इसी साल जनवरी में पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में नाबालिग नीट छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोश मिली थी और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हुए. मामले के तूल पकड़ने पर जांच एसआईटी को दी गई और बाद में राज्य सरकार ने इसे सीबीआई को सौंप दिया, हालांकि छात्रा के परिजन सीबीआई जांच के पक्ष में नहीं थे. सीबीआई की जांच के दौरान लगभग 30 लोगों का डीएनए टेस्ट हुआ और हॉस्टल के संचालक को जेल भी भेजा गया. हालांकि, तय 90 दिनों की समयसीमा में चार्जशीट दाखिल न होने के कारण आरोपी को जमानत मिल गई. देखें क्राइम कहानियां विद शम्स.