समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में विधानमंडल दल की बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में अखिलेश ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बड़े वादों की घोषणा की. उन्होंने ऐलान किया कि सपा सरकार बनते ही कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाएगी. साथ ही महिलाओं को सालाना ₹40 हजार पेंशन और स्वरोजगार के लिए ₹2 लाख दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि 2024 का गठबंधन 2027 में भी जारी रहेगा.
अखिलेश यादव ने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने को तैयार है. समाजवादी पार्टी को जनता का भारी समर्थन है. बीजेपी सरकार के कुशासन से अब जनता ऊब गई है. प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है. महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार चरम पर है. विधानसभा चुनाव में बीजेपी का सत्ता से हटना तय हो गया है.
'पुरानी पेंशन होगी बहाल'
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने साफ किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है. सत्ता में आने के बाद कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को पूरी तरह लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही पुरानी पेंशन बहाली पर ठोस काम शुरू होगा और समाजवादी पार्टी इस प्रमुख वादे को 2027 के अपने आधिकारिक चुनाव घोषणापत्र में भी शामिल करेगी.
महिलाओं को ₹40 हजार पेंशन और ₹2 लाख रोजगार मदद
अखिलेश ने पार्टी विधायकों और नेताओं को जमीन पर रहकर जनता के बीच काम करने के निर्देश दिए. उन्होंने ऐलान किया कि 2027 के चुनाव में सपा हर जिले का अलग घोषणापत्र तैयार कर उसे जमीन पर लागू करेगी. इस योजना के तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की पेंशन दी जाएगी. इसके साथ ही महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और रोजगार शुरू करने के लिए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी.
'नेताओं को नसीहत'
सपा प्रमुख ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव का सफल गठबंधन 2027 के विधानसभा चुनाव में भी पूरी मजबूती से बरकरार रहेगा. उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं और विधायकों को ताकीद की कि वो केवल सकारात्मक मुद्दों पर बात करें, अपनी भाषा पर पूरा नियंत्रण रखें और जनता के बीच रहकर पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को पहुंचाएं. उन्होंने कहा कि भाजपा झूठे वादे करती है, जबकि सपा अपने वादों को पूरा करने के लिए जानी जाती है.
प्रदेश मुख्यालय में आयोजित इस अहम बैठक में राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, विधान परिषद में नेता विरोधी दल जासमीर अंसारी और पूर्व नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव उपस्थित रहे full stop इसके अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री बलराम यादव, राजेंद्र चौधरी, वरिष्ठ विधायक इंद्रजीत सरोज, शाहिद मंजूर, ओम प्रकाश सिंह, नवाब इकबाल महमूद, कमाल अख्तर, महबूब अली, दुर्गा प्रसाद यादव, फरीद महफूज किदवई और तूफानी सरोज सहित सभी विधायक व एमएलसी शामिल हुए.
सपा प्रमुख ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव के समय से पार्टी हमेशा शिक्षकों के हित में खड़ी रही है. पिछली सपा सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय के लिए ₹200 करोड़ का बजट दिया था और आने वाले समय में भी मानदेय की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने घोषणा की कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और तदर्थ प्रधानाचार्यों के वेतन से जुड़ी धारा 12, 18 और 21 को सपा सरकार आते ही पूरी तरह बहाल किया जाएगा.
शिक्षकों की समस्याओं का होगा समाधान
बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि वर्तमान सरकार ने मदरसों के साथ भेदभाव किया है. सपा सरकार बनते ही आधुनिक मदरसा शिक्षकों का वेतन बहाल कर बकाए का भुगतान किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी राज में मदरसा शिक्षकों के साथ संस्कृत शिक्षकों की भी उपेक्षा हुई है. सपा सरकार ने पहले भी संस्कृत शिक्षकों के पक्ष में फैसले लिए थे और भविष्य में संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा.
प्रत्याशियों को जिताने की अपील
अखिलेश ने कहा कि बीजेपी सरकार ने शिक्षामित्रों को आधी-अधूरी नौकरी दी, जबकि सपा सरकार ने उन्हें शिक्षक बनाकर वेतन और सम्मान दिया था. आने वाले वक्त में शिक्षामित्रों को पुनः शिक्षक बनाकर पूरा सम्मान दिया जाएगा. इसके साथ ही सरकारी विद्यालयों में लागू सेमेस्टर सिस्टम को खत्म किया जाएगा, अनुदेशकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को घोषणापत्र में जगह मिलेगी और प्रतियोगी छात्रों के लिए सरकारी नौकरियों का नियमित कैलेंडर जारी किया जाएगा.
साथ ही अखिलेश यादव ने एमएलसी शिक्षक और स्नातक चुनाव के सभी प्रत्याशियों का परिचय कराते हुए उन्हें जिताने की अपील की. शिक्षक क्षेत्र से मिर्जापुर-वाराणसी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव, लखनऊ खंड से सुशील कुमार, आगरा खंड से प्रकाशचन्द्र गुप्ता, गोरखपुर-फैजाबाद से कमलेश यादव, मुरादाबाद-बरेली से दानिश अख्तर और मेरठ खंड से नितिन तोमर मैदान में हैं. वहीं, स्नातक क्षेत्र से वाराणसी के आशुतोष सिन्हा, झांसी के डॉ. मान सिंह, आगरा के शशांक यादव, मेरठ के परमिन्दर भाटी और लखनऊ से कांति सिंह को उम्मीदवार बनाया है.