मिडिल ईस्ट
मिडिल ईस्ट (Middle East), एक जीयोपॉलिटिकल एरिया है जिसमें आमतौर पर अरब, एशिया माइनर, ईस्ट थ्रेस, इजिप्ट, ईरान, लेवेंट, इराक, और यमन का एक हिस्सा शामिल है. इस क्षेत्र में पश्चिमी एशिया (ईरान सहित) का अधिकांश क्षेत्र शामिल हैं. इसके अलावा इजिप्ट और पूरा तुर्की शामिल हैं. अधिकांश मिडिल ईस्ट देश, अरब का हिस्सा है. इस क्षेत्र में सबसे अधिक आबादी वाले देश इजिप्ट, ईरान और तुर्की हैं, जबकि सऊदी अरब क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा मिडिल ईस्ट देश है.
मिडिल ईस्ट का इतिहास प्राचीन काल का है. इस क्षेत्र के राजनीतिक महत्व को सदियों से मान्यता मिला हुआ है. कई प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति मिडिल ईस्ट में हुई है, जिनमें यहूदी धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम शामिल हैं. अरब इस क्षेत्र में मुख्य सामाजिक जातीय समूह है, इसके बाद तुर्क, फारसी, कुर्द, अज़ेरिस, कॉप्ट्स, यहूदी, असीरियन, इराकी तुर्कमेन, यजीदी और ग्रीक साइप्रस हैं.
मिडिल ईस्ट में आमतौर पर गर्म, शुष्क जलवायु होती है, खासकर प्रायद्वीप और मिस्र के क्षेत्रों में. कई प्रमुख नदियां यहां सीमित क्षेत्रों में कृषि करने के लिए उपयोगी बनाती हैं जैसे कि मिस्र में नील डेल्टा, इराक के टाइग्रिस और यूफ्रेट्स वाटरशेड. यह फर्टाइल क्रीसेंट के रूप में जाना जाता है. यहां बोलने वालों की संख्या के लिहाज से शीर्ष छह भाषाएं अरबी, फारसी, तुर्की, कुर्द, हिब्रू और ग्रीक हैं.
31 अक्टूबर की रिपोर्टों में कतर की मध्यस्थता से अमेरिका-ईरान बातचीत की कोशिशों का भी जिक्र है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुताबिक, ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई पर अभी फैसला नहीं लिया था. इसलिए संभावित हमले को तय घटना की तरह पेश न करें।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों से जुड़ी घटनाओं के बाद तनाव बढ़ गया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नेवी ने दावा किया है कि चार तेल टैंकरों में आग लगी और धमाके हुए. इनमें से कुछ टैंकरों के समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराने की बात कही गई है. ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा भी किया, लेकिन अमेरिकी सैन्य कमान ने इसे खारिज कर दिया है.
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कतर पर चुनावों में विदेशी हस्तक्षेपके आरोप लगाए थे. अब कतर के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. कतर के प्रवक्ता माजिद अल-अंसार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि कुछ इजरायली राजनेता और मीडिया जानबूझकर कतर के खिलाफ गलत प्रचार कर रहे हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है. दावा है कि ट्रंप की मंजूरी मिलते ही अमेरिकी सेना 96 घंटे में हमला कर सकती है. मिसाइल ठिकाने निशाने पर हैं, लेकिन अब तक हमले का अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रजाई ने सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से मुलाकात की. इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई. खामेनेई ने इस दौरान युद्ध को खत्म करने और 'न युद्ध, न शांति' की स्थिति बनाए रखने के लिए रणनीतिक नीति पर चर्चा की.
यमन के हूती विद्रोहियों ने 25 अक्टूबर को सऊदी अरब में तीन सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक, दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों से रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाया गया।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध फिर से शुरू होता है तो ईरान जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने होर्मुज जल मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था में मौलिक बदलाव की बात कही है. अराघची ने कहा कि 40 दिनों के युद्ध के बाद काफी कुछ बदल चुका है और अब होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पहले जैसी नहीं रहेगी.
मध्य पूर्व में तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर दोबारा हमला हुआ तो ईरान जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने यह भी कहा कि 40 दिनों के युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही और उसके प्रबंधन की व्यवस्था पहले जैसी नहीं रहेगी. इस मुद्दे पर ओमान के साथ बातचीत जारी है.
अमेरिका ने ईरान की चेतावनी दी कि साजिश न रचे. खुफिया रिपोर्ट के बाद दूतावासों में स्टाफ घटाया गया हैं. सऊदी अरब से गैर-जरूरी कर्मचारी निकाल लिए गए है. क्षेत्र में सैनिक तैनाती बढ़ाई गई है.
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के पांच से अधिक अहम ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने का दावा किया है. उनके मुताबिक, निशाने पर रियाद का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सऊदी अरामको की यानबू सुविधा और राबिग तेल रिफाइनरी समेत कई हवाई अड्डे और सैन्य ठिकाने थे. हालांकि, सऊदी अरब ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. संभावित नुकसान और ऊर्जा आपूर्ति पर असर को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है.
होर्मुज स्ट्रेट में तेल तस्करी के आरोपों को लेकर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है. प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के करीबी सूत्र ने दावा किया कि चार टैंकरों पर हमलों और नेविगेशन सिस्टम नष्ट किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया. ईरान ने तस्करी दोबारा शुरू होने पर और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये सभी तस्वीरें-वीडियो अलग-अलग घटनाओं से जुड़े हैं और इनका मौत की सजा पाने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के मामले से कोई संबंध नहीं है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की. इस दौरान नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में कैप्टन स्मित मछार के साथ मशाल जलाने का निमंत्रण दिया. पीएम मोदी ने इस निमंत्रण के लिए इजरायली पीएम का धन्यवाद दिया.
सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, हमले में हवाई अड्डे को भी नुकसान पहुंचा और कई उड़ानों का मार्ग बदला गया. इससे पहले सऊदी अरब के शायबह तेल क्षेत्र में ड्रोन का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हुई थी. हालिया घटनाओं ने देश के हवाई और तेल ठिकानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जामनगर में दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल साइट रिफाइनरी का दौरा किया. इस दौरे का मकसद भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग को मजबूत करना है. ये समझौता अमेरिकी ऊर्जा संकट को कम करने और भारत के वैश्विक रिफाइनिंग प्रभुत्व को बढ़ावा देने में खास भूमिका निभाएगा.
ईरान के IRGC ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मिसाइल से मार गिराने का दावा किया है. वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार फरवरी से अब तक 45 रीपर खोए, नुकसान 1.3 अरब डॉलर से ज्यादा का है. ईरान ने अपनी एयर डिफेंस को मजबूत बताया.
सऊदी अरब ने अपना प्रमुख निवेश सम्मेलन फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव 2027 तक टाल दिया है. यह सम्मेलन 26 से 29 अक्टूबर 2026 तक रियाद में होना था. हाल ही में हूती विद्रोहियों के हमलों और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच यह फैसला लिया गया है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों से समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने के बाद एक विशाल टैंकर में विस्फोट हुआ, जिसमें 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा था. इससे पहले एक अन्य टैंकर में भी धमाके की खबर आई थी. वहीं, सऊदी अरब के अल जुबैल के पास दो जहाजों पर हमले की सूचना मिली.
देर रात यमन के बंदरगाह शहर अदन के एयरपोर्ट पर दो मिसाइलें दागीं गई. पुलिस ने हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है. मिसाइलें यमनिया एयरवेज के एक विमान से करीब 500 मीटर दूर गिरीं.
सऊदी अरब के पास अमेरिका के पैट्रियट और THAAD जैसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम हैं, फिर भी हूती विद्रोहियों के ड्रोन और मिसाइल चुनौती बने हुए हैं. जानिए कैसे सस्ते ड्रोन और महंगे इंटरसेप्टर मिसाइलों का अंतर सऊदी की सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ा रहा है. वीडियो में जानें मामला.
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में हमले तेज किए. रियाद और दम्माम एयरपोर्ट टारगेट पर है. एयरपोर्ट बंद हैं. उड़ानें प्रभावित हुई हैं. तनाव बढ़ने से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.