यमन के हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के खिलाफ हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है. रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट समेत कई अहम जगहें टारगेट पर रही हैं. ये हमले यमन में चल रहे लंबे संघर्ष का हिस्सा हैं, जिसमें हूती समूह ईरान समर्थित माना जाता है. सऊदी अरब यमन सरकार का समर्थन करता है.
अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह में रियाद एयरपोर्ट पर कई बार हमले की खबरें आईं. 10 अक्टूबर को हुए हमले में कम से कम 12 से 13 लोगों की मौत हो गई. 300 से ज्यादा लोग घायल हुए. इसमें सऊदी नागरिकों के अलावा बांग्लादेश, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन समेत कई देशों के लोग शामिल थे.
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यह पिछले एक दशक में सऊदी में सबसे घातक हमलों में से एक बताया गया. अगले दिन यानी 11 अक्टूबर को फिर एयरपोर्ट पर हमले की सूचना मिली जिसमें आग लग गई और कुछ लोग घायल हुए. दम्माम एयरपोर्ट पर भी हमले हुए हैं. वहां उड़ानों में देरी व कैंसिलेशन देखने को मिला. हूती प्रवक्ता ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली और सऊदी एयरपोर्ट्स व एयरस्पेस को असुरक्षित बताते हुए यात्रियों व एयरलाइंस को चेतावनी दी.
🔴 Exclusive footage obtained by Al Arabiya English shows Umrah pilgrims preparing to board their flights as the Houthi attack struck Riyadh’s King Khalid International Airport. https://t.co/N2o6Wylf06
— Al Arabiya English (@AlArabiya_Eng) October 11, 2026
एयरपोर्ट बंद होने और उड़ानों पर असर
रियाद एयरपोर्ट को कई घंटों तक बंद रखना पड़ा. सैकड़ों उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गईं. यात्री परेशान हुए और कई एयरलाइंस ने सेवाएं स्थगित कर दीं. दम्माम एयरपोर्ट पर भी उड़ानों का शेड्यूल बिगड़ा. सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने नुकसान का आकलन जारी रखा. स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस का फैसला भी लिया गया. ये घटनाएं रोजमर्रा की जिंदगी और व्यापार को प्रभावित कर रही हैं.
हूती समूह यमन में लंबे समय से सक्रिय है. सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन सरकार का समर्थन किया है. हाल में यमन में लड़ाई तेज होने के बाद हूतियों ने सऊदी के अंदरूनी इलाकों पर हमले बढ़ा दिए. एयरपोर्ट्स के अलावा तेल सुविधाओं को भी निशाना बनाने का दावा किया गया. ये हमले दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं ताकि सऊदी अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करे.
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हमलों से आम लोगों में डर बढ़ा है. एयरपोर्ट जैसे व्यस्त स्थानों पर हमले से सुरक्षा की भावना प्रभावित होती है. तेल सुविधाओं पर खतरे से वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका रहती है. सऊदी अर्थव्यवस्था पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय बैठकों पर निर्भर है. रियाद में होने वाले कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं. विदेशी यात्रियों और प्रवासियों के लिए भी चिंता बढ़ी है.
🇾🇪⚔️🇸🇦 A Houthi missile strike hit King Khalid International Airport in Riyadh on October 10, killing 12 people and wounding 309, according to Saudi Arabia’s General Authority of Civil Aviation. The dead included four Saudis, two Bangladeshis, and one citizen each from the United States, Egypt, Jordan, Syria, Palestine, and Sudan. Some of the wounded are in critical condition. It was the third missile attack on the airport in a week; earlier strikes this week killed additional people and damaged a Saudi commercial aircraft. Saudi-led coalition spokesman Major General Turki al-Maliki called the Saturday strike a “full-fledged war crime” and a “cowardly terrorist attack” against a civilian target, vowing a decisive response. A senior Houthi official posted that they had shut down Riyadh’s international airport. Operations at the airport were suspended, with hundreds of flights canceled. The Houthis, an Iran-backed group that controls most of Yemen, have escalated attacks on Saudi civilian and energy infrastructure in recent weeks. The video circulating shows people inside a terminal running as dust and smoke fill the space, consistent with witness accounts of the impact. Sources: Saudi GACA statement; CNN; BBC; AFP; Arab News.
— 🔥🗞The Informant (@theinformant_x) October 11, 2026
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा चुनौतियां
कई देशों ने हमलों की निंदा की है. सऊदी गठबंधन ने जवाबी कार्रवाई का संकेत दिया है. अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने यात्रा सलाह अपडेट की है. एयर डिफेंस सिस्टम की सीमाएं भी चर्चा में आईं क्योंकि कुछ हमले रोक नहीं पाए गए. क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति और जटिल हो सकती है.
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर बातचीत नहीं हुई तो हमले जारी रह सकते हैं. दोनों पक्षों को शांति प्रक्रिया की जरूरत है. आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. सऊदी अधिकारियों ने एयरपोर्ट सुरक्षा बढ़ाई है और चेतावनी जारी रखी है. यात्रियों को आधिकारिक सलाह का पालन करना चाहिए.
यह स्थिति याद दिलाती है कि लंबे संघर्ष का असर सीमाओं से परे जाकर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है. स्थायी समाधान ही तनाव कम कर सकता है.