Arun Verma
SP
Om Prakash Singh (o.p. Singh)
BSP
Abhishek Singh Rana
INC
Anil Kumar
MBCOI
Nota
NOTA
Anees Ahmad
ASPKR
Brijesh Kumar
AAAP
राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचे थे. दौरे के दौरान उन्होंने व्यापारियों, वकीलों, फार्मासिस्टों और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं.
पूर्व मंत्री और बाहुबली नेता अमरमणि त्रिपाठी की कांग्रेस नेताओं के साथ बढ़ती नजदीकियों ने उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में चर्चा तेज कर दी है. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले त्रिपाठी परिवार की 'घर वापसी' के कयास लगाए जा रहे हैं, जिससे पूर्वांचल के राजनीतिक समीकरण बदलने के आसार हैं.
रायबरेली से सांसद चुने जाने के बाद राहुल गांधी लगातार स्थानीय दौरों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और जन-प्रतिनिधियों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं. 2024 के लोकसभा नतीजों से उत्साहित कांग्रेस अब जिले में 'सोनिया एरा' की वापसी की उम्मीद के साथ 2027 के विधानसभा चुनाव में अपना सूखा खत्म करने की तैयारी में जुट गई है.
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने के लिए बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व मैदान में उतरने जा रहा है. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष हारी हुई सीटों का फीडबैक लेने के साथ सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति बनाएंगे.
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के करीब आते ही समाजवादी पार्टी ने छात्र सभा के नेताओं के लिए नया नीला ड्रेस कोड लागू किया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इसे अवसरवादी राजनीति और जनता को भ्रमित करने वाला कदम बताया है.
उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले दलित वोटरों और जेन-जी को साधने के लिए अखिलेश यादव ने बड़ा दांव चला है. सपा प्रमुख ने अपनी 'पीडीए' रणनीति को धार देते न केवल खुद नीला गमछा धारण किया, बल्कि सपा छात्र सभा का नया ड्रेस कोड भी नीला तय कर दिया है.
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने छात्र सभा का ड्रेस कोड बदलकर नीली टी-शर्ट और नीली जींस को नया प्रतीक बनाया है अखिलेश यादव के नीले गमछे से लेकर सपा की नई रणनीति तक, क्या ये बसपा के दलित वोट बैंक और Gen-Z युवाओं को साधने का चुनावी दांव है? इस वीडियो में समझिए लाल से नीले तक की पूरी सियासी कहानी.
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक तापमान बढ़ने के साथ ही अवध बेल्ट में भाजपा की चुनौतियां बढ़ती दिख रही हैं. कौशल किशोर की सार्वजनिक नाराजगी और हीरा ठाकुर जैसे ओबीसी नेताओं के पाला बदलने से पार्टी के 'सोशल इंजीनियरिंग' और 'गैर-जाटव दलित' समीकरण पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
बहुजन समाज पार्टी की सर्वोच्च नेता मायावती ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को बसपा का मुख्य सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया है. 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने और युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से उन्हें लगभग 15 राज्यों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है.
लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती ने एक बार फिर से आकाश आनंद से सभी पद छीनकर पैदल कर दिए हैं. मायावती ने आखिर आकाश को क्यों हटाया और क्या किसी नए युवा चेहरे पर दांव लगाने की तैयारी में हैं. यह बात इसीलिए कही जा रही है कि गुरुवार की बैठक में आकाश के छोटे भाई ईशान गले में बसपा का गमछा पहने नजर आए.