ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं. इसी कड़ी में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन रजा नकवी मंगलवार को तेहरान पहुंचे. उनका यह अचानक हुआ दौरा ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान का दावा है कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं.
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों और आपसी मुद्दों पर बात करने के लिए हो रहा है. हालांकि पाकिस्तान या ईरान की सरकार ने अभी तक इस यात्रा पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है. इससे ठीक एक महीने पहले ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी भी बातचीत के लिए इस्लामाबाद आए थे. उस दौरान उनकी मोहसिन रजा नकवी से मुलाकात हुई थी. अब नकवी का तेहरान दौरा उसी बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है.
रॉयटर्स के मुताबिक, ब्लूमबर्ग न्यूज से बातचीत में पाकिस्तान ने कहा है कि अमेरिका और ईरान शांति के लिए किसी तरह के समझौते के करीब पहुंच गए हैं. हालांकि, इस दौरे की पाकिस्तान और ईरान की तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
शांति के रास्ते में कहां फंसा है पेंच?
पश्चिम एशिया में शांति कायम करने के लिए पाकिस्तान लगातार कतर जैसे देशों के साथ मिलकर बीच-बचाव कर रहा है. इस पूरी लड़ाई की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी है, जिसने समुद्री रास्तों को पूरी तरह से रोक रखा है.
इससे पहले जून के महीने में दोनों देशों ने एक शुरुआती समझौते पर दस्तखत किए थे. इसके तहत शांति वार्ता के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया था और स्विट्जरलैंड में एक बड़ी बैठक भी हुई थी. लेकिन पिछले महीने दोनों तरफ से दोबारा हमले शुरू हो गए, जिसकी वजह से वह बातचीत पूरी तरह से टूट गई थी.
अचानक शुरू हुई इस नई हलचल से एक बार फिर उम्मीद जगी है. दुनिया भर के देशों की नजरें इस वक्त तेहरान में हो रही बैठकों पर टिकी हैं. अगर पाकिस्तान की यह मध्यस्थता काम कर जाती है, तो क्षेत्र में जारी बड़ा संकट टल सकता है और व्यापारिक रास्ते भी दोबारा खुल सकते हैं.