लाल किला
लाल किला या Red Fort भारत में दिल्ली के पुरानी दिल्ली क्षेत्र में स्थित एक ऐतिहासिक किला है (Red Fort Situated in Delhi, India). यह मुगल सम्राटों के मुख्य निवास के रूप में कार्य करता था (Official Residence of Mughal Emperors). बादशाह शाहजहां ने 12 मई 1638 को लाल किले का निर्माण शुरू कराया था (Shah Jahan Commissioned Red Fort Construction). मुगल साम्राज्य की राजधानी को आगरा से दिल्ली स्थानांतरित करने के फैसले के बाद, इसके निर्माण की शुरुआत कराई गई. इसके डिजाइन का श्रेय वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी को दिया जाता है, जिन्होंने ताजमहल का निर्माण भी किया था (Ustad Ahmad Lahori Designed Red Fort). यह किला शाहजहां के अधीन मुगल वास्तुकला के बेहतरीन नमूने का प्रतिनिधित्व करता है, और भारतीय परंपराओं के साथ फारसी महल वास्तुकला को जोड़ता है (Architecture of Red Fort).
1739 में मुगल साम्राज्य पर नादिर शाह के आक्रमण के दौरान इस किले की कलाकृति और गहनों को लूट लिया गया था. किले की अधिकांश संगमरमर की संरचनाओं को बाद में 1857 के भारतीय विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने ध्वस्त कर दिया था. किले की रक्षात्मक दीवारें काफी हद तक क्षतिग्रस्त नहीं हुई थीं, और इस किले को बाद में एक गैरीसन के रूप में इस्तेमाल में लाया गया था (Attacks on Red Fort).
15 अगस्त 1947 को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लाहौरी गेट के ऊपर भारतीय ध्वज फहराया था. हर साल भारत के स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर, प्रधानमंत्री किले के मुख्य द्वार पर भारतीय तिरंगा झंडा फहराते हैं (Indian PM Hoists Tricolor Flag at Red Fort.) और इसकी प्राचीर से भाषण देते हैं (Indian PM Addresses Nation from Ramparts of Red Fort).
लाल किला को 2007 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया गया था (Red Fort UNESCO World Heritage Site).
लाल किला के पास हुए धमाके की साजिश में NIA ने दो टेरर ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि दोनों ने मुख्य आरोपी को हथियार सप्लाई किए थे. अब तक इस मामले में 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच एजेंसी का दावा है कि यह संगठित आतंकी नेटवर्क की सुनियोजित साजिश थी.
दिल्ली पुलिस कोदिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी भरा एक ई-मेल मिला है. यह धमकी कथित तौर पर एक खालिस्तानी ग्रुप के नाम से भेजी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. धमकी मिलने के तुरंत बाद दिल्ली विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया.
दिल्ली पुलिस को सोमवार को दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिला, जो कथित तौर पर एक खालिस्तानी ग्रुप के नाम से भेजा गया था. पुलिस और साइबर सेल धमकी भरे मेल की जांच कर रहे हैं.
दिल्ली पुलिस ने तमिलनाडु से 6 और पश्चिम बंगाल से 2 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे. इनका कनेक्शन पाकिस्तान के ISI और बांग्लादेश के आतंकी संगठनों से होने की सूचना मिली है.
लश्कर-ए-तैयबा ने दिल्ली में आतंकी हमले की चेतावनी दी है. इस बीच, पंजाब के अमृतसर और कश्मीर के गांदरबल में संदिग्ध बैगों से IED बरामद हुए हैं, जिन्हें बम निरोधक दस्तों ने निष्क्रिय कर दिया है. आतंकी हमले के अलर्ट के बाद दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
दिल्ली में लाल किला के सामने आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया गया है. सुरक्षा एजेंसियों को वह इनपुट मिला है कि लश्कर-ए-तैयबा इस इलाके में धमाके की साजिश रच रहा है. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लाल किला और आसपास के मंदिरों सहित संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी है.
दिल्ली पुलिस ने लाल किले के पास से एक फर्जी एनआईए अधिकारी को गिरफ्तार किया है. इस आरोपी की पहचान हो चुकी है और बताया जा रहा है कि वह पुलवामा का रहने वाला है. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि मामले की पूरी जानकारी हासिल की जा सके. इस घटना ने सुरक्षा की चुनौतियों को फिर से उजागर किया है और इस तरह के मामलों पर कड़ी नज़र रखने की जरूरत को भी दिखाया है.
रिपोर्ट के अनुसार, 8 अक्टूबर को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर ने महिलाओं के लिए अलग विंग जमात-उल-मुमिनात बनाने की औपचारिक घोषणा की थी. बताया गया कि इस विंग का मकसद आतंकी गतिविधियों को समर्थन देना था.
यूएन की 37वीं रिपोर्ट में दिल्ली के लाल किले के पास हुए हमले में जैश-ए-मोहम्मद के शामिल होने का खुलासा किया गया है. रिपोर्ट में कई देशों के मतभेद भी सामने आए हैं, जहां कुछ ने जैश को सक्रिय बताया तो कुछ ने निष्क्रिय करार दिया है.
Delhi Red Fort Blast: लाल किले के बाहर हुए धमाके की साजिश से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है. इस हमले के पीछे सिर्फ एक आत्मघाती हमलावर नहीं, बल्कि विदेश से ऑपरेट किया जा रहा एक व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल था. इसी कड़ी में अब अफगानिस्तान में छिपे डॉ. मुजफ्फर राथर पर शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है.
ईडी की चार्जशीट में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी पर गंभीर आरोप लगे हैं. जांच में फर्जी डॉक्टर, रेड फोर्ट ब्लास्ट आरोपी की अवैध नियुक्ति, निरीक्षण के दौरान नकली मरीज, वेबसाइट में हेरफेर और 13.10 करोड़ रुपये विदेश भेजने का खुलासा हुआ है. ईडी इसे सुनियोजित साजिश बता रही है.
लाल किला ब्लास्ट केस में जांच एजेंसी को दिल्ली कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने तीन डॉक्टरों और एक मौलवी समेत पांच आरोपियों की NIA हिरासत 16 जनवरी तक बढ़ा दी है. एजेंसी का कहना है कि पूछताछ में कई अहम विरोधाभास और कोड वर्ड सामने आए हैं, जिनसे बड़ी साजिश की परतें खुल सकती हैं.
दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद राथर के खिलाफ NIA कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने उसे घोषित अपराधी करार दिया है. नोटिस उसके घर पर चिपकाया गया है. 28 जनवरी 2026 को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है.
NIA 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की तेजी से जांच कर रही है. इसी सिलसिले में ब्लास्ट के दो मुख्य आरोपियों को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, मट्टन जंगल क्षेत्र में ले जाया गया. यही पर उन्होंने ब्लास्ट से पहले विस्फोटकों की टेस्टिंग की थी.
लाल किले के बाहर हुए भीषण धमाके ने सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर दिया था. अब उसी साजिश की परतें धीरे-धीरे अदालत के गलियारों में खुल रही हैं. डॉक्टरों के व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से लेकर सुसाइड बॉम्बर की तलाश तक, इस केस में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. NIA की पूछताछ अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है.
दिल्ली ब्लास्ट के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों की निगाह लखनऊ, कानपुर, सहारनपुर , फरीदाबाद और श्रीनगर जैसे उन शहरों के ओवर ग्राउंड वर्कर पर है जो आतंकियों के मददगार हैं. ये एलिमेंट आतंकियों के बी-टीम के तौर पर काम कर रहे हैं. अपनी पहचान जाहिर न करने के लिए इन आतंकियों ने कवर प्रोफेशन का सहारा लिया है.
दिल्ली में आत्मघाती हमले के 16 दिन बाद भी, पुलिस, एजेंसियों और सिस्टम की नींद क्यों नहीं टूटी है? 10 नवंबर को दिल्ली में कार ब्लास्ट हुआ, 15 लोग मारे गए. लेकिन हमारे देश का सिस्टम ऐसी कुंभकर्ण वाली नींद में सोया है कि, पता नहीं कब जागेगा? फिदायीन धमाके के बाद भी कोई, सबक सीखने को तैयार नहीं है. इसका सच आजतक आपको आज ऑपरेशन बारूद के जरिए दिखाने जा रहा है.
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा. जांच एजेंसियों को आतंकी आदिल की डिलीटेड WhatsApp चैट मिली, जिसमें वह 5–9 सितंबर तक बार-बार एडवांस सैलरी मांग रहा था. शक है कि यही रकम धमाके में इस्तेमाल हुई.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट मामले में एक और आरोपी सोयब को गिरफ्तार किया है. सोयब ने आतंकी उमर उन नबी को वारदात से पहले सुरक्षित ठिकाना और लॉजिस्टिकल सपोर्ट प्रदान किया था. ये इस मामले में सातवीं गिरफ्तारी है. NIA ने देश के कई राज्यों में छापेमारी कर सुराग जुटाए हैं.
दिल्ली के रेड फोर्ट धमाके की जांच में एक और अहम कार्रवाई की गई है. जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप ने पुलवामा के रहने वाले तुफैल अहमद को पकड़ा है
अल फलाह यूनिवर्सिटी से आतंकियों ने न सिर्फ दिल्ली को, बल्कि देश को भी दहलाने की बड़ी साजिश रची. लेकिन सवाल यही है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी को ही आतंकियों ने अपनी पनाहगाह क्यों बनाया? क्यों पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने डॉक्टर मॉड्यूल के लिए अल फलाह यूनिवर्सिटी को चुना? आज देश की सभी टॉप जांच एजेंसियां अल फलाह यूनिवर्सिटी का पूरा सच जानने में जुटी हैं. क्या अल फलाह यूनिवर्सिटी से आतंकियों को फंडिंग की जा रही थी? क्या अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी का टेरर मॉड्यूल से कोई कनेक्शन है?