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पति ICU में, पत्नी की मौत और श्मशान में पहरेदारी... एक लव मैरिज का दर्दनाक अंत, दहला देगी कहानी

झांसी के बबीना में 9 महीने पहले हुई लव मैरिज का दर्दनाक अंत हो गया, जहां पति सागर साहू जहर खाने के बाद ICU में भर्ती है, जबकि पत्नी राधा राठौर की मौत के बाद रात में अंतिम संस्कार की कोशिश पर बवाल मच गया. क्या है ये पूरा मामला? पढ़ें पूरी कहानी.

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पुलिस अभी भी इस मामले की पहेली सुलझाने में जुटी है (फोटो-ITG)
पुलिस अभी भी इस मामले की पहेली सुलझाने में जुटी है (फोटो-ITG)

झांसी के पास बबीना कैंट के करीब एक श्मशान घाट है. रात के वक्त उसी श्मशान घाट में दूर से ही एक अधजली चिता नजर आती है. पास ही लाल कपड़ों में लिपटी एक लाश भी रखी थी. चारों तरफ लकड़ियां बिखरी पड़ी थीं और थके हारे पुलिस वाले श्मशान घाट में उन लकड़ियों और लाश के इर्द-गिर्द बैठ कर लगातार पहरेदारी कर रहे थे. रह-रह कर लोग श्मशान घाट में आ-जा रहे थे. कोई रुक कर देख रहा था. कोई माजरा समझने की कोशिश कर रहा था. तो कोई अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने की कोशिश में था.

अब सवाल ये था कि श्मशान घाट में रात के वक्त आखिर वो कौन सी पहेली है, जिसका सच जानने के लिए वहां पुलिस वालों को पहरा देना पड़ रहा था? वो अधजली चिता किसकी थी? पास में रखी लाश किसकी थी? और सबसे अहम ये कि एक लाश की पहरेदारी क्यों हो रही थी? 

तो आइए इस सच को जानने से पहले आपको उसी श्मशान से करीब 30 किलोमीटर दूर एक निजी अस्पताल के आईसीयू में लिए चलते हैं, जहां एक मरीज बिस्तर पर बेसुध लेटा था. 32 साल के उस नौजवान का नाम है सागर साहू, जिसका मध्यप्रदेश के अशोक नगर में एसी और फ्रिज का काम है. सागर की हालत नाजुक बनी हुई है.

अब फिर से उसी श्मशान घाट में चलते हैं, जहां वो लाश रखी थी. असल में वो लाश सागर की पत्नी राधा राठौर की थी. यानी एक तरफ पति अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ पत्नी की मौत के बाद उसकी लाश को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लाया गया था. ऐसा तब है, जब सागर और राधा की शादी को बमुश्किल 9 महीने ही हुए हैं. 

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अब सवाल ये है कि महज 9 महीनों में 30-32 साल इस जोड़ी की जिंदगी में एकाएक ऐसा क्या हो गया कि एक की मौत हो गई और दूसरा बिल्कुल मौत की दहलीज पर पहुंच गया? और अब पत्नी की मौत के बाद आखिर क्यों पुलिस वालों को रात भर श्मशान घाट में लाश की पहरेदारी करनी पड़ रही है?

तो इस कहानी की शुरुआत होती है, पिछले साल यानी साल 2025 के शुरुआती दिनों से, जब सोशल मीडिया पर सागर और राधा की मुलाकात हुई. लखनऊ की रहने वाली राधा को सोशल मीडिया पर रील्स बनाने का शौक था. वो इंस्टाग्राम पर भी काफी एक्टिव थी. यहीं उसकी मुलाकात झांसी के सागर से हुई और फिर दोनों ने शादी की जिद पकड़ ली. घर वाले तैयार नहीं थे, लेकिन बच्चों की जिद के आगे हार गए और 25 नवंबर 2025 को दोनों की शादी हो गई. 

शादी के बाद दोनों मध्य प्रदेश के अशोक नगर में रहने लगे, लेकिन सोमवार यानी 3 अगस्त की रात को जब सागर अपनी पत्नी राधा को लेकर बबीना के अपने घर में पहुंचा, तो दोनों के बीच में कुछ ऐसा हुआ कि सागर ने सीधे जहर खा लिया. इसके बाद उसके घर वाले आनन-फानन में उसे लेकर पास के अस्पताल में पहुंचे, जहां से उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया.

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अभी घर वाले सागर को लेकर झांसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे ही थे कि तब तक घर से दोबारा फोन आ गया और इस बार खबर और भी ज्यादा दहलाने वाली थी. पति सागर जहर खा कर अस्पताल पहुंच चुका था. उधर घर में मौजूद पत्नी ने अपने में फंदा लगा कर खुद को खत्म कर लिया. आनन-फानन में राधा की मौत की खबर घरवालों ने पुलिस को दी और उसे फंदे से उतार कर अस्पताल ले जाया गया. 

लेकिन डॉक्टरों ने राधा को मुर्दा करार दे दिया. जाहिर है अशोक नगर से बबीना आने के बाद सागर और उसकी पत्नी राधा के बीच कुछ ऐसा जरूर हुआ, जिसके चलते दोनों ने इतना भयानक कदम उठा लिया. यानी अब बहू तो नहीं रही, लेकिन बेटे की जिंदगी बचाने के लिए घर वाले सागर को एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया. 

लेकिन इस कहानी में असली ट्विस्ट तब आया, जब राधा के ससुराल वाले रात को उसकी लाश को लेकर अंतिम संस्कार के लिए बबीना कैंट के श्मशान घाट में पहुंचे और रात में उसका अंतिम संस्कार करने की कोशिश की. मगर राधा के घर वालों की इसकी जानकारी तक नहीं दी. बस फिर क्या था? राधा के ससुरालवालों के इसी रवैये से मौत का रहस्य गहरा गया और अनैचुरल डेथ यानी अस्वभाविक मौत के इस मामले में अब कत्ल वाली थ्योरी की एंट्री हो गई.

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इत्तेफाक से बबीना से ही किसी ने फोन कर लखनऊ में राधा के घर वालों को ना सिर्फ उसकी मौत की खबर दे दी. बल्कि राधा के घर वालों को पता चला कि उसके ससुरालवाले जल्दबाजी में उसके शव का अंतिम संस्कार करने की कोशिश कर रहे हैं. जबकि लड़की वाले लगातार अपने पहुंचने तक समाज के लोगों को उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर रहे थे.

लेकिन अब सवाल ये था कि आखिर लड़के वालों ने राधा के घरवालों को उनकी बेटी की मौत की खबर क्यों नहीं दी? क्यों किसी को बताए बगैर शव को रातों-रात अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंच गए? वो भी तब जब आम तौर पर रात के वक्त अंतिम संस्कार करने की मान्यता नहीं है. तो इसका जवाब भी राधा के घर वालों ने दिया. 

उनका कहना था कि राधा ने बेशक सागर से लव मैरिज की थी, लेकिन सागर के घर वाले उससे दहेज की मांग करते थे. कुछ रोज पहले राधा का भाई उसे लेने लखनऊ के बबीना पहुंचा था लेकिन तब भी लड़की के ससुरालवालों ने दहेज की मांग करते हुए राधा को उसके साथ भेजने से मना कर दिया था और सागर ने यहां तक धमकी दी थी कि वो राधा को तलाक दे देगा.

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चूंकि दोनों की शादी को अभी चंद महीने ही हुए थे और इसी बीच लड़की की रहस्यमयी हालात में मौत हो गई. तब इस मामले की मजिस्ट्रेट से जांच तो होनी ही थी, लेकिन जिस तरह से राधा की मौत के बाद घर वालों ने उसकी मौत को दहेज हत्या करार दिया, उससे मामला पेचीदा हो गया. राधा के शव का अंतिम संस्कार को रोकने के लिए झांसी पुलिस को पूरे लवाज़मे के साथ बबीना के श्मशान घाट में पहुंचना पड़ा. 

हालत ये हो गई कि 4 और 5 अगस्त को रात भर पुलिस श्मशान घाट में बैठ कर राधा के शव की रखवाली करती रही और दोनों पक्षों को भरोसे में लिया. चूंकि राधा के शव का पोस्टमार्टम पहले ही हो चुका था, तो पुलिस ने लड़की के घर वालों को इसकी जानकारी दी और पोस्टमार्टम में सच्चाई का खुलासा होने का भरोसा दिया. इसके बाद घर वाले अंतिम संस्कार के लिए राजी तो हुए, लेकिन पहले पति समेत तमाम ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया.

झांसी के बबीना थाने में दर्ज एफआईआर में राधा के घर वालों ने सागर समेत उसके माता-पिता और घर के बाकी सदस्यों के खिलाफ दहेज हत्या का इल्जाम लगाते हुए शिकायत की है. उसमें पति सागर के अलावा सास-ससुर और दूसरे ससुरालियों के नाम हैं. एफआईआर में उस घटना का भी जिक्र है, जिसमें सागर के घरवालों ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये दहेज के लिए राधा को उसके भाई के साथ लखनऊ भेजने से मना कर दिया था. 

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घर वालों का फिलहाल सीधा-सीधा इल्जाम है कि सागर के ससुरालवालों ने ही दहेज के लिए ही उसकी पत्नी राधा हत्या की और उसे आत्महत्या दिखाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया. फिलहाल, झांसी पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली है. आरोपी भी उसके रडार पर हैं. लेकिन दिक्कत ये है कि एक आरोपी जहां अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है, वहीं बाकी के आरोपी उसकी तीमारदारी में लगे हैं.

सवाल ये भी है कि सागर और राधा की चंद महीने की लव मैरिज के बीच आखिर पति-पत्नी के बीच वो कौन सा और कैसा विवाद था, जिसके चलते सागर ने जहर खा कर जान देने की कोशिश की और राधा ने गले में फंदा लगा कर जान ही दे दी? पुलिस फिलहाल इस पहेली को भी सुलझाने की कोशिश कर रही है. 

हालांकि, शुरुआती तफ्तीश में ये पता चला है कि राधा किसी कंपनी के लिए अपने घर से ही वर्क फ्रॉम होम कर रही थी और अब वो बाहर जाकर काम करना चाहती थी, जबकि सागर इसके लिए तैयार नहीं था. जिसे लेकर दोनों के बीच में कुछ दिनों से अनबन और कहासुनी चल रही थी. लेकिन क्या पति की खुदकुशी की कोशिश और पत्नी की खुदकुशी की इस स्टोरी का यही सच है या फिर कहानी वैसी ही है, जैसा राधा के घर वाले बता रहे हैं. पुलिस को अभी इसी सच का पता लगाना है.

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(झांसी-बबीना से अजय झा का इनपुट)

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