शेयर बाजार में मंगलवार को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई और ये लगातार जारी नजर आई. दोपहर 2.30 बजे के आसपास बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 427 अंक, तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 145 अंक फिसलकर कारोबार कर रहे थे. इस बीच एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी केपीआई ग्रीन का शेयर बुरी तरह क्रैश नजर आया. KPI Green Share Crash के पीछे कंपनी से जुड़ी आईं दो खबरों को माना जा सकता है.
शेयर के साथ गिरी मार्केट वैल्यू
शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर KPI Green Energy का शेयर अपने पिछले बंद 370 रुपये की तुलना में मामूली गिरावट लेकर 367 रुपये पर खुला था और करीब दो घंटे की ट्रेडिंग के बाद अचानक इस शेयर में गिरावट तेज होने लगी और देखते ही देखते ये 9.09 फीसदी तक क्रैश हो गया और 332.90 रुपये पर आ गया, जो इसका 52 वीक का नया लो-लेवल है. केपीआई स्टॉक में इस गिरावट का असर कंपनी के मार्केट कैपिटल पर भी देखने को मिला और KPI Gree MCap फिसलकर 6750 करोड़ रुपये पर आ गया. हालांकि, शेयर बाजार में कारोबार खत्म होते-होते इसमें रिकवरी देखने को मिली, लेकिन फिर भी ये 4.76 फीसदी फिसलकर 352 रुपये पर क्लोज हुआ.
दो बुरी खबरों से सहमे निवेशक
केपीआई ग्रीन एनर्जी के शेयर में अचानक से आई इस तगड़ी गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो कंपनी से जुड़ी दो खबरों को माना जा सकता है. जहां एक ओर वहीं, जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बीते साल की समान तिमाही के 111 करोड़ रुपये से 14 फीसदी कम होकर 95 करोड़ रुपये रह गया. तिमाही में कंपनी को हुए नुकसान के पीछे केपीआई ग्रीन प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि जियो पॉलिटिकल दबावों के साथ ही बढ़ती लागत के चलते प्रॉफिट में कमी आई है. हालांकि, कंपनी का पूरा फोकस लॉन्गटर्म ग्रोथ पर है.
वहीं दूसरी ओर KPI Green CFO सलीम याहू ने अपनी पारिवारिक आपात स्थितियों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया. इसके बाद निवेशकों में हड़कंप सा मच गया और शेयर क्रैश हो गया. याहू ने अपने इस्तीफे में लिखा कि अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों को देखते हुए, मुझे लगता है कि इस समय मेरे लिए पद छोड़ना और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देना ही उचित है.
5 साल में पांच गुना से ज्यादा पैसा
एनर्जी सेक्टर का ये शेयर भले ही बीते सालभर से अपने निवेशकों को निगेटिव रिटर्न देता हुआ नजर आया है और इस दौरान स्टॉक वैल्यू करीब 35 फीसदी गिर गई है, लेकिन बीते पांच साल में ये मल्टीबैगर स्टॉक (Multibagger Stock) बनकर सामने आया है. दरअसल, इस अवधि में KPI Gree Share Price 58 रुपये से उछलकर 350 के करीब पहुंचा है. ऐसे में निवेशकों को 490 फीसदी रिटर्न मिला है और उनकी निवेश की गई रकम पांच गुना से भी ज्यादा हो गई है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)