्वपूर्ण है, जबकि फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ प्रमुख वाणिज्यिक, प्रशासनिक और सेवा केंद्र हैं. फर्रुखाबाद जरी और कढ़ाई के काम के लिए भी जाना जाता है. वहीं फतेहगढ़ के सैन्य प्रतिष्ठानों और छावनी ने शहरी क्षेत्र के आर्थिक महत्व में योगदान दिया है. गंगा और रामगंगा इस व्यापक क्षेत्र की प्रमुख नदियां हैं. इनमें गंगा विधानसभा क्षेत्र के भूगोल के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.

फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं. जिले में फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन हैं. सड़क नेटवर्क विधानसभा क्षेत्र को कानपुर, हरदोई, कन्नौज, शाहजहांपुर और आसपास के अन्य केंद्रों से जोड़ता है. जिला प्रशासन के अनुसार सड़क मार्ग से फर्रुखाबाद कानपुर से लगभग 140 किलोमीटर, हरदोई से 70 किलोमीटर, लखनऊ से 190 किलोमीटर, बरेली से 120 किलोमीटर और आगरा से 200 किलोमीटर दूर है. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे ने कन्नौज, कानपुर और लखनऊ की ओर पहुंच को भी बेहतर किया है.

फर्रुखाबाद में भाजपा का रिपोर्ट कार्ड काफी प्रभावशाली दिखाई देता है. पार्टी ने लगातार दो विधानसभा चुनाव जीते हैं और 2014 के बाद हुए तीनों संसदीय चुनावों में इस क्षेत्र में बढ़त बनाई है. 2024 के लोकसभा चुनाव में उसे मामूली झटका लगा, जब समाजवादी पार्टी ने भाजपा की बढ़त को करीब 5.8 प्रतिशत अंक तक कम कर दिया. यह भाजपा के लिए एक चेतावनी थी, हालांकि इससे स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया. फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी के बड़े प्रभाव डालने में असफल रहने के पीछे ऐतिहासिक रूप से विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की मौजूदगी भी एक कारण रही है, जिसने भाजपा विरोधी वोट के लिए एक और दावेदार उपलब्ध कराया.

इस बीच भाजपा ने कई हिंदू समुदायों, खासकर सवर्ण मतदाताओं के बीच अपना मजबूत आधार बनाए रखा है. हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव को कुछ अलग तरीके से देखा जाना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस ने फर्रुखाबाद सीट पर अलग से चुनाव नहीं लड़ा था. इससे समाजवादी पार्टी मुख्य विपक्षी उम्मीदवार बन गई थी.

विशेष गहन पुनरीक्षण का 2027 के विधानसभा चुनाव पर प्रभाव पड़ना तय है, हालांकि इसका स्तर अभी स्पष्ट नहीं है. 2024 में 3,70,567 मतदाताओं से घटकर विशेष गहन पुनरीक्षण की अंतिम सूची में 2,78,776 मतदाता रह जाने से विधानसभा क्षेत्र का संख्यात्मक आधार पड़ोसी विधानसभा क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक बदल गया है. फिर भी राजनीतिक रिकॉर्ड को नजरअंदाज करना मुश्किल है. भाजपा ने पिछले दो विधानसभा चुनावों में फर्रुखाबाद सीट जीती है और लगातार तीन लोकसभा चुनावों में इस क्षेत्र में बढ़त बनाई है. समाजवादी पार्टी ने 2024 में अंतर को काफी कम किया, लेकिन विधानसभा क्षेत्र में वह भाजपा से 11,510 वोट पीछे रही.

उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रवेश करते समय फर्रुखाबाद में भाजपा स्पष्ट रूप से आगे है. हालांकि लोकसभा चुनाव में कम हुआ अंतर समाजवादी पार्टी को आगे की रणनीति बनाने का आधार देता है और भाजपा के लिए इस चुनौती को हल्के में लेना कठिन बनाता है.

(अजय झा)

और पढ़ें
छोटा करें
Advertisement

फर्रुखाबाद विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2022
2017
WINNER

Major Sunil Dutt Dwivedi

img
BJP
वोट1,12,314
विजेता पार्टी का वोट %53.8 %
जीत अंतर %18.8 %

फर्रुखाबाद विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Suman Shakya

    SP

    72,998
  • Vijay Kumar Katiyar

    BSP

    16,611
  • Louise Khurshid

    INC

    2,045
  • Ruchi Singh Rajput

    JANADIP

    1,251
  • Nota

    NOTA

    930
  • Neeraj Pratap Shakya

    AAAP

    758
  • Krishan Kumar Tiwari

    IND

    534
  • Dr. Bharat Chandra Gaur

    IND

    461
  • Vikrant Singh

    SILP

    392
  • Rajesh Kumar Dixit

    BSCP

    172
  • Varun Ashok Saxena

    JD(U)

    168
Advertisement

फर्रुखाबाद विधानसभा चुनाव सीट 2027 से जुड़े सवाल जवाब (FAQs)

फर्रुखाबाद विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2022) विधायक कौन हैं?

2022 में फर्रुखाबाद में विजयी उम्मीदवार का वोट प्रतिशत कितना था?

2022 के फर्रुखाबाद विधानसभा चुनाव सीट पर Major Sunil Dutt Dwivedi को कितने वोट मिले थे?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 कब आयोजित होंगे?

पिछला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किस पार्टी ने जीता था?

फर्रुखाबाद विधानसभा चुनाव परिणाम 2027 कब घोषित होंगे?

Advertisement
Advertisement