स्वतंत्रता दिवस के समारोह को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाल किले पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को और मजबूत कर दिया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार मल्टी-लेवल आतंक विरोधी प्रतिक्रिया योजना लागू की गई है. एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स के साथ लगाए गए हैं.
शुक्रवार को उत्तर जिले के उपायुक्त पुलिस राजा बनठिया ने बताया कि पिछले वर्ष राष्ट्रीय राजधानी में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा को विशेष रूप से सख्त बनाया गया है. साथ ही समारोह में आने वाले लोगों को कम से कम असुविधा हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है.
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लाल किला ऐतिहासिक महत्व का स्थल होने के साथ स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह का केंद्र भी है. यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे. देश को संबोधित करेंगे. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. पुलिस ने लाल किले के अंदर और आसपास कई स्तरों पर जांच व स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है.

किसी भी संभावित खतरे या आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष आतंक विरोधी प्रतिक्रिया योजना तैयार की गई है. इससे पहले मॉक ड्रिल कराई गई हैं. विभिन्न एजेंसियों के साथ अग्रिम समन्वय स्थापित किया गया है ताकि आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके.
आधुनिक निगरानी प्रणाली और एआई तकनीक का उपयोग
सुरक्षा व्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा आधुनिक निगरानी प्रणाली पर आधारित है. लाल किले के अंदर और बाहर एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स सिस्टम से जुड़े हैं और लाइव फीड को एक समर्पित कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जा रहा है.
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इस प्रणाली की मदद से संदिग्ध गतिविधि, भीड़ संबंधी समस्याएं या कोई अन्य कानून-व्यवस्था का मुद्दा तुरंत पहचाना जा सकता है. पुलिस अधिकारी के अनुसार किसी भी स्थिति का तुरंत जवाब देने के लिए प्रतिक्रिया टीमें रणनीतिक स्थानों पर तैनात रहेंगी. इससे सुरक्षा कर्मियों को समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी. किसी भी अनहोनी को रोका जा सकेगा.

एआई तकनीक के इस्तेमाल से निगरानी की क्षमता काफी बढ़ गई है. पारंपरिक कैमरों की तुलना में ये सिस्टम असामान्य गतिविधियों को खुद ही चिन्हित कर सकते हैं. कंट्रोल रूम से निरंतर निगरानी रहने के कारण प्रतिक्रिया का समय भी कम हो जाएगा. यह व्यवस्था न केवल आतंकवादी खतरे बल्कि भीड़ नियंत्रण और सामान्य कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगी.
भीड़ नियंत्रण और नागरिक सुविधाओं का संतुलन
सुरक्षा जांच के साथ-साथ पुलिस ने लाल किले के आसपास लोगों और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की व्यवस्था भी की है. लक्ष्य यह है कि सुरक्षा जांच से आगंतुकों को अनावश्यक परेशानी न हो. पिछले वर्ष की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार तैयारियां और अधिक व्यापक बनाई गई हैं. विभिन्न हितधारकों के साथ अग्रिम बैठकें और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया है ताकि सभी एजेंसियां एकजुट होकर काम कर सकें.
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दिल्ली भर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी कड़ी की गई है. पुलिस कर्मी, विशेष प्रतिक्रिया टीमें और अन्य सुरक्षा एजेंसियां रणनीतिक बिंदुओं पर तैनात हैं. पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उच्च सतर्कता का माहौल बना रहेगा. समारोह बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकेगा.

समारोह की सफलता के लिए समन्वय का महत्व
स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े आयोजन में सुरक्षा केवल एक एजेंसी का काम नहीं होता. दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बल, खुफिया एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन सभी का समन्वय जरूरी है. मॉक ड्रिल और अग्रिम तैयारी से यह समन्वय मजबूत हुआ है. अधिकारी का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में सभी एजेंसियां तैयार रहेंगी. इससे न केवल सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि समारोह में शामिल होने वाले आम नागरिकों का विश्वास भी बढ़ेगा.
कुल मिलाकर लाल किले पर की गई ये बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्थाएं स्वतंत्रता दिवस समारोह को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. आधुनिक तकनीक, गहन निगरानी, मॉक ड्रिल और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से आयोजन सुचारू रूप से संपन्न होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण और संबोधन के दौरान पूरा देश लाल किले की ओर देखेगा और सुरक्षा एजेंसियां सुनिश्चित करेंगी कि यह ऐतिहासिक क्षण शांतिपूर्ण और गर्वपूर्ण रहे.