10 अगस्त को छात्रों द्वारा किए गए विधानसभा घेराव के बाद भी आंदोलन लगातार जारी है. हालांकि, मौजूदा समय में धरनास्थल पर छात्रों की संख्या में थोड़ी कमी आई है, लेकिन आंदोलन को एक बार फिर तेज करने की रणनीति बनाई जा रही है. छात्र नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो 15 अगस्त के बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा.
CM हाउस बना 'अभेद्य किला', 100 से अधिक अतिरिक्त जवान तैनात
छात्रों के आंदोलन के अल्टीमेटम को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास और आसपास के पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. प्रमुख रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है और 100 से अधिक अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों की मौजूदगी को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.
दरअसल, 10 अगस्त को जब पूरा प्रशासन छात्रों के प्रदर्शन और विधानसभा मार्च में व्यस्त था, उसी दौरान भाजपा (BJP) नेताओं ने अचानक मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर दिया था. उस घटना से सबक लेते हुए खुफिया इनपुट्स के आधार पर पूरे क्षेत्र को 'अभेद्य किले' में तब्दील कर दिया गया है. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अलग-अलग जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है.
ट्रैफिक डायवर्जन से कचहरी चौक पर लगा जाम, आम लोग परेशान
सुरक्षा के मद्देनजर मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और कई रूटों का ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है. मोराबादी से सूचना भवन की ओर आने-जाने वाले मार्ग को भी परिवर्तित कर दिया गया है. अचानक हुए इस ट्रैफिक डायवर्जन के कारण कचहरी चौक सहित आसपास के इलाकों में लंबा जाम लग गया, जिससे दफ्तर, स्कूल और कॉलेज जाने वाले आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
ड्रोन कैमरों से निगरानी, सादे लिबास में पुलिस बल तैनात
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हो रहे छात्रों की गतिविधियों पर पुलिस मुख्यालय और जिला प्रशासन पैनी नजर रखे हुए है. संवेदनशील चौक-चौराहों पर अतिरिक्त बल की तैनाती के साथ-साथ सादे लिबास में पुलिस और खुफिया विभाग (IB) के जवानों को तैनात किया गया है. पूरे आंदोलन क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि किसी को भी कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी.