उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े पांच सितंबर को पहली बार लखनऊ के दौरे पर आ रहे. लखनऊ दौरा भव्यता और तामझाम से दूरी बनाकर तावड़े पूरी तरह सादगी के साथ करने का प्लान बनाया है. सूत्रों की माने तो तावड़े ने बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्वागत के लिए लगाई जाने वाली होर्डिंग और रोड शो लिए मना किया है.
उत्तर प्रदेश बीजेपी के नए चुनाव प्रभारी विनोद पदभार संभालने के बाद राज्य के अपने पहले आधिकारिक प्रवास के दौरान तावड़े ने साफ संदेश दिया कि उनका पूरा ध्यान शक्ति प्रदर्शन के बजाय जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर होगा.
विनोद तावड़े 2027 के विधानसभा चुनवा को धार देने और व्यूहरचने के लिए पांच सितंबर को लखनऊ पहुंच रहे हैं. तावड़े को चुनावी प्रबंधन और संगठन का कुशल खिलाड़ी कहा जाता है. 2024 लोक सभा चुनाव में यूपी के पार्टी को बड़ा झटका लगने के बाद भाजपा ने रणनीति को बदला. ऐसे में सभी की निगाहें विनोद तावड़े के दौरे पर है.
विनोद तावड़े का पहला दौरा होगा सादगी भरा
चुनावी माहौल के बीच जब किसी प्रभारी का दौरा होता है तो नेता स्वागत के लिए पूरी ताकत झोंक दे देते हैं और शक्ति प्रदर्शन दिखाने की होड़ होती है. सूत्रों की माने तो यूपी बीजेपी प्रधारी विनोद तावड़े ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को उनके स्वागत में शहर भर में पोस्टर-होर्डिंग लगाने या एयरपोर्ट से लेकर प्रदेश मुख्यालय तक भव्य रोड शो आयोजित करने से मना कर दिया है.
विनोद तावड़े ने लखनऊ में पब्लिक को किसी भी तरह का कोई प्रोब्लम ना हो. इसलिए प्रचार प्रसार तड़क भड़क से दूर रहने के निर्देश दिए है.
विनोद तावड़े एयरपोर्ट पहुंचने पर औपचारिक स्वागत के बाद वे सीधे पार्टी मुख्यालय पहुंचेंगे, जहां उन्होंने किसी भी तरह की फिजूलखर्ची या आडंबर से दूर रहकर वरिष्ठ पदाधिकारियों, अवध क्षेत्र के नेताओं और जिला प्रभारियों के साथ बैक-टू-बैक बैठकें कर चुनावी रणनीति मनाने का काम करेंगे.
लखनऊ में सीधा संवाद और बैठक का प्लान
विनोद तावड़े लखनऊ में बैक-टू-बैक बैठकें करेंगे. सूत्रों की माने तो तावड़े ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वह पोस्टरों में समय गंवाने के बजाय बूथ स्तर पर जाकर जनता से जुड़ें, उनका मुख्य जोर 'बूथ जीतो, चुनाव जीतो' के मंत्र पर रहा. तावड़े के इस रुख ने यूपी भाजपा के कार्यकर्ताओं को साफ संकेत दे दिया है कि आगामी 2027 विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी में काम करने वाले नेताओं को तवज्जो मिलेगी, न कि होर्डिंग-बैनर लगाने वालों को.
तावड़े ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वह पोस्टरों में समय गंवाने के बजाय मिशन-2027 में जुड़ने और बीजेपी को जिताने के लिए होगा. उनका मुख्य जोर 'बूथ जीतो, चुनाव जीतो' के मंत्र पर रहने वाला है.
मिशन-2027 को फतह करने का बनाएंगे प्लान
यूपी में चुनावी व्यूहरचना बनाने में जुटी बीजेपी को नए प्रयोगों को धार देने के लिए विनोद तावड़े पहुंच रहे हैं. लखनऊ में यूपी के चुनावी और सांगठनिक समीकरणों को मथेंगे. वह दो पालियों में बैठक करने के साथ ही मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, संघ के पदाधिकारियों और अन्य दिग्गजों में मिलकर कार्यकर्ताओं के लिए होमवर्क बनाएंगे.
तावड़े को चुनावी प्रबंधन और संगठन का कुशल खिलाड़ी कहा जाता है. 2024 लोक सभा चुनाव में यूपी के पार्टी को बड़ा झटका लगने के बाद भाजपा ने रणनीति को बदला. विनोद तावड़े को यूपी के दौरे पर भेजना शुरू किया. पिछले एक वर्ष से यूपी के चुनावी मनोविज्ञान को समझने के लिए लखनऊ और वाराणसी समेत प्रदेश के कई हिस्सों का दौरा किया. अब पार्टी ने प्रदेश प्रभारी बनाकर साफ कर दिया कि उनके अनुभव और कौशल का चुनावी फायदा 2027 विधान सभा चुनाव में लिया जाएगा.