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ईरान से अगले साल तक युद्ध की तैयारी कर रहा अमेरिका? बड़ा खुलासा

ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती को 2027 तक बढ़ाने की तैयारी कर ली है. रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सैनिकों की तैनाती को अगले साल तक बढ़ा दिया है.

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अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि सेना गल्फ में तैनात रहेगी. (Photo- CENTCOM)
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि सेना गल्फ में तैनात रहेगी. (Photo- CENTCOM)

ईरान के साथ अमेरिका की जंग क्या अगले साल तक भी जारी रह सकती है? वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट ने इस सवाल को और गहरा कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य तैनाती को 2027 तक बढ़ा दिया है. इससे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष अगले साल तक खिंच सकता है.

रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिका की इस तैनाती के तहत करीब 50 हजार अमेरिकी सैनिक मध्य पूर्व में बने रहेंगे. इसके अलावा अमेरिका ने क्षेत्र में 19 युद्धपोत, एयर डिफेंस यूनिट, लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन और पैराट्रूपर्स भी तैनात कर रखे हैं.

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गल्फ में क्यों तैनात रहेगी अमेरिकी सेना?

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, यह तैनाती फिलहाल किसी निश्चित समयसीमा तक सीमित नहीं है. इसका मकसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास सैन्य विकल्प खुले रखना है. हालांकि, इस लंबे समय तक चलने वाली तैनाती का असर अमेरिकी सैनिकों और उनके परिवारों पर भी पड़ रहा है. साथ ही सैन्य उपकरणों के रखरखाव का बैकलॉग भी बढ़ रहा है, जिसे दूर करने में कई साल लग सकते हैं.

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आर्थिक दबाव से ईरान को रोकने की कोशिश

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों के साथ निजी बातचीत में यह सवाल भी उठाया है कि क्या अमेरिका को ईरान के साथ जंग को खत्म घोषित कर देना चाहिए. हालांकि, दूसरी तरफ ट्रंप का मानना है कि लगातार आर्थिक दबाव बनाकर ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए मजबूर किया जा सकता है.

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ट्रंप का यह भी मानना है कि लंबे समय तक आर्थिक दबाव के चलते ईरान की सरकार के गिरने की स्थिति भी बन सकती है. ऐसे में अमेरिका की 2027 तक की सैन्य तैनाती यह संकेत दे रही है कि वॉशिंगटन फिलहाल ईरान के खिलाफ अपने सैन्य विकल्प खुले रखना चाहता है.

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