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करोड़ों रुपये लेकर फरार हुआ सरकारी टीचर, लोगों को दिया था चिट फंड और ज्यादा रिटर्न का दिया झांसा

तेलंगाना के सूर्यापेट में सरकारी शिक्षक बनोथ राजू पर चिट फंड, निजी लोन और ज्यादा रिटर्न का भरोसा देकर करोड़ों रुपये जुटाने के बाद फरार होने का आरोप है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. पढ़ें शातिर चालबाज की पूरी कहानी.

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पुलिस अब आरोपी टीचर की तलाश में जुटी है (फोटो-ITG)
पुलिस अब आरोपी टीचर की तलाश में जुटी है (फोटो-ITG)

तेलंगाना के सूर्यापेट जिले से एक सरकारी टीचर पर करोड़ों रुपये लेकर फरार होने का आरोप लगा है. आरोपी की पहचान बनोथ राजू के रूप में हुई है, जो चिव्वेमला मंडल के एनागंटी थांडा का रहने वाला बताया जा रहा है. राजू एक सरकारी स्कूल में पढ़ाने का काम करता है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि वह पिछले करीब एक दशक से चिट फंड और डेली कलेक्शन जैसे काम कर रहा था.

पीड़ितों के मुताबिक, राजू लोगों को बैंक के ब्याज से ज्यादा रिटर्न देने का भरोसा दिलाकर अपने साथ पैसे लगाने के लिए तैयार करता था. उसके संपर्क में किसान, शिक्षक, पुलिसकर्मी, मजदूर और दूसरे स्थानीय लोग भी थे. कई लोगों ने कथित तौर पर उसके जरिए चिट फंड में पैसा लगाया, जबकि कुछ लोगों ने निजी तौर पर रकम उधार भी दी. लंबे समय तक लेन-देन चलते रहने की वजह से लोगों का उस पर भरोसा बढ़ता गया.

बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले राजू ने अचानक अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और गायब हो गया. जब कुछ लोग उसके घर पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला. पीड़ितों का कहना है कि राजू के परिवार के सदस्य भी करीब 10 दिनों से दिखाई नहीं दिए हैं. इसके बाद लोगों को अपने पैसे वापस मिलने को लेकर चिंता बढ़ गई और कई पीड़ित उसके घर के बाहर जमा हो गए.

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पैसे वापस नहीं मिलने से नाराज पीड़ितों ने राजू के घर के बाहर प्रदर्शन भी किया. इसके बाद उन्होंने सूर्यापेट जिला एसपी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की. पीड़ितों ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और कथित तौर पर जमा किए गए पैसों का पता लगाने की भी अपील की है. इस पूरे मामले में अब पुलिस की जांच पर लोगों की नजर है.

एक पीड़ित ने आरोप लगाया कि राजू ने उसके लिए 1.5 करोड़ रुपये का बैंक लोन और 50 लाख रुपये का फाइनेंस लोन दिलाने में मदद की थी. पीड़ित का दावा है कि बाद में ज्यादा रिटर्न देने का भरोसा देकर राजू ने वह रकम अपने कब्जे में ले ली. हालांकि, पुलिस के मुताबिक अभी तक सामने आई जानकारी में कथित तौर पर उधार या जमा की गई कुल रकम करीब 6 से 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है. वास्तविक रकम कितनी है, यह जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगा.

वहीं, चिव्वेमला पुलिस का कहना है कि मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई थी. पुलिस के अनुसार, शिकायत और जांच के आधार पर ही पूरे मामले में रकम और अन्य तथ्यों की पुष्टि की जाएगी. चिव्वेमला थाने के एसआई महेश ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है. पुलिस आरोपी बनोथ राजू की तलाश कर रही है और फिलहाल उसे फरार बताया जा रहा है.

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पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने राजू पर वर्षों के कारोबारी और निजी संपर्क की वजह से भरोसा किया था. एक पीड़ित ने कहा, "हमने उस पर भरोसा किया क्योंकि वह कई साल से हमारे साथ लेन-देन कर रहा था. अब वह गायब हो गया है और हम अपनी मेहनत की कमाई वापस नहीं ले पा रहे हैं." फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही कथित वित्तीय लेन-देन, कुल रकम और आरोपी की भूमिका को लेकर स्थिति साफ होगी.

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