Kachori Capital of India: भारत में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जिसे गरमा-गरम कचौड़ी पसंद न हो. बाहर से कुरकुरी और अंदर से मसालेदार स्टफिंग से भरी कचौड़ी का स्वाद हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. देश के अलग-अलग राज्यों में इसकी कई किस्में मिलती हैं. कहीं दाल कचौड़ी मशहूर है, तो कहीं प्याज कचौड़ी, आलू कचौड़ी या खस्ता कचौड़ी लोगों की पहली पसंद होती है.
सुबह के नाश्ते से लेकर शाम की चाय तक, कचौड़ी भारतीय खानपान का एक अहम हिस्सा बन चुकी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा शहर भी है, जिसकी पहचान ही कचौड़ी के नाम से बन गई है? यहां हर सुबह पुरानी गलियों में गर्म तेल में छनती कचौड़ियों की खुशबू फैल जाती है और दुकानों के बाहर स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दूर से आए पर्यटकों की भीड़ लग जाती है.
कई दशकों से चली आ रही यह पारंपरिक रेसिपी और अनोखे स्वाद ने इस शहर को पूरे देश में अलग पहचान दिलाई है. यही वजह है कि इसे भारत का कचौड़ी कैपिटल कहा जाता है. आइए जानते हैं आखिर कौन-सा है यह शहर और क्यों यहां की कचौड़ी इतनी खास मानी जाती है.
भारत का कचौड़ी कैपिटल कौन-सा शहर है?
राजस्थान के पूर्वी हिस्से में स्थित भरतपुर को भारत की कचौड़ी की राजधानी माना जाता है. यह शहर अपनी समृद्ध खानपान संस्कृति और खासतौर पर नाश्ते में मिलने वाली स्वादिष्ट कचौड़ियों के लिए मशहूर है. सुबह होते ही यहां की पुरानी गलियों और बाजारों में दशकों पुरानी कचौड़ी की दुकानों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं.
भरतपुर की मशहूर कचौड़ियां
भरतपुर में कई तरह की कचौड़ियां बनाई जाती हैं, जिनका स्वाद हर किसी को पसंद आता है.
इन सभी कचौड़ियों को आमतौर पर मसालेदार आलू की सब्जी, इमली की चटनी या हरी चटनी के साथ परोसा जाता है, जिससे इनका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. अजमेर में कढ़ी के साथ कचौड़ी खाई जाती है.