सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) बीजेपी के वरिष्ठ नेता है. उन्होंने 15 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
इस तरह करीब 20 साल बाद राज्य को नया मुख्यमंत्री मिला. इसके साथ ही वे भाजपा के पहले और बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने.
उन्हें 14 अप्रैल 2026 को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया. बिहार चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद 20 नवंबर 2025 को नीतीश कुमार की सरकार में सम्राट चौधरी दूसरी बार उपमुख्यमंत्री बने.
वह मार्च 2023 से भाजपा बिहार राज्य इकाई के पार्टी अध्यक्ष रहे हैं. सम्राट चौधरी विधानसभा के सदस्य और राष्ट्रीय जनता दल सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. उन्होंने 2025 विधानसभा चुनाव में तारापुर सीट से जीत हासिल की.
बिहार राज्य के लिए भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं और 2019 में अपना पहला कार्यकाल समाप्त होने के बाद 2020 में एमएलसी के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए चुने गए. 2014 में सम्राट ने तेरह विधायकों को पार्टी से अलग करके राष्ट्रीय जनता दल में विभाजन की योजना बनाई थी, बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए. 2022 में, उन्हें बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में चुना गया (Samrat Choudhary Political Career).
चौधरी कोइरी जाति से हैं और वह लंबे समय से भाजपा का ओबीसी चेहरा रहे हैं. उनका जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर के लखनपुर गांव में हुआ था. उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद रहे हैं और मां पार्वती देवी तारापुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रही हैं. अपनी बुनियादी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की. उनकी पत्नी का नाम ममता कुमारी है और उनके दो बच्चे हैं (Samrat Choudhary Family and Education).
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने अपनी पहली बड़ी जनसंपर्क यात्रा 'सद्भाव यात्रा' की शुरुआत पश्चिम चंपारण से की है. उनके पिता ने भी अपनी राजनीतिक यात्राएं यहीं से शुरू की थीं. ये यात्रा निशांत के लिए राजनीतिक अनुभव जुटाने और जेडीयू में अपनी अलग पहचान बनाने का मौका है.
बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार राजनीतिक बैठकें और मुलाकातें कर रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को वह जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अशोक चौधरी के आवास पर पहुंचे, जहां पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे.
बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पूर्व सीएम नीतीश कुमार और अन्य नेताओं से लगातार मुलाकातें इस ओर इशारा कर रही हैं कि जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है.
महिला आरक्षण के बहाने बीजेपी इन दिनों विपक्षी दलों को सियासी कठघरे में खड़े करने की कवायद में जुटी है. ऐसे में बीजेपी अब नितिन नवीन की टीम के जरिए महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का ड्रीम पूरा करेगी, जिसमें पार्टी की नई कार्यकारिणी में महिलाओं को खास तवज्जे दी जाएगी.
चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी में बड़े बदलाव की तैयारी तेज हो गई है. संगठन से लेकर सरकार तक कई अहम फैसले मई में लिए जा सकते हैं. यूपी और बिहार में कैबिनेट विस्तार के साथ नई टीम का गठन पार्टी की प्राथमिकता है. इन बदलावों का मकसद आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक संतुलन मजबूत करना और नए चेहरों को मौका देना माना जा रहा है.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार संभालने के बाद राज्य की प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी. गुरुवार को सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ हुई उनकी पहली औपचारिक बैठक में विकास और सुरक्षा का 'ब्लूप्रिंट' साझा किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करना और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
बिहार राजस्व सेवा महासंघ ने राज्य में लंबे अरसे से चली आ रही सीओ यानी अंचल अधिकारियों की हड़ताल को खत्म करने का औपचारिक फैसला किया है. राज्य के CO अपनी तमाम मांगों को लेकर बीते 9 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे.
बिहार में भी नाम बदलने की राजनीति अब जोर पकड़ती दिख रही है. सम्राट सरकार ने जू और डेयरी संस्थान के नाम से संजय गांधी का नाम हटा दिया है. वहीं, 125 यूनिट फ्री बिजली देने के लिए बजट आवंटित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.
बिहार में सत्ता बदलते ही राजनीति के तौर तरीके भी बदल गए हैं. नीतीश कुमार ने दो दशक तक सुशासन वाली छवि बनाए रखा तो सम्राट चौधरी ने सत्ता की कमान संभालते ही योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर मॉडल पॉलिटिक्स के जरिए अलग छवि बनाने में जुटे हैं?
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो टूक कहा है कि बुलडोजर एक्शन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि निजी जमीन पर कानूनी तौर पर वैध निर्माण पर बुलडोजर नहीं चलेगा, लेकिन अतिक्रमण पर नरमी नहीं बरती जाएगी.
बिहार विधानसभा में आज जबरदस्त वाक युद्ध देखने को मिला. मौका था सम्राट चौधरी सरकार के विश्वास मत हासिल करने का. विश्वास मत के दौरान बोलते हुए तेजस्वी यादव ने बिहार में बीजेपी के पहले सीएम सम्राट चौधरी पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि आप अपनी पगड़ी संभालिए. क्योंकि विजय सिन्हा जी की नजर आपके पगड़ी पर लगी हुई है. साथ ही तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर तंज सकते हुए ये भी कहा कि इलेक्टेड सीएम से सेलेक्टेड सीएम बनने पर आपकी ही पार्टी के लोग आपसे खुश नहीं है.
बिहार के नए सीएम सम्राट चौधरी को विधानसभा में विश्वास मत हासिल हो गया है. जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन्हें बधाई भी दी और बिहार के नए डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं इस प्रदेश के इसका एक ऐतिहासिक महत्व है.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत एनडीए के सभी सहयोगी दलों का आभार जताया.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पिछले 20 सालों से राज्य में एनडीए की सरकार है और सुशासन की नींव नीतीश कुमार ने रखी. उन्होंने कहा कि बिहार में सरकारी नौकरियों की बहार आई है.
बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई सरकार का विश्वास प्रस्ताव पेश किया. इस दौरान सम्राट चौधरी ने लालू यादव पर जमकर हमला बोला. सम्राट चौधरी ने साथ ही कहा कि वह सभी के आशीर्वाद से यहां बैठे हैं. लालू यादव और नीतीश कुमार पर सम्राट चौधरी क्या बोले? सुनें.
बिहार विधानसभा में नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार के फ्लोर टेस्ट के लिए विशेष बैठक बुलाई गई. इस दौरान विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए नीतीश कुमार और बीजेपी पर तीखा हमला किया. तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को 'फिनिश' कर दिया.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करना है. बिहार विधानसभा का नंबरगेम एनडीए के पक्ष में है और सत्तापक्ष का संख्याबल सदन में 201 है.
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सियासी भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही है. लेकिन निशांत ने खुद फैसला किया है सरकार और संगठन में कोई रोल अदा करने से पहले अपना पावर ग्राउंड तैयार करेंगे. ऐसे में निशांत कुमार के लिए जून का महीना राजनीतिक रूप से अहम होना है.
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी की पहली कैबिनेट बैठक 22 अप्रैल को हुई. इसमें कुल 22 एजेंडों पर मुहर लगाई गई. ये बैठक करीब एक घंटे तक चली और कई अहम फैसले लिए गए, जिनका असर राज्य के शहरी विकास और कानून-व्यवस्था पर देखने को मिलेगा.
नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री की कुर्सी भले ही छोड़ दी हो, लेकिन बिहार की राजनीति पर अपना सियासी दबदबा बनाए रखना चाहते हैं. ऐसे में उन्होंने बेटे निशांत कुमार के साथ बिहार की यात्रा पर निकल रहे हैं तो दूसरी तरफ जेडीयू विधायकों को 200 सीटों का टारगेट दिया है. ऐसे में नीतीश कुमार के मन में क्या चल रहा है?
बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार के लिए सुगबुहाहट तेज हो गई है. बिहार के नए सीएम सम्राट चौधरी आज दिल्ली पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का ये पहला दिल्ली दौरा है. सीएम बनने के बाद वो पहली बार पीएम मोदी से भी मिले हैं. इस दौरान उनकी मुलाकात पीएम मोदी के अलावा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से भी हुई है. दिल्ली रवाना होने से पहले सम्राट चौधरी जेडीयू के ललन सिंह से मिले. माना जा रहा है कि ये मुलाकात मंत्रिमंडल विस्तार के लिहाज से काफी अहम है.