बिहार के राघोपुर नाव हादसे को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर राहत और बचाव कार्य में देरी, एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी और अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने हर पीड़ित परिवार को कम से कम तीन डिसमिल जमीन देने और मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों से मिलने की मांग की है. तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'कहते हैं कफन का माप जितना छोटा हो, शव का बोझ उतना ही ज्यादा होता है.'
उन्होंने कहा कि राघोपुर में हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलने पर प्रशासनिक लापरवाही और अनदेखी से जुड़ी कई बातें सामने आईं. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रशासन को घटना की सूचना मिलने के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया.
तीन घंटे की देरी से पहुंचा बचाव दल- तेजस्वी
RJD नेता ने दावा किया कि SDRF की टीम घटनास्थल पर करीब तीन घंटे की देरी से पहुंची. तब तक स्थानीय लोगों ने मिलकर सभी पीड़ितों को पानी से बाहर निकाल लिया था. तेजस्वी ने ये भी आरोप लगाया कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद बचाव दल की टीम कई घंटे तक नाव घुमाती रही.
तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि ग्रामीणों और स्थानीय तैराकों ने जिन बच्चों को पानी से बाहर निकाला, उनमें से कई घंटों तक जिंदा थे और उन्हें बचाया जा सकता था. तेजस्वी के मुताबिक, एंबुलेंस देर से पहुंची और उसमें ऑक्सीजन नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को अस्पताल ले जाने के बाद वहां भी ऑक्सीजन, दवाओं और उचित इलाज की व्यवस्था नहीं थी.
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कम से कम पांच से छह बच्चों की मौत हुई. हालांकि, इन आरोपों और मौतों के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने सरकार की ओर से मिलने वाली चार लाख रुपये की सहायता राशि पर भी सवाल उठाए.
सरकार के मुआवजे की रकम पर उठाए सवाल
RJD नेता ने कहा कि सरकार को राहत के नाम पर सिर्फ चार लाख रुपये देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं माननी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही और स्वास्थ्य व्यवस्था की खराब स्थिति के कारण कई परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया है.
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से तुरंत पीड़ित परिवारों के पास जाने और उनकी बात सुनने की मांग की. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से भी पीड़ित परिवारों से मिलने और यह बताने की मांग की कि इलाज, दवाओं और ऑक्सीजन की कमी के बीच बच्चों की जान कैसे गई. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर जनहित के मुद्दों के बजाय पेड पीआर में लगे रहने का आरोप भी लगाया.
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तेजस्वी यादव ने हर पीड़ित परिवार को कम से कम तीन डिसमिल जमीन देने की मांग की. साथ ही, उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने, समय पर एंबुलेंस मुहैया कराने और अस्पतालों में ऑक्सीजन, दवाओं और उचित इलाज की पूरी व्यवस्था करने की मांग की. उन्होंने राघोपुर नाव हादसे में लापरवाही के लिए सरकार से जवाब मांगा.