यमन के बाब अल-मंदेब में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मिस्र के कार्गो शिप 'तिहामा' पर हमला कर दिया. इस हमले में चालक दल के तीन पाकिस्तानियों और एक इंडोनेशियाई नागरिक की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए हैं. 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद हूती हमले में मौतों का ये पहला मामला है.
यमन के परिवहन मंत्रालय ने मंगलवार को इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में मिस्र के कार्गो शिप 'तिहामा' पर हमला कर दिया है. हमले के बाद चालक दल का जहाज पर से नियंत्रण खत्म हो गया, जिसकी वजह से चालक दल के तीन पाकिस्तानियों, एक इंडोनेशियाई नागरिक की मौत हो गई.
यमन के कोस्ट गार्ड ने बताया कि बचाव दल के पहुंचने के बाद जब हूती लड़ाकों ने कथित तौर पर दूसरा हमला किया तो यमन की हूती-विरोधी 'नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज' के दो बचावकर्मी भी मारे गए हैं. इस घटना में 10 लोग घायल हुए, जिनमें चालक दल के 7 सदस्य, तटरक्षक बल के दो कर्मी और 'नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज' का एक सदस्य शामिल है.
पेरिम द्वीप के पास हुआ हमला
ब्रिटिश नौसेना से संबद्ध यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने रिपोर्ट में बताया कि बाब अल-मंदेब में एक पोत पर अज्ञात वस्तु से हमला किया गया. समुद्री सुरक्षा फर्म एंब्रे (Ambrey) के अनुसार, ये घटना तब हुई जब जहाज पेरिम द्वीप के उत्तर-पूर्व में लंगर डाले हुए था. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने डेक की तस्वीरों के आधार पर पोत की पहचान 'तिहामा' के रूप में की है. एंब्रे ने स्पष्ट किया कि यह जहाज सऊदी के स्वामित्व वाला नहीं था और मिस्र की कंपनियों द्वारा संचालित था.
रेड सी में बढ़ा तनाव
उधर, हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब में सऊदी सैन्य उपकरण ले जा रहे एक पोत पर हमले का दावा किया. हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि उन्हें किसी पोत पर हमला किया है. हूतियों ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ लाल सागर में समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की थी. इस हमले और जारी तनाव के कारण बाब अल-मंदेब और लाल सागर में जहाजों की आवाजाही 50 प्रतिशत से अधिक गिर गई है. क्पलर (Kpler) के आंकड़ों के मुताबिक दैनिक जहाजों की संख्या घटकर औसत 32 रह गई है.
होर्मुज में भी शिप की आवाजाही ठप
वहीं, एक अन्य घटना में पनामा के झंडे वाले कंटेनर पोत 'वेला नोवा' पर पाकिस्तान तट के पास ओमान की खाड़ी की ओर जाते वक्त मिसाइल से हमला किया गया.
वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर ने ईरान से जुड़े जहाजों की नाकेबंदी से बचने की कोशिश करने पर पोत पर हेलफायर मिसाइल दागी. इस बीच तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भी जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जहां सोमवार को केवल 6 जहाज ही गुजर सके. जबकि 10 दिनों का औसत लगभग 11 जहाजों का है और युद्ध से पहले यहां रोजाना लगभग 130 से 140 जहाज गुजरते थे.