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24 की जगह 16 घंटे में सफर, नाश्ते-खाने के साथ ₹3,000 किराया... अब इस रूट पर दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर

बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल यात्रियों को जल्द तेज और आरामदायक सफर का विकल्प मिल सकता है. साउथ वेस्टर्न रेलवे इस रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है. प्रस्तावित सेवा से यात्रा का समय मौजूदा करीब 24 घंटे से घटकर लगभग 16 घंटे हो सकता है. ट्रेन के 3AC का टिकट करीब ₹3,000 रहने की उम्मीद है, जिसमें नाश्ता और खाना भी शामिल होगा.

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बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रायल के लिए तैयार. (File Photo: X/@RailMinIndia)
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रायल के लिए तैयार. (File Photo: X/@RailMinIndia)

बेंगलुरु से मुंबई के बीच रेल सफर जल्द करीब 16 घंटे में पूरा हो सकता है. साउथ वेस्टर्न रेलवे ने इस रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है. प्रस्तावित ट्रेन के 3AC टिकट का दाम प्रति यात्री ₹3,000 के करीब रहने की उम्मीद है, जिसमें नाश्ता और खाना भी शामिल होगा. फिलहाल बेंगलुरु और मुंबई के बीच चलने वाली मौजूदा ट्रेनों को दोनों शहरों को जोड़ने में करीब 24 घंटे का समय लगता है.

साउथ वेस्टर्न रेलवे ने बेंगलुरु-मुंबई रूट के लिए दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट कमीशन कर दिए हैं. 16-16 कोच वाले दोनों रेक बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) ने तैयार किए हैं. इनका निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के प्रोग्राम के तहत किया गया है. कमीशनिंग से पहले दोनों ट्रेनसेट की टेस्टिंग और इंस्पेक्शन भी किया जा चुका है. अब रेलवे ट्रायल रन की तैयारी कर रहा है.

जल्द शुरू होगा ट्रायल रन

बेंगलुरु के डिविजनल रेलवे मैनेजर अशुतोष कुमार सिंह के मुताबिक, रेलवे ट्रेन के लॉन्च की तैयारी कर रहा है और इसका टाइमटेबल जल्द जारी किया जाएगा. मंजूर रूट पर ट्रायल रन कराया जाएगा. इससे ट्रेन के संभावित जर्नी टाइम का आकलन किया जाएगा और रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) की ओर से स्पीड ट्रायल भी किया जा सकेगा.

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KSR या SMVT, कहां से चलेगी ट्रेन

बेंगलुरु में ट्रेन के शुरुआती स्टेशन को लेकर फिलहाल दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. इनमें क्रांतिवीर संगोल्ली रायण्णा (KSR) स्टेशन और सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) स्टेशन शामिल हैं. एडिशनल डिविजनल रेलवे मैनेजर ऑपरेशंस परीक्षित मोहनपुरिया के मुताबिक, दोनों विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. ट्रेन के प्राइमरी रेक मेंटेनेंस की व्यवस्था भी केएसआर KSR या SMVT बेंगलुरु में की जा सकती है. अंतिम फैसला और टाइमटेबल अभी जारी होना बाकी है.

ट्रेन के 16 में से 11 कोच 3AC होंगे

प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे. इनमें 11 कोच 3AC, 4 कोच 2AC और 1 कोच 1AC का होगा. 3AC का किराया करीब ₹3,000 रहने की उम्मीद है. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन के दोनों दिशाओं से रात में चलने की संभावना है. इसका उद्देश्य यात्रियों को रातभर सफर कर सुबह गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा देना है. रेलवे को उम्मीद है कि फ्लाइट के मुकाबले कम किराया और कम यात्रा समय इस सेवा को यात्रियों के बीच लोकप्रिय बना सकता है.

1,137 किमी का होगा रूट

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सर्विस कल्याण कर्नाटक क्षेत्र से होकर गुजरने वाले प्रस्तावित रूट पर चल सकती है. इसमें रायचूर, यादगीर और कलबुर्गी जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल होंगे. प्रस्तावित रेल रूट करीब 1,137 किलोमीटर लंबा है और पूरी तरह इलेक्ट्रिफाइड व डबल ट्रैक है. इसके ज्यादातर हिस्सों में 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की स्पीड से ट्रेन चलाने की क्षमता है. यही वजह है कि इस रूट को फास्ट ट्रेन सर्विस के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है.

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अभी करीब 24 घंटे लगते हैं

फिलहाल बेंगलुरु और मुंबई के बीच चलने वाली प्रमुख ट्रेनों को करीब 24 घंटे लगते हैं. इनमें उद्यान एक्सप्रेस और SMVT बेंगलुरु-एलटीटी मुंबई एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं. नई वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने के बाद यात्रा समय 8 घंटे घटकर करीब 16 घंटे रहने की उम्मीद है. हालांकि, वास्तविक यात्रा समय ट्रायल रन और अंतिम टाइमटेबल तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा.

हुबली रूट को क्यों नहीं चुना गया?

बेंगलुरु-मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर के लिए पहले हुबली रूट की मांग भी उठी थी. जनप्रतिनिधियों और रेलवे से जुड़े लोगों ने इस विकल्प की पैरवी की थी. हालांकि, रेलवे ने इसके बजाय कल्याण कर्नाटक से होकर जाने वाले रूट को प्राथमिकता दी.

हुबली वाला विकल्प करीब 1,216 किलोमीटर लंबा पड़ता है. इसके कुछ हिस्सों में सिंगल ट्रैक और स्पीड बैन भी हैं. इसके मुकाबले चुना गया 1,137 किलोमीटर का रूट पूरी तरह डबल और इलेक्ट्रिफाइड है, जिससे तेज ट्रेन संचालन के लिए यह ज्यादा उपयुक्त माना गया.

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