अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान पर रहम करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं. वॉशिंगटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान पर एक और भीषण हमला करने के लिए तैयार है.
इस दौरान ट्रंप ने यूक्रेन-रूस जंग और तेल की बढ़ती कीमतों को भी लेकर भी अपनी बात सामने रखी. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हाल ही में ईरान के खिलाफ फिर से शुरू किया गया सैन्य अभियान बहुत लंबे समय तक नहीं चलेगा.
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपने रडार और मिसाइल प्रणालियों को दोबारा तैयार करने की कोशिश कर रहा था. ईरान एक ऐसा रॉकेट बनाने की कोशिश कर रहा था जो बारूदी सुरंगें गिरा सके. हमने ताजा हमलों में उसे नष्ट कर दिया.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और तेल की कीमतें बढ़ने पर उन्होंने कहा कि मैंने तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक में कीमतें बढ़ाकर मुनाफाखोरी का मुद्दा उठाया. ट्रंप ने कहा कि वे चाहते हैं कि खुदरा स्तर पर पेट्रोल/गैस की कीमतें कम हों.
रूस-यूक्रेन जंग पर भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि जब उन्हें लगेगा कि यूक्रेन में शांति समझौता करने के लिए सही समय आ गया है, तब वे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर बैठक करना चाहेंगे.
बता दें कि हाल ही में अमेरिकी सेना ने ईरान के लारक आईलैंड पर हमला किया था. कार्रवाई में IRGC के दो सैन्य लॉन्च सिस्टम को निशाना बनाया गया. अमेरिका का दावा है कि IRGC के जवान इन रॉकेट लॉन्चरों से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइंस डालने की तैयारी कर रहे थे.
पलटवार करते हुए ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी बेस पर मिसाइल दागे. जॉर्डन और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलों से अटैक किया गया. इसका असर ऑयल मार्केट में भी देखा गया और तेल की कीमतें बढ़ गई.