भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए निफ्टी (Nifty) एक बेहद अहम सूचकांक है. इसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा 1996 में लॉन्च किया गया था और इसका पूरा नाम Nifty 50 है. इसमें देश की 50 बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियों के शेयर शामिल होते हैं.
निफ्टी 50 विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे- बैंकिंग, आईटी, ऊर्जा, फार्मा, ऑटोमोबाइल और अन्य सेक्टर. इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
बाजार की दिशा का संकेतक - निफ्टी बढ़ने का मतलब है कि बाजार में सकारात्मक रुझान है और अधिकांश कंपनियाँ अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं.
निवेश की रणनीति - कई म्यूचुअल फंड और ईटीएफ (Exchange Traded Funds) निफ्टी को ही आधार बनाकर निवेश करते हैं.
कम जोखिम, अधिक स्थिरता - चूंकि इसमें 50 बड़ी कंपनियां शामिल हैं, इसलिए यह किसी एक कंपनी के उतार-चढ़ाव पर निर्भर नहीं रहता.
निवेशक सीधे निफ्टी 50 में शामिल कंपनियों के शेयर खरीद सकते हैं या फिर निफ्टी इंडेक्स फंड और ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं. यह तरीका सरल है और लंबी अवधि के लिए बेहतर रिटर्न दे सकता है.
Stock Market Crash पर बुधवार को ब्रेक लग गया और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. BSE Sensex ने तो खुलते ही 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा दी.
भारतीय शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट आई है. सेंसेक्स-निफ्टी इंडेक्स 700 अंक तक टूट चुके हैं और कई दिग्गज शेयर 3 फीसदी तक गिरकर कारोबार कर रहे हैं. सभी सेक्टर रेड जोन में हैं.
भारतीय शेयर बाजार में भले ही लंबे समय से निवेशकों को खास रिटर्न के लिए संघर्ष करना पड़ रहा हो, लेकिन कुछ शेयरों ने इस दौरान शानदार प्रदर्शन किया है. ऐसा ही एक शेयर है, जिसने 2026 में अब तक करीब 74% की छलांग लगाई है.
शेयर बाजार में मंदी के संकेत अब ज्यादा साफ होते दिख रहे हैं. Nifty लगातार दूसरे दिन गिरकर जुलाई के निचले स्तर के करीब पहुंच गया है. टेक्निकल इंडिकेटर्स में भी कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं. ऐसे में 23,635 का स्तर बेहद अहम हो गया है.
Stock Market Fall: शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन खराब शुरुआत हुई. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स ओपनिंग के साथ ही फिसल गए. मार्केट में गिरावट के संकेत पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. सबसे ज्यादा गिरावट आईटी शेयरों में देखने को मिली है.
शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली है. 4 दिनों के बाद सेंसेक्स 600 अंक चढ़ा है, जबकि निफ्टी में भी 70 अंकों से ज्यादा की तेजी देखी जा रही है. रिलायंस के शेयरों में कमाल प्रदर्शन किया है.
इस कंपनी शेयरों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. पिछले एक महीने में शेयर करीब 15 फीसदी और एक साल में 64 फीसदी चढ़ चुका है. अब जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा की बाय रेटिंग और ₹888 के टारगेट प्राइस ने निवेशकों का ध्यान खींचा है. मौजूदा स्तर से करीब 40 फीसदी तेजी की संभावना जताई गई है.
टू-व्हीलर्स बनाने वाली इस दिग्गज कंपनी के शेयरों ने बाजार की कमजोरी के बीच भी निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. बीते एक साल में शेयर करीब 29 फीसदी चढ़ा, जबकि निफ्टी और सेंसेक्स का प्रदर्शन निगेटिव रहा. जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने निवेशकों को इस कंपनी के शेयर खरीदने की सलाह दी है.
शेयर बाजार में भारी गिरावट लगातार हो रही है. पिछले सात सत्रों से शेयर बाजार गिर रहा है और निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब चुके हैं. अब निवेशकों को एक और डर सता रहा है.
टाटा ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई है. वहीं कच्चे तेल के दाम में भी तेजी देखी जा रही है. इन दो वजहों के कारण आज शेयर बाजार बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
हर महीने ₹5,000 की बचत छोटी जरूर लग सकती है, लेकिन सही जगह निवेश करने पर लंबे समय में बड़ा फंड तैयार हो सकता है. सवाल यह नहीं कि FD, RD या SIP में से कौन सबसे बेहतर है, बल्कि यह है कि आपको पैसे की जरूरत कब और किस मकसद के लिए है. 1-2 साल के लक्ष्य के लिए FD, तय बचत के लिए RD और लंबे समय के लक्ष्य के लिए इक्विटी SIP पर विचार किया जा सकता है. हालांकि SIP में बाजार जोखिम भी रहता है.
Wipro Stock करीब तीन दशक के बाद निफ्टी-50 से बाहर होने वाला है और 30 सितंबर से ये बदलाव लागू होगा. वहीं इसकी जगह BSE Ltd Share की एंट्री होगी.
पिछले एक-दो सालों में शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहा है, जिस कारण निवेशकों को नुकसान और प्रॉफिट कम हुआ है. अब इसे लेकर एक दिग्गज निवेशक ने लोगों को मार्केट के उतार-चढ़ाव पर खास सलाह दी है.
Stock Market Fall Again: शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी दिन तेज गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा, जबकि निफ्टी करीब 100 अंक फिसल गया.
चार महीने तक लगातार बिकवाली करने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने जुलाई में भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी की है. उन्होंने 20,200 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. मजबूत कॉरपोरेट नतीजों, स्थिर आर्थिक माहौल और महंगाई में नरमी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया.
Stock Market Surge: सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है. कच्चे तेल की कीमतों में तगड़े उछाल के बाद भी सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही दौड़ लगाते नजर आए हैं.
Stock Market Updates: तनाव कम होने से वैश्विक निवेशकों का बाजार को लेकर भरोसा बढ़ा है. इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है. ब्रेंट क्रूड का भाव चार दिन पहले के $102 प्रति बैरल से गिरकर $92 प्रति बैरल के आसपास आ गया.
Sensex-Nifty की चाल मंगलवार को बदली-बदली नजर आ रही है और निवेशकों में भारी कन्फ्यूजन देखने को मिल रहा है. दोनों इंडेक्स कभी ग्रीन, तो अचानक ही रेड जोन में नजर आ रहे हैं.
कारोबार के दौरान खरीदारी के पॉजिटिव माहौल के बीच घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को तेजी दिखी. सेंसेक्स 965 अंक मजबूत होकर 78 हजार 151 और निफ्टी 262 अंक चढ़कर 24 हजार 334 के स्तर पर बंद हुआ. आईटी और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली.
भारतीय बाजार में शानदार तेजी आई है. सेंसेक्स करीब 600 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 170 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा है.
शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली. निफ्टी करीब 160 अंक टूटकर बंद हुआ तो सेंसेक्स में करीब 600 अंकों की गिरावट देखी गई, जिस कारण निवेशकों के 3 लाख करोड़ रुपये डूब गए.