सोमवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट पर बंद हुआ. सेंसेक्स और निफ्टी 1 फीसदी से ज्यादा गिरकर बंद हुआ. इस गिरावट का सबसे ज्यादा योगदान हैवीवेट बैंकिंग शेयरों ने दिया. सेंसेक्स 900 अंक गिरकर 73,853 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 250 टूटकर 22,900 पर आ गया.
इस बड़ी गिरावट के चलते निवेशकों की स्टॉक वैल्यूएशन 5 लाख करोड़ रुपये घट गई यानी कि निवेशकों को कुल 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और BSE लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 468 लाख करोड़ रुपये के नीचे आ गया.
Axis Bank का शेयर 4% गिरकर बंद हुआ, जबकि Infosys और Bajaj Finance के शेयर 3% तक गिर गए. Trent, NTPC, HDFC Bank, HUL और Bajaj Finserv के शेयर 2% फीसदी से ज्यादा गिरे. इन सभी शेयरों के साथ ही स्मालकैप और मिडकैप में भी हैवी गिरावट रही.
Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap भी 1% फीसदी गिरकर बंद हुए, जबकि India VIX, जो मार्केट के उतार-चढ़ाव को मापने का इंडिकेटर है, 4% से ज्यादा चढ़कर 14.7 के करीब पहुंच गया. निफ्टी प्राइवेट बैंक 2 फीसदी, जबकि निफ्टी FMCG, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर 1 फीसदी से ज्यादा गिरकर बंद हुए.
शेयर बाजार में क्यों आई गिरावट?
हैवीवेट शेयरों में गिरावट ने मार्केट को और भी तेजी से नीचे खींचा. खासकर Axis Bank और HDFC Bank के शेयर टॉप लूजर रहे. दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद Axis Bank के शेयर 5% से ज्यादा गिरकर बंद हुए और एचडीएफसी बैंक का शेयर 2 फीसदी से ज्यादा टूटा.
ब्रेंट क्रूड ऑयल में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. लेकिन अभी भी कच्चा तेल पिछले हफ्ते से ही हाई पर बना हुआ है और यह 107 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. वहीं डब्लूटीआई कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर है. ऐसे में दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा ज्यादा हो चुका है.
सिर्फ भारतीय बाजार ही नहीं ग्लोबल मार्केट में गिरावट हावी है. जापान का निक्केई 0.64 फीसदी गिरा है, जबकि इंडोनेशिया का मार्केट 5 फीसदी टूट चुका है. कोस्पी में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. वहीं शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में भी भारी गिरावट देखने को मिली थी.
विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक शुक्रवार को नेट खरीदार रहे थे, जिन्होंने 1166 करोड़ के शेयर खरीदे थे. हालांकि, यह खरीदारी तब हुई है, जब इस महीने बहुत ज्यादा बिकवाली हो चुकी है. एफआईआई इस महीने 11 सेशन में से 9 सत्रों में सबसे ज्यादा बिकवाली की है.
आगे इस बात का डर
पिछले हफ्ते के दौरान 2.8 फीसदी की तेजी आई थी, जिसने एक मोमेंट बनाया है. वहीं उम्मीद से अच्छे कुछ नतीजे सामने आए हैं. खासकर आईटी और बैंकिंग सेक्टर में अच्छे नतीजे रहे हैं. हालांकि, होर्मुज को लेकर कच्चे तेल में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि 109 डॉलर के ऊपर तेल की कीमत जाती है तो टेंशन और भी बढ़ सकता है. वहीं निफ्टी का टेक्निकल चार्ट देखें तो यह 23,000 लेवल के आसपास बना हुआ है, जबकि 22,950 और 23,300 सपोर्ट और रेसिस्टेंस है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)