मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ईरान के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं. वे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं. उनका जन्म वर्ष 1969 में ईरान की राजधानी तेहरान में हुआ था. हालांकि वे किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, फिर भी ईरान की राजनीति और सत्ता के गलियारों में उनका प्रभाव काफी माना जाता है.
फरवरी 2026 में ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले में अयातुल्लाह खामेनेई के मरने के बाद में ईरान के नए सुप्रीम लीडर पद पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई की ताजपोशी हुई है.
मोजतबा खामेनेई ने अपनी शुरुआती पढ़ाई ईरान में ही की. इसके बाद उन्होंने इस्लामी धर्मशास्त्र (धार्मिक शिक्षा) की पढ़ाई शुरू की. वे शिया इस्लाम के धार्मिक अध्ययन से जुड़े रहे और कई धार्मिक संस्थानों से उनका संबंध बताया जाता है. धार्मिक पढ़ाई के कारण वे ईरान के धार्मिक वर्ग में भी जाने-पहचाने जाते हैं.
कहा जाता है कि मोजतबा खामेनेई ईरान की राजनीति में पर्दे के पीछे से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वे अपने पिता के करीबी सलाहकारों में शामिल हैं और कुछ बड़े राजनीतिक फैसलों में उनका प्रभाव देखा जाता है. हालांकि इस बारे में आधिकारिक तौर पर बहुत कम जानकारी सामने आती है, क्योंकि वे आम तौर पर सार्वजनिक रूप से कम दिखाई देते हैं.
ईरान की राजनीति में उनका नाम खास तौर पर 2009 के राष्ट्रपति चुनाव के समय चर्चा में आया था. उस चुनाव के बाद जब देश में विरोध प्रदर्शन हुए, तब कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि मोजतबा खामेनई का सत्ता के निर्णयों में प्रभाव है. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई और सरकार की ओर से भी इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की गई.
मोजतबा खामेनेई के बारे में एक और वजह से भी चर्चा होती रहती है. कुछ राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में वे अपने पिता के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता बन सकते हैं. हालांकि ईरान में सर्वोच्च नेता का चयन एक विशेष धार्मिक और राजनीतिक प्रक्रिया के जरिए होता है, इसलिए यह केवल संभावनाओं के रूप में ही देखा जाता है.
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतवा खामनेई ने अमेरिका पर कड़ा हमला किया है. उन्होंने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौतों का बार-बार उल्लंघन यह दर्शाता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर की विश्वसनीयता समाप्त हो चुकी है.
जॉर्डन में ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद ईरान-अमेरिका तनाव और बढ़ गया है. इस बीच मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि हमले जारी रहे तो उसका जवाब भी वैसा ही मिलेगा.
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने ईरान की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि देश की जनता को सुप्रीम लीडर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहना होगा. हमें दुश्मन की सैन्य गतिविधियों से डरना नहीं होगा. ईरान के लिए आगे की राह मुश्किल है लेकिन हमें एकजुट रहना होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एक सीक्रेट परमाणु साइड पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) को निशाना बनाने की खुली धमकी दी है. ये साइट ईरान के जाग्रोस माउंटेन रेंज में स्थित है और अमेरिका इसे सीक्रेट यूरेनियम एनरिचमेंट या उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडारण स्थल के रूप में देख रहा है.
ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हुए. भारत सरकार ने इस हमले पर कड़ी आपत्ति जताई और नई दिल्ली में ईरानी राजनयिकों को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है और मोजतबा खामेनेई भी लगभग खत्म हैं. उन्होंने ईरान पर नाकाबंदी लगाने और होरमुज से गुजरने वाले जहाजों से पैसे वसूलने का ऐलान किया. अमेरिका ने खुद को इस जलमार्ग का रक्षक बताया और 20 प्रतिशत रकम मांगने का प्रस्ताव रखा.
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की अचानक मौत के बाद ईरान के बड़े अखबारों ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को कड़ी चेतावनी दी है. ईरानी अखबारों ने ग्राहम की मौत को अमेरिका के खिलाफ एक संदेश के रूप में पेश किया है. ईरान ने एक हिट लिस्ट तैयार की है जिसमें ट्रंप और नेतन्याहू समेत 13 नेताओं के नाम शामिल हैं.
आयतुल्ला खामेनेई के जनाजे में दिखे नकाबपोश शख्स से अब सस्पेंस का पर्दा उठ गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई के अंतिम संस्कार में पहुंचा यह शख्स मोजतबा नहीं बल्कि आयतुल्ला का सबसे पड़ा पोता मोहम्मद जवाद खामेनेई था. जो कि आयतुल्ला खामेनेई के सबसे बड़े बेटे मुस्तफा का बेटा है. 28 फरवरी को अमेरिकी हमले में आयतुल्ला खामेनेई समेत उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई थी.
अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी के संयुक्त हमले में आयतुल्ला खामेनेई समेत परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई थी. इस हमले में जवाद खामेनेई को भी चोटें आई थीं. उनका चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं. इन्हीं चोटों की वजह से जवाद ने अपना चेहरा पूरी तरह से ढका हुआ था.
ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज पर तनाव बढ़ गया है. ईरान ने जहाजों पर हमला कर खाड़ी को बंद किया. बदले में ट्रंप ने 300 टारगेट्स तबाह किए. ईरान ने जॉर्डन, बहरीन समेत कई अमेरिकी बेसों पर मिसाइलें दागीं.
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की कसम दोहराई है. मोजतबा ने कहा है कि 'शहीद नेता का बदला लेना देश की मांग है और ये हर हाल में लिया जाएगा. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के अवसर पर इस बयान को जारी किया गया,
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. दोनों देशों के नेताओं के ताजा बयानों ने क्षेत्रीय हालात को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी सैन्य प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है, जबकि ईरान ने मौजूदा परिस्थितियों में बातचीत से इनकार किया है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौतों के उल्लंघन के आरोप भी लगा रहे हैं.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने एक लिखित संदेश में अपने मारे गए पिता और दो युद्धों में शहीद हुए सभी लोगों के खून का बदला उन लेने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि यह बदला ईरानी राष्ट्र की मांग है और इसे हर हाल में लिया जाएगा. मोजतबा ने पिता के जनाजे में शामिल होने वाले लोगों का आभार जाहिर किया.
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिका और इजरायल पर तीखे आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के लिए न्याय और जवाबदेही की मांग जारी रहेगी. अपने संबोधन में उन्होंने देश की एकजुटता पर जोर दिया और कहा कि ईरान अपने सिद्धांतों तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. होर्मुज पर ईरानी हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के 170 से अधिक ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते को रद्द करते हुए कहा है कि विवाद का समाधान अब युद्ध के मैदान पर होगा.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है. हालिया घटनाक्रम में दोनों देशों की ओर से सैन्य कार्रवाई और कड़े बयान सामने आए हैं. क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं. विभिन्न दावे और जवाबी दावे किए जा रहे हैं, जबकि कई घटनाओं पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. दुनिया की नजर अब दोनों देशों के अगले कदमों पर बनी हुई है.
आज तक की इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में उस तेहरान की तस्वीर सामने आई है, जो शोक की स्थिति से निकलकर सामान्य जीवन की ओर बढ़ रही है. यह बदलाव एक सप्ताह तक चले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों के बाद देखने को मिला है.
ईरान ने अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को मुस्लिम दुनिया की एकजुटता और अपने शक्ति प्रदर्शन का जरिया बनाने की कोशिश की है. 8 जुलाई को अली खामेनेई का शव अपने देश की सरहदों को पार करते हुए उस देश में पहुंचेगा जिसके खिलाफ ईरान ने 8 साल तक लड़ाई लड़ी थी. लेकिन अब इतिहास की सच्चाइयों पर वर्तमान की हकीकत भारी पड़ रही है.
आयतुल्ला खामेनेई के पार्थिव शरीर को अब कोम ले जाया जाएगा, जहां मंगलवार को खामेनेई के अंतिम संस्कार संबंधी समारोह होंगे. एक सरकारी अधिकारी के हवाले से ईरानी मीडिया ने बताया कि कोम तक पार्थिव शरीर को विशेष वाहन से सड़क मार्ग द्वारा ले जाया जाएगा. इसके बाद बुधवार को पार्थिव शरीर को विमान से इराक के पवित्र शिया शहर नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा.
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में आज 30 से ज्यादा देश और गैर-राज्य संस्थाओं के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए. उनके जनाजे में कुरान की विभिन्न आयतें पढ़ी गईं, जो धार्मिक होने के साथ-साथ गहरे कूटनीतिक संदेश भी थीं. सऊदी अरब, रूस, चीन, भारत और बाकी देशों के लिए अलग-अलग आयतें चुनी गईं, जो उनके राजनीतिक और धार्मिक संबंधों को दिखाती थीं.
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दूसरे दिन तेहरान में लाखों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे. इस दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगे. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर तीखा बयान देकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा दिया.